चंडीगढ़- क्या गलत दुकान पर फायरिंग कर गए बदमाश:श्री कुमार मेडिकल के कैशियर को गोलियां मारीं; पोस्ट में लिखा- कुमार ब्रदर्स का मर्डर किया

Actionpunjab
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चंडीगढ़ के श्री कुमार मेडिकल स्टोर पर शनिवार दोपहर को ताबड़तोड़ फायरिंग कर दुकान के कैशियर जानकी दास की हत्या कर दी गई। अब इस मामले में सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाली पोस्ट और जिस दुकान पर फायरिंग हुई है, उसे लेकर मामला संदिग्ध नजर आ रहा है। हमलावरों की तरफ से सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेते हुए कहा गया है कि कुमार ब्रदर्स की हत्या की जिम्मेदारी हम लेते हैं। जबकि, इलाके में कुमार ब्रदर्स के नाम से एक अलग दुकान है और जिस दुकान पर फायरिंग की गई, उसका नाम श्री कुमार है। ऐसे में अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि फायरिंग का असली निशाना कौन था? वहीं, इस मामले में चंडीगढ़ के SSP ट्रैफिक एंड सिक्योरिटी समर प्रताप सिंह ने बताया कि श्री कुमार के मालिकों को कभी किसी गैंगस्टर की तरफ से धमकी नहीं मिली थी। जबकि, सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया है कि जो हमारे फोन की घंटी नहीं सुनेगा, उसके कान इसी तरह खोले जाएंगे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कहीं हमलावरों गलत दुकान पर जाकर हत्या तो नहीं कर गए? चंडीगढ़ के कारोबारी का है श्री कुमार मेडिकल स्टोर चंडीगढ़ PGI के पास सेक्टर-11 स्थित जिस श्री कुमार मेडिकल स्टोर पर गोलियां चलीं, उस फर्म में तीन पार्टनर्स हैं। इसमें चंडीगढ़ के निवासी राजीव गर्ग मुख्य हैं। वहीं, इनके बाकी 2 पार्टनर अन्य राज्यों से हैं। आसपास दुकान चलाने वाले लोगों ने बताया है कि राजीव गर्ग और उनके पार्टनर्स ने मशहूर कुमार ब्रदर्स फर्म के नाम का फायदा उठाकर लाभ कमाने के लिए अपनी फर्म को श्री कुमार नाम से रजिस्टर्ड कराया है। कुमार ब्रदर्स इस फील्ड में पुराने और बड़े नाम हैं। कुमार ब्रदर्स का मार्केट में बड़ा नाम मार्केट में कुमार ब्रदर्स काफी पुरानी फर्म है। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, पहले ये 3 भाइयों अश्वनी कुमार सिंगला, प्रमोद कुमार और विनोद कुमार की साझेदारी में केवल एक ही दुकान थी। 3 भाइयों में से एक की मौत के बाद बाकी दो भाइयों ने अलग-अलग फर्म बना लीं। मौजूदा समय में इनमें एक कुमार ब्रदर्स और दूसरी कुमार एंड कंपनी के नाम से फर्म चल रही है। इन दुकानों का PGI के पास मार्केट में बड़ा नाम है। इसलिए, इन्हें कॉपी करते हुए बाद में श्री कुमार और न्यू कुमार नाम से भी फर्म खोली गई हैं। इससे ग्राहक कन्फ्यूज होते हैं, जिसका लाभ इन कॉपी वाली फर्मों को भी मिलता है। कुमार ब्रदर्स को मिल चुकी कई बार धमकी कुमार ब्रदर्स और कुमार एंड कंपनी फर्मों के मालिकों को गैंगस्टरों की तरफ से कई बार धमकियां मिल चुकी हैं। इसकी शिकायत उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस को दी थी। कुछ समय पहले यहां सुरक्षा के लिए पीसीआर की तैनाती भी की गई थी, लेकिन फिलहाल ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। पुलिस सुरक्षा पर उठे सवाल इस घटना के बाद पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस जगह वारदात हुई, वहां से करीब 50 मीटर की दूरी पर पुलिस का स्थायी नाका मौजूद है। वहीं, करीब 200 मीटर दूर चंडीगढ़ पुलिस का सेक्टर-11 थाना, स्टेट क्राइम ब्रांच का थाना और स्टेट क्राइम ब्रांच के डीएसपी का कार्यालय भी स्थित है। गोल्डी ढिल्लों ग्रुप ने जिम्मेदारी ली इस घटना की जिम्मेदारी गोल्डी ढिल्लों ग्रुप ने ली है। इस संबंधी एक सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हुई है, जिसमें लिखा है- सत श्री अकाल सभी को। आज जो सेक्टर-11 में कुमार ब्रदर्स का मर्डर हुआ है, उसकी जिम्मेदारी मैं राना ढिल्लों और गोल्डी ग्रुप लेते हैं। आगे लिखा है- जिसे हमारे फोन की रिंग सुनाई नहीं देती, उनका दिमाग गोली से खोलकर जगाएंगे। साथ ही वार्निंग है कि जो लॉरेंस लीर व उसकी गैंग, मेरा व मेरे भाइयों को नुकसान पहुंचाने को कहती है, वह अपनी तैयारी में रहे। जितने भी लोग लॉरेंस को पैसे देंगे व उनका साथ देंगे, वह अपनी तैयारी में रहें। 4 पॉइंट में जानिए पूरी घटना

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