पिता की डांट से नाराज 9वीं का छात्र वाराणसी भागा:काशी विश्वनाथ दर्शन कर गोरखपुर लौटा, बोला- अपहरण हो गया था

Actionpunjab
5 Min Read




गोरखपुर के गोरखनाथ क्षेत्र में 9वीं का छात्र 30 जून की सुबह घर से स्कूल के लिए निकला और लापता हो गया। परिजनों ने गोरखनाथ थाने में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराई। दूसरे दिन बुधवार को छात्र सुबह-सुबह खुद ही घर आ गया। परिजन उससे लिपटकर रोने लगे। पुलिस को सूचना देकर बच्चे की लौटने की बात बताई। इसके बाद पूछताछ करने पर छात्र ने परिजनों को झूठी कहानी बताई कि उसका अपहरण कर कुछ लोग उसे वाराणसी लेकर चले गए थे। लेकिन जब पुलिस ने पूछताछ की तब उसने बताया कि पिता की डांट से नाराज होकर वह ट्रेन से वाराणसी निकल गया था। काशी विश्वनाथ के दर्शन कर वह घर लौट आया। इस दौरान उसकी साइकिल भी गायब हो गई। अब जानिए पूरा मामला… जिला महराजगंज के नौतनवा थाना क्षेत्र के मुंडेहरा के रहने वाले रमेश यादव अपने बेटे विनीत को पढ़ाने के लिए पत्नी के साथ चिलुआताल क्षेत्र में किराए का कमरा लेकर रहते हैं। विनीत गोरखनाथ इलाके के स्कूल में 9वीं का छात्र है। वह साइकिल से स्कूल आता-जाता है। रमेश यादव गोरखपुर की एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। रमेश यादव ने बताया कि हमेशा की तरह 30 जून की सुबह 7 बजे ड्रेस पहनकर विनीत साइकिल से स्कूल के लिए निकल गया था। स्कूल का समय समाप्त होने के बाद भी वह शाम तक घर नहीं लौटा। इसके बाद काफी समय तक उसक इंतजार किए। इधर-उधर उसके दोस्तों से भी बात की। स्कूल बंक मार दिया था विनीत रमेश ने बताया कि विनीत को खोजते हुए उसके स्कूल गए। वहां प्रिंसिपल ने रजिस्टर चेक कराया तो पता चला कि विनीत स्कूल ही नहीं आया था। इसके बाद परिजनों का मन और घबराने लगा। अनहोनी की आशंका पर तत्काल गोरखनाथ थाने जाकर बेटे के लापता होने की सूचना दी गई। गोरखनाथ थाने की पुलिस ने पिता से विनीत की फोटो लेकर जिले के सभी थानों में भिजवा दी थी। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी विनीत की फोटो शेयर कर उसे ढूंढने पर इनाम देने का दावा किया गया। सोशल मीडिया पर रमेश यादव के कई रिश्तेदारों ने भी विनीत की फोटो लगाकर शेयर की थी। उसमे घरवालों का नंबर भी दिया गया था। ताकि किसी को भी कहीं दिखने पर परिजनों को सूचना मिल सके। पुलिस ने स्कूल वाले रास्ते पर कई सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले, जिसमे छात्र साइकिल से जाता दिखा। सुबह लौटा और बनाई झूठी कहानी विनीत बुधवार सुबह घर लौट आया। उसे देखकर घर वाले रोने लगे। थोड़ी देर वह बीमार होने का बहाना बनाता रहा। ताकि कोई पूछताछ न करे। इसके बाद माता-पिता को बताया कि सुबह वह साइकिल से स्कूल जा रहा था, तभी रास्ते में उसे एक बोलेरो गाड़ी मिली। जिसमे कई लोग बैठे थे। गाड़ी रोककर वे लोग मुझे जबरन अंदर बैठा लिए। गाड़ी में बैठाकर मुझे वाराणसी लेकर गए। वहां पर हल्ला गुल्ला करने पर भीड़ लग गई। तब अपहरण करने वाले छोड़कर भाग गए। भीड़ में से ही एक व्यक्ति ने मुझे पैसे देकर ट्रेन से गोरखपुर के लिए भिजवाया। पुलिस की पूछताछ में सही बात बताई गोरखनाथ थाने की पुलिस भी विनीत से पूछताछ करने पहुंची। पुलिस के सवालों में वह उलझ गया। इसके बाद रोते हुए बोला कि मुझे पापा ने एक दिन पहले डांटा था। इसलिए परिवार को सबक सीखाने के लिए यह सब किया। विनीत ने बताया कि 30 जून की सुबह 7 बजे एक ट्रेन पर साइकिल लादकर वाराणसी वह निकला था। वहां पर उसकी साइकिल रेलवे स्टेशन के पास से गायब हो गई। वह वहां काशी विश्वनाथ के दर्शन किया। इसके बाद गंगा घाट पर भी घूमा। इस दौरान एक लड़के से उसकी लड़ाई हो गई। जिससे उसकी शर्ट की पाकेट फट गई थी। तभी एक युवक ने उसकी मदद की। उसने पैसे देकर उसे ट्रेन से गोरखपुर भिजवाया। यह कहते हुए वह अपनी गलती की माफी मांगने लगा। इस संबंध में गोरखनाथ थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि 9वीं का छात्र लापता हो गया था। पुलिस उसकी तलाश में लगी थी। दूसरी दिन वह खुद ही घर वापस आ गया। उससे पूछताछ की गई है। पिता से नाराज होकर वह वाराणसी गया था।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *