मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 24 घंटों के दौरान ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इसकी वजह से कुछ इलाकों में ‘अचानक बाढ़’ जैसे हालात उत्पन्न हो सकते हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन में बताया है कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना ‘गहरा दबाव’ (Deep Depression) अब और तेज हो गया है और यह दबाव क्षेत्र उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर यानी पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड की ओर तेजी से बढ़ रहा है। IMD ने कहा है कि यह दबाव क्षेत्र आज (सोमवार, 27 जुलाई को) दोपहर के आसपास बालासोर (ओडिशा) और कैनिंग (पश्चिम बंगाल) के बीच तट को पार करने वाला है। मौसम विभाग ने इसे लेकर चेतावनी दी है और कहा है कि 28 जुलाई तक दक्षिण बंगाल के कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।
IMD ने कहा कि बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-ओडिशा तट के ऊपर बना गहरा दबाव उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है और इसके सोमवार दोपहर तक बंगाल-ओडिशा तट को पार करने की उम्मीद है। आईएमडी ने मछुआरों को 29 जुलाई तक पश्चिम बंगाल तट और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के समुद्री क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी है। विभाग ने कहा कि 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिसके कारण समुद्र के अत्यधिक अशांत रहने की आशंका है।
अगले कुछ घंटों के लिए रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने ओडिशा के लिए विशेष चेतावनी जारी की है, जहाँ आज कुछ स्थानों पर ‘अत्यधिक भारी बारिश’ होने की संभावना है। इसके प्रभाव से कच्चे घरों को नुकसान, पेड़ों के उखड़ने और निचले इलाकों में जलभराव या अचानक बाढ़ जैसी स्थितियां बन सकती हैं। IMD ने कहा कि पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम सहित तटीय और उनसे सटे जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं, दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर जिलों में मंगलवार तक भारी बारिश होने का अनुमान है। आईएमडी ने कहा कि राज्य के उप-हिमालयी जिलों दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में एक अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।
झारखंड में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने कहा है कि डीप डिप्रेशन की वजह से झारखंड के कई जिलों में 27 से 31 जुलाई के बीच आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान बिजली कड़कने की भी संभावना है। इसके साथ ही IMD ने कहा है कि 28 से 29 जुलाई के दौरान ओडिशा में भी कई जिलों में आंधी-तूफान,बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। IMD ने ओडिशा, झारखंड के अलावा छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भी अगले 24 घंटों में तेज बारिश और ‘अचानक बाढ़’ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली-NCR और उत्तर भारत का हाल
IMD ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे NCR में भी मौसम करवट लेने वाला है। विभाग के मुताबिक, दिल्ली-NCR में 27 जुलाई की शाम से बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली कड़कने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। दिल्ली में सोमवार सुबह गर्मी रही और इस दौरान न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी परिस्थितियां
मौसम विभाग ने इसके साथ ही कहा है कि उत्तर भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। IMD ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में अगले कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने तथा कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार इस दौरान जलभराव, यातायात प्रभावित होने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं। आईएमडी के ताजा मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 27 जुलाई से एक अगस्त तक व्यापक बारिश होने का अनमान है। राज्य में 27 जुलाई और 31 जुलाई से एक अगस्त के दौरान कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन की आशंका भी जताई गई है।
हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में 27 जुलाई को छिटपुट बारिश
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में 27 जुलाई को छिटपुट बारिश के बाद 28 से 31 जुलाई तक व्यापक वर्षा होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से 30 और 31 जुलाई को इन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इससे दिल्ली-एनसीआर समेत बड़े शहरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भी एक अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश और कुछ इलाकों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
राजस्थान में क्या हाल?
देश के अन्य हिस्सों की बात करें तो मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, ओडिशा, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अलग-अलग दिनों में व्यापक वर्षा की संभावना जताई है। वहीं राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं, गरज और बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है। आईएमडी के अनुसार 27 जुलाई को छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। जबकि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में भी सप्ताह के दौरान भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखें तथा भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा और जलभराव या भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें।