दिल्ली में हरियाणा की सीमा पर स्थित गांव में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते पीडब्ल्यूडी एवं जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह।
नई दिल्ली। दिल्ली-हरियाणा सीमा पर स्थित डेरा मंडी और मंडी गांव के निवासियों को जल्द ही जलभराव की समस्या से राहत मिल सकती है। पीडब्ल्यूडी एवं जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने शुक्रवार को डेरा मंडी क्षेत्र का दौरा कर जलभराव, सीवर और सड़क की स्थिति का निर
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निरीक्षण के दौरान मंत्री ने डेरा मंडी रोड के पास मंडी गांव में भारी जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि यह क्षेत्र प्राकृतिक रूप से निचला है, जिसके कारण बारिश का पानी यहां एकत्र हो जाता है। पहले यह पानी प्राकृतिक नालों के जरिए हरियाणा की ओर निकल जाता था, लेकिन शहरीकरण और कंक्रीटीकरण के कारण निकासी के रास्ते बंद हो गए हैं।
बनाया जाएगा नया आरसीसी ड्रेन : प्रवेश
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए पीडब्ल्यूडी डेरा मंडी रोड से डेरा भाटी रोड होते हुए बांध रोड तक नया प्रीकास्ट आरसीसी ड्रेन बनाएगा। इसके बाद पंपिंग व्यवस्था के माध्यम से पानी को एसएसएन मार्ग ड्रेन में छोड़ा जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य वर्षा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था विकसित करना और भविष्य में जलभराव की समस्या को समाप्त करना है।
प्रवेश वर्मा ने कहा कि सरकार केवल हर बारिश के बाद पानी निकालने पर नहीं, बल्कि मजबूत और टिकाऊ बुनियादी ढांचा तैयार करने पर काम कर रही है। इसके लिए शहर के संवेदनशील इलाकों का वैज्ञानिक आकलन किया जा रहा है और जहां जरूरत होगी, वहां दीर्घकालिक समाधान लागू किए जाएंगे।

दिल्ली में डेरा मंडी में निरीक्षण करने के लिए पहुंचे पीडब्ल्यूडी एवं जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह
उन्होंने अधिकारियों को परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र तैयार करने और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू करने के निर्देश दिए। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम बताया।
परियोजना की मुख्य बातें
- डेरा मंडी रोड से बांध रोड तक बनेगा नया प्रीकास्ट आरसीसी ड्रेन।
- पंपिंग के जरिए पानी को एसएसएन मार्ग ड्रेन तक पहुंचाया जाएगा।
- परियोजना का उद्देश्य जलभराव की स्थायी समस्या का समाधान करना है।
- पीडब्ल्यूडी और अन्य एजेंसियां मिलकर कार्य करेंगी।
जलभराव की वजह
- क्षेत्र प्राकृतिक रूप से निचला होने के कारण पानी जमा होता है।
- पहले प्राकृतिक नालों से पानी हरियाणा की ओर निकल जाता था।
- तेजी से हुए शहरीकरण और कंक्रीटीकरण से निकासी मार्ग बाधित हुए।
- हर मानसून में सड़क और आवागमन प्रभावित होता है।