केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा:21 जून को राज्यसभा कार्यकाल खत्म हुआ था; भाजपा ने दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया

Actionpunjab
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केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति भवन ने मंगलवार को कुरियन के इस्तीफे की जानकारी थी। प्रेस रिलीज में बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पीएम नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार किया है। हालांकि, इस्तीफे की वजह नहीं बताई गई है। 65 साल के कुरियन केरल में भाजपा के सीनियर नेताओं में एक हैं। 21 जून को उनके 6 साल का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हुआ था। 18 जून को चुनाव में भाजपा ने उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था। जॉर्ज कुरियन अगस्त 2024 से जून 2026 तक मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे। माना जा रहा है कि हाल ही में केरल विधानसभा चुनावों में पार्टी के उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न करने की वजह से उन्हें फिर से मौका नहीं मिला। मोदी-शाह के भाषणों को ट्रांसलेट करते थे कुरियन टीवी डिबेट्स में भाजपा का प्रमुख चेहरा रहे कुरियन, केरल दौरों के दौरान पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के भाषणों का मलयालम में ट्रांसलेशन भी करते रहे हैं। वे केरल के प्रमुख ईसाई संप्रदाय सीरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से आते हैं। 2024 में मोदी 3.0 सरकार में उनकी नियुक्ति को केरल में ईसाई समुदाय के बीच भाजपा की पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा गया था। हालांकि, केरल में 2026 के विधानसभा चुनाव में 140 सदस्यीय विधानसभा में BJP ने सिर्फ 3 सीटें जीतीं। कुरियन से पहले दक्षिण भारत में अन्नामलाई भी इस्तीफा दे चुके जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे से पहले भाजपा को दक्षिण भारत में एक और बड़ा झटका लगा था। तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल के. अन्नामलाई ने 2 जून को पार्टी से इस्तीफा दिया। 5 जून का इस्तीफा मंजूर हुआ, तो अन्नामलाई ने अपने नए ‘पॉलिटिकल मूवमेंट’ का ऐलान कर दिया। वे 14 सितंबर को अपनी नई पार्टी के नाम, नीति और संगठन की घोषणा करेंगे। उनकी पार्टी 2031 में विधानसभा चुनाव लड़ेगी। अन्नामलाई पूर्व IPS अधिकारी हैं। भाजपा ने उन्हें तमिलनाडु में अपना सबसे बड़ा चेहरा बनाकर आगे बढ़ाया था। ——————————– यह खबर भी पढ़ें… क्या BJP का ही सीक्रेट प्लान है अन्नामलाई का इस्तीफा: थलापति-DMK होंगे निशाने पर, AAP और TVK जैसे मॉडल पर चलेगी नई पार्टी 17 जून 2015 की बात है। के. अन्‍नामलाई कर्नाटक के उडुपी के SP थे। तैनाती के 6 महीने बाद 17 साल की एक लड़की की रेप के बाद हत्या का मामला सामने आया। अन्नामलाई परिवार से मिलने पहुंचे। लड़की की मां ने उनसे पूछा- ‘क्या मेरी बच्ची को वापस ला सकते हो? अन्नामलाई ने जवाब दिया- ‘नहीं, लेकिन मैं यह कर सकता हूं कि वो सबके दिलों में रहे, सबको याद रहे।’ पूरी खबर पढ़ें…

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