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बलरामपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अवैध रूप से संचालित लाइब्रेरी और कोचिंग संस्थानों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को परिषद के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इन संस्थानों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते ध्यान नहीं दिया, तो लखनऊ के अलीगंज जैसी आगजनी की घटना बलरामपुर में भी हो सकती है। ज्ञापन में परिषद ने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में लाइब्रेरी और कोचिंग संस्थान आवश्यक मानकों और सुरक्षा व्यवस्थाओं के बिना चल रहे हैं। इन संस्थानों के पास न तो फायर एनओसी है, न आपातकालीन निकास की व्यवस्था और न ही पर्याप्त वेंटिलेशन। इससे यहां पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा गंभीर खतरे में है।
एबीवीपी के जिला संयोजक रोहन तिवारी ने मांग की कि फायर सेफ्टी मानकों के बिना संचालित सभी लाइब्रेरी और कोचिंग संस्थानों की तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। नगर मंत्री अविनाश ने कहा कि जिन संस्थानों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें तुरंत सील किया जाना चाहिए। विभाग छात्रा प्रमुख कीर्ति ने बताया कि बेसमेंट और संकरी गलियों में चल रहे स्टडी सेंटर दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। उन्होंने ऐसे केंद्रों को तुरंत बंद कराने की मांग की। जिला कार्य समिति सदस्य अम्बुज भार्गव ने दावा किया कि बलरामपुर नगर के साथ-साथ तुलसीपुर, उतरौला और पचपेड़वा क्षेत्रों में 50 से अधिक लाइब्रेरी और कोचिंग संस्थान बिना मान्यता के चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश जगहों पर अग्निशमन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं और छात्रों के बैठने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है। इस दौरान छात्राओं ने भी कई संस्थानों में व्याप्त अव्यवस्थाओं को उजागर किया। छात्रा शालिनी ने बताया कि भगवतीगंज स्थित एक लाइब्रेरी में केवल एक ही प्रवेश-द्वार है और फायर सेफ्टी की कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं, छात्रा पलक ने कहा कि वह वीर विनय चौराहे की एक लाइब्रेरी में पढ़ती थी, जहां बाथरूम तक जाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी। शिकायत करने पर उन्हें ‘एडजस्ट’ करने के लिए कहा गया। एबीवीपी ने प्रशासन को सात दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि इस अवधि में अवैध लाइब्रेरी और कोचिंग संस्थानों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो परिषद उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान नगर सह मंत्री विभा कश्यप, नगर कला मंच संयोजक नीलू, जिला सोशल मीडिया संयोजक वीरेंद्र मिश्रा, अनामिका मिश्रा, नगर एसएफएस प्रमुख आशीर्वाद प्रेम, चाहत, आरिफ, रेहान, आदित्य, दिलीप, विनोद यादव, शिवांश, विवेक, सुजीत, प्रशांत, तफ़ज्ज़ुल, सुनील, अंश समेत दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।