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लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद प्रदेश सरकार सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा मानकों को लेकर अलर्ट मोड में आ गई है। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने प्रदेशभर में चलने वाली स्लीपर बसों, स्कूल बसों, स्टेज कैरिज और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज वाहनों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और कार्यशीलता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वाहनों में सुरक्षा उपकरणों का दुरुस्त होना बेहद जरूरी है।
जुलाई में चलेगा विशेष अभियान परिवहन मंत्री ने जुलाई माह में पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाकर बसों की जांच करने और इसकी प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्थाओं की अहमियत को सामने ला दिया है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी यात्री वाहनों में अग्निशमन यंत्र निर्धारित मानकों के अनुरूप मौजूद हों और पूरी तरह कार्यशील अवस्था में हों।
फिटनेस जांच में फायर सेफ्टी होगी प्राथमिकता निर्देशों के अनुसार मोटर वाहन निरीक्षक और एटीएस सेंटरों पर होने वाली फिटनेस जांच के दौरान अग्निशमन यंत्र की उपलब्धता, क्षमता, वैधता और कार्यशीलता की विशेष जांच की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि अग्निशमन यंत्र वाहन में उचित स्थान पर लगाया गया है या नहीं।
जिन वाहनों में अग्निशमन यंत्र नहीं मिलेगा, उसकी वैधता समाप्त हो चुकी होगी या वह कार्यशील नहीं पाया जाएगा, ऐसे वाहनों को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा। कमियां दूर होने तक उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
स्कूल बसों की होगी विशेष निगरानी एक जुलाई से प्रदेशभर में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने जा रही है। इसे देखते हुए परिवहन मंत्री ने स्कूल बसों की विशेष जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए स्कूल बसों में अग्निशमन यंत्र के साथ-साथ अन्य सुरक्षा मानकों का भी सत्यापन किया जाएगा।
बस अड्डों और टोल प्लाजा पर होगी सघन चेकिंग परिवहन विभाग के प्रवर्तन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बस अड्डों, प्रमुख मार्गों, टोल प्लाजा, जनपद सीमाओं और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर वाहनों की जांच की जाए। जांच के दौरान अग्निशमन यंत्र न मिलने या निर्धारित मानकों के अनुरूप न होने की स्थिति में मोटरयान अधिनियम और केंद्रीय मोटरयान नियमावली के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विशेष रूप से स्लीपर बसों में आपातकालीन निकास, सुरक्षा हैमर, विद्युत वायरिंग और अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी जांच होगी।
वाहन स्वामियों को किया जाएगा जागरूक परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बस संचालकों, परिवहन कंपनियों, यूनियन पदाधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए। उन्हें अग्निशमन यंत्रों के नियमित रखरखाव, समय-समय पर सर्विसिंग और परीक्षण कराने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
रोजाना भेजनी होगी रिपोर्ट परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अभियान के दौरान की गई कार्रवाई की दैनिक रिपोर्ट अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) को उपलब्ध कराई जाए। विभागीय स्तर पर पूरे अभियान की निगरानी की जाएगी ताकि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो सके।
क्या-क्या होगा चेक?
• अग्निशमन यंत्र की उपलब्धता
• वैधता और रिफिलिंग की स्थिति
• कार्यशीलता और क्षमता
• आपातकालीन निकास
• सुरक्षा हैमर
• विद्युत वायरिंग
• स्कूल बसों के सुरक्षा मानक
• स्लीपर बसों के फायर सेफ्टी इंतजाम