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मानसून से पहले दिल्ली की सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने रविवार को राजधानी में विशेष गड्ढा मरम्मत अभियान चलाया। अभियान के तहत इंजीनियरों, फील्ड स्टाफ और रखरखाव टीमों को विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया गया, ताकि चिन्हित गड्ढों की समयबद्ध मरम्मत सुनिश्चित की जा सके। दिल्ली सरकार में लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने विभिन्न स्थलों का दौरा कर मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया और अभियान की प्रगति की समीक्षा की। रविवार होने के बावजूद विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूरे दिन मैदान में डटे रहे और तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने में जुटे रहे। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 4 जून 2026 के बीच पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर कुल 14,757 गड्ढों की पहचान की गई थी। इनमें से 12,762 गड्ढों की मरम्मत पहले ही पूरी की जा चुकी है। शेष स्थलों पर मानसून से पहले कार्य पूरा करने के लिए रविवार को विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत 2,000 से अधिक गड्ढों की मरम्मत का लक्ष्य रखा गया।
मानसून से पहले सड़कें सर्वोत्तम स्थिति में रखने का प्रयास निरीक्षण के दौरान मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि पीडब्ल्यूडी वर्षभर सड़कों की देखभाल और गड्ढों से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए सतर्कता से कार्य करता है। उन्होंने कहा, “मानसून से पहले हमारा प्रयास है कि दिल्ली की सड़कें सर्वोत्तम स्थिति में रहें। आज का विशेष अभियान इसी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। राजधानी में 2,000 से अधिक चिन्हित गड्ढों की मरम्मत की जा रही है, ताकि वर्षा ऋतु के दौरान लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।” उन्होंने कहा कि सड़क अवसंरचना की मजबूती गुणवत्ता, जवाबदेही और दीर्घकालिक टिकाऊपन पर आधारित होनी चाहिए। नई सड़कों पर 5 वर्ष तक रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की मंत्री ने कहा कि जिन कई सड़कों पर आज गड्ढों की मरम्मत की जा रही है, उनका निर्माण वर्षों पहले हुआ था और उस समय गुणवत्ता मानकों का पर्याप्त रूप से पालन नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने गुणवत्ता नियंत्रण को और मजबूत किया है तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस व्यवस्था लागू की है। उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्मित नई सड़कों पर पांच वर्ष की रखरखाव अवधि लागू है। इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की खराबी या निर्माण संबंधी दोष को दूर करने की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी।
दिल्ली में बारिश से पहले सड़कें होंगी गड्ढामुक्त:एक दिन में 2,000 से अधिक गड्ढों का लक्ष्य; मंत्री प्रवेश ने किया निरीक्षण
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