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हरियाणा के सोनीपत जिले में कृषि उपयोग के लिए मिलने वाली सब्सिडी वाली यूरिया खाद के कथित दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आया है। खरखौदा क्षेत्र में पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त कार्रवाई के दौरान एक कैंटर से 270 बैग कृषि उपयोग यूरिया खाद बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इतनी बड़ी मात्रा में यूरिया खाद का परिवहन बिना किसी लाइसेंस, परमिट या वैध दस्तावेजों के किया जा रहा था। कृषि विभाग ने आशंका जताई है कि सरकार की ओर से अनुदानित इस खाद का औद्योगिक कार्यों में इस्तेमाल करने की तैयारी थी, जिससे सरकारी सब्सिडी का दुरुपयोग होने की संभावना है। मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सैदपुर नाके पर पकड़ा गया यूरिया से भरा कैंटर
कृषि विभाग के क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर एवं उर्वरक निरीक्षक राकेश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्हें चौकी सैदपुर से सूचना मिली थी कि एक कैंटर में बड़ी मात्रा में अवैध रूप से यूरिया खाद ले जाई जा रही है। सूचना मिलने पर वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान लाल रंग के कैंटर नंबर HR-46F-5498 में कृषि उपयोग वाली यूरिया खाद के कुल 270 बैग मिले, जिनका प्रत्येक बैग 45 किलोग्राम का था। ड्राइवर नहीं दिखा सका कोई बिल या दस्तावेज कृषि विभाग के इंस्पेक्टर एवं उर्वरक निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि कैंटर ट्रक ड्राइवर मृत्युंजय ठाकुर निवासी सिरसपुर, दिल्ली से पूछताछ की गई। ड्राइवर ने बताया कि वह यह माल सांपला स्थित गोदाम से भरकर बहादुरगढ़ की तरफ लेकर जा रहा था। जब उससे खाद से संबंधित बिल, परमिट या अन्य दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। चालक ने बताया कि उसे केवल गाड़ी पहुंचाने के पैसे मिलते हैं और माल से संबंधित जानकारी उसके पास नहीं है। कृषि विभाग ने लिया खाद का सैंपल कृषि विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और चालक की उपस्थिति में यूरिया खाद का नमूना लिया। नमूने को सील कर एक हिस्सा पुलिस को सौंप दिया गया जबकि दो हिस्से विभाग ने अपने कब्जे में लेकर जांच के लिए सुरक्षित रख लिए। विभाग के अनुसार इन नमूनों को उर्वरक परीक्षण प्रयोगशाला में भेजा जाएगा ताकि खाद की गुणवत्ता और अन्य तथ्यों की जांच की जा सके। औद्योगिक इस्तेमाल की आशंका, 420 लगाने की सिफारिश शिकायत में कृषि विभाग ने आशंका जताई है कि कृषि उपयोग के लिए सरकार द्वारा अनुदानित यूरिया खाद का उपयोग औद्योगिक उद्देश्यों के लिए किया जाना था। विभाग के अनुसार 45 किलोग्राम के एक बैग पर सरकार लगभग 1668.50 रुपये की सब्सिडी देती है। जबकि औद्योगिक इकाइयों को यह अनुदान नहीं मिलता। ऐसे में यदि खाद को औद्योगिक उपयोग के लिए ले जाया जा रहा था तो यह सरकारी अनुदान के दुरुपयोग और धोखाधड़ी का मामला बनता है। इसी आधार पर विभाग ने धोखाधड़ी की धारा जोड़ने की भी सिफारिश की है। पुलिस ने ट्रक और खाद को कब्जे में लेकर दर्ज किया मुकदमा पुलिस के अनुसार सैदपुर चौकी क्षेत्र के सोहटी नाके पर कैंटर को रोककर जांच की गई थी। बरामद 270 बैग यूरिया खाद, कैंटर और खाद के नमूने को कब्जे में लेकर सबूत के तौर पर सुरक्षित किया गया। मौके की वीडियोग्राफी भी ई-साक्ष्य पोर्टल पर कराई गई है। शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर थाना खरखौदा में मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस
पुलिस ने कृषि विभाग की शिकायत पर थाना खरखौदा में दर्ज किया है। मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 61(2) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3, 7 और 10 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यूरिया खाद किसके कहने पर परिवहन की जा रही थी, इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और खाद को आखिर किस उद्देश्य से उपयोग में लाया जाना था।
सोनीपत सरकारी सब्सिडी वाली खाद का बड़ा खेल एक्सपोज:यूरिया से भरा ट्रक पकड़ा; सांपला से बहादुरगढ़ ले जाया जा रहा था
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