ज्येष्ठ पूर्णिमा 29 जून को:सूर्य पूजा से करें दिन की शुरुआत; दोपहर में करें पितरों के लिए धूप-ध्यान, जानिए विधि और जरूरी चीजें

Actionpunjab
3 Min Read




ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा 29 जून को है। इसी तिथि पर संत कबीर दास जी की जयंती भी मनाई जाती है। इस बार ज्येष्ठ मास बहुत खास रहा, क्योंकि अधिकमास के कारण यह लगभग 59 दिनों का महीना है। मान्यता है कि पूर्णिमा तिथि पर देव पूजा, नदी स्नान, दान-पुण्य के साथ ही पितरों के लिए धूप-ध्यान भी खासतौर पर करना चाहिए। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा पर दिन की शुरुआत सूर्य पूजा से करनी चाहिए। इसके लिए तांबे के लोटे में जल भरें और फिर ऊँ सूर्याय नम: मंत्र का जप करते हुए सूर्य को अर्घ्य चढ़ाएं। इसके बाद घर के मंदिर में अपने इष्टदेव का पूजन करें। दोपहर में करीब 12 बजे पितरों के लिए धूप-ध्यान करने से उन्हें तृप्ति मिलती है। घर-परिवार के मृत सदस्यों को पितर देव माना जाता है। प्रसन्न पितरों का आशीर्वाद मिलने से परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और उन्नति बनी रहती है। धूप-ध्यान के लिए जरूरी सामग्री पितरों के धूप-ध्यान के लिए बहुत अधिक सामग्री की आवश्यकता नहीं होती। श्रद्धा और सरलता के साथ इन वस्तुओं का उपयोग किया जा सकता है- गाय के गोबर से बने कंडे, शुद्ध देसी घी, गुड़, जल से भरा पात्र, बैठने के स्वच्छ आसन, धूप-दीप, पितरों के स्मरण के लिए शांत वातावरण। पितरों के लिए धूप-ध्यान की विधि ज्येष्ठ पूर्णिमा की दोपहर में स्नान के बाद पितरों का धूप-ध्यान करना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले किसी साफ और शांत स्थान पर गाय के गोबर से बने कंडे जलाएं। जब कंडों की तेज लौ शांत होकर केवल अंगारे शेष रह जाएं और धुआं निकलना बंद हो जाए, तब उन अंगारों पर श्रद्धापूर्वक गुड़ और शुद्ध घी अर्पित करें। इस पूरी प्रक्रिया में अपने पितरों का शांत मन से स्मरण करते रहना चाहिए। पितरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करनी चाहिए। इसके बाद दाहिने हाथ की हथेली में जल लेकर अंगूठे की ओर से पितरों को जल अर्पित करें। इसे पितरों के प्रति सम्मान और तर्पण करने का प्रतीक माना जाता है। धूप-ध्यान के समय मन को शांत रखें, परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। अब जानिए ज्येष्ठ पूर्णिमा पर कौन-कौन से शुभ काम कर सकते हैं…

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *