छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान है। झारखंड में भारी बारिश की संभावना है।
देश में मॉनसून 29 जुलाई को भी सक्रिय बना रहेगा और इसका असर देश के अधिकांश हिस्सों में देखने को मिलेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
उत्तर भारत में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में भी कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। इसलिए लोगों को खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के मौसम का हाल
मध्य और पूर्वी भारत में मौसम सबसे अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान है। झारखंड में भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार के कुछ हिस्सों में भी बारिश जारी रहेगी। पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी वर्षा होगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ इलाकों में भारी से बहुत झमाझम बरसात की संभावना है।
गुजरात, गोवा में कैसा रहेगा कल का मौसम
पश्चिम और दक्षिण भारत में भी मॉनसून का असर बना रहेगा। गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भारी वर्षा होने की संभावना है। कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। गुजरात क्षेत्र में भी कुछ इलाकों में वर्षा जारी रहेगी। दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में हल्की से मध्यम वर्षा होगी। कुछ स्थानों पर भारी बारिश का भी अनुमान है। मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज हवाओं और ऊंची लहरों की संभावना बनी हुई है।
उत्तराखंड के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
उत्तराखंड में 29 और 30 जुलाई को मौसम विज्ञान विभाग ने विभिन्न जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम चेतावनी के अनुसार, अगले दो दिन राज्य के विभिन्न जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इन दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में अतिवृष्टि, गरज-चमक के साथ बिजली और बारिश के अत्यंत तीव्र होने का अनुमान जताया है। बुधवार को देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत व ऊधम सिंह नगर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली और तेज बारिश हो सकती है। इसी प्रकार गुरुवार को बागेश्वर, चम्पावत व पिथौरागढ़ जनपदों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
ओडिशा में मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
ओडिशा के चार जिलों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि गहरे दबाव का क्षेत्र बनने के कारण हुई भारी बारिश के बाद कम से कम तीन नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। राज्य सरकार ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, अग्निशमन विभाग और अन्य एजेंसियों को तैयार रहने को कहा है। अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। ओडिशा के उत्तरी हिस्से में पिछले तीन दिनों से भारी बारिश हो रही है। तटीय क्षेत्र में बालासोर शहर में इस अवधि के दौरान 246.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अगर जलका, सालंदी और बैतरणी नदियों का जलस्तर बढ़ने से पानी किनारों से बाहर बहता है, तो बालासोर, भद्रक, मयूरभंज और जाजपुर जिलों में भारी बाढ़ आ सकती है।