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हरियाणा के नारनौल में मंगलवार को इस सीजन की पहली अच्छी बारिश दर्ज की गई। सुबह करीब सात बजे शुरू हुआ बारिश का दौर कई घंटों तक जारी रहा, जिससे मौसम पूरी तरह बदल गया। झमाझम बारिश के कारण जहां किसानों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी, वहीं शहर के कई क्षेत्रों में जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। मंगलवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और सात बजे के आसपास बारिश शुरू हो गई। बारिश का सिलसिला दोपहर तक जारी रहा। जेठ माह में हुई इस बारिश ने लोगों को सावन जैसा अहसास कराया। लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली तथा तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाओं और बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया। नारनौल में सबसे ज्यादा बारिश जिला प्रशासन की वर्षा रिपोर्ट के अनुसार 15 जून सुबह 8 बजे से 16 जून सुबह 8 बजे तक जिले में सबसे अधिक 23 मिलीमीटर वर्षा नारनौल में दर्ज की गई। इसके अलावा महेंद्रगढ़ में 15.5 मिमी, अटेली में 16.5 मिमी, नांगल चौधरी में 14.5 मिमी, सतनाली में 14 मिमी तथा कनीना में 7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जिलेभर में हुई इस बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। किसानों को लाभ बारिश का सबसे अधिक लाभ किसानों को मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुआई की तैयारी कर रहे किसानों के लिए यह बारिश बेहद लाभकारी मानी जा रही है। खेतों में पर्याप्त नमी आने से अब किसान आगामी दिनों में फसलों की बुआई आसानी से कर सकेंगे। वहीं जिन किसानों ने पहले ही बाजरे की बुआई कर दी थी, उनकी फसलों के लिए भी यह बारिश किसी संजीवनी से कम नहीं मानी जा रही। कई जगह भरा पानी हालांकि बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति भी बन गई। मोहल्ला नई सराय, पुरानी सराय, सैन चौक, रविदास मंदिर मार्ग, राधा कृष्ण मंदिर के पास, पार्क गली, मोहल्ला नलापुर, जैन धर्मशाला के पास, पुरानी कचहरी, शिवाजी नगर और सेक्टर-1 सहित अनेक गली-मोहल्लों में पानी जमा हो गया। सड़कें जलमग्न होने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अभी न करें बुआई मौसम के जानकार डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार यह बारिश पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हो रही है। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम को भी क्षेत्र में आंधी और हल्की बारिश हुई थी तथा मौसम में बदलाव का यह दौर 19 जून तक जारी रहने की संभावना है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे 20 जून से पहले बाजरे की बुआई न करें। वहीं जिन किसानों ने पहले ही बुआई कर दी है, उनकी फसलों को इस बारिश से काफी लाभ मिलने की संभावना है।
नारनौल में सीजन की पहली झमाझम बारिश:शहर में हुई 23 एमएम वर्षा, किसानों के चेहरों पर खुशी, कई जगह हुआ जलभराव
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