विवि कैंपस एवं कॉलेजों में पीएचडी में प्रवेश के लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। नेट-जेआरएफ और यूजीसी नेट में पीएचडी के लिए अर्ह छात्र इसमें आवेदन कर सकेंगे।
चौ.चरण सिंह विवि कैंपस एवं संबद्ध कॉलेजों से पीएचडी करने वाले छात्रों की थीसिस अब परीक्षकों तक केवल ऑनलाइन जाएगी। परीक्षकों की नियुक्ति से लेकर उनकी सहमति और निर्धारित समय पर रिपोर्ट नहीं भेजने पर उन्हें रिमाइंडर भेजने की प्रक्रिया भी स्वत: होगी। जल्द ही विवि पीएचडी थीसिस में परीक्षकों की नियुक्ति से लेकर मूल्यांकन की प्रक्रिया तक को पूरी तरह से ऑनलाइन करने जा रहा है। सीसीएसयू डोर यानी चौ.चरण सिंह विवि डॉयरेक्टरेट ऑफ रिसर्च के नाम से सॉफ्टवेयर तैयार हो चुका है। टेस्टिंग पूरी होने के बाद विवि इसे लाइव कर देगा।
सॉफ्टवेयर से तैयार होंगे छात्रों के प
कैंपस एवं कॉलेजों में विभिन्न विषयों में हजारों छात्र पीएचडी के लिए पंजीकृत हैं। पंजीकरण होते ही रिसर्च एडवाइजरी कमेटी (आरएसी) और रिसर्च डिग्री कमेटी (आरडीसी) की प्रक्रिया शुरू होती है। इसके लिए विवि शोधार्थी को पत्र तैयार करते हुए भेजता है, लेकिन उक्त सॉफ्टवेयर के बाद आरएसी से थिसिस मूल्यांकन में सबकुछ ऑनलाइन एवं ऑटोमेट (स्वचालित) होगा। छात्रों के पत्र भी सॉफ्टवेयर से तैयार होंगे।
थीसिस जमा होने के बाद मूल्यांकन के लिए तीन अलग-अलग राज्यों के परीक्षकों की तैनाती कुलपति करती हैं, लेकिन प्रस्तावित सॉफ्टवेयर में देशभर के विवि के विषय विशेषज्ञ ऑनलाइन दर्ज रहेंगे और कुलपति ऑनलाइन ही थिसिस आवंटित कर सकेंगी। जैसे ही विशेष विशेषज्ञ को थिसिस आवंटित होगी तो उनके मोबाइल एवं ईमेल पर स्वीकृति या अस्वीकृति का मैसेज जाएगा। यदि विशेषज्ञ स्वीकृति देता है तो थिसिस सॉफ्टकॉपी में उनकी ईमेल पर जाएगी। यदि स्वीकृति नहीं देते तो थिसिस किसी और को भेजी जा सकेगी। विशेषज्ञों की सहमति या असहमति देने का समय निर्धारित होगा। इसके पूरा होते ही अन्य विशेषज्ञों को थिसिस भेजी जाएगी। विवि के अनुसार जांच के बाद विशेषज्ञ को थिसिस की रिपोर्ट निर्धारित समय-सीमा में ऑनलाइन ही भेजनी होगी।
पीएचडी में खुलने जा रहे हैं प्रवेश
विवि कैंपस एवं कॉलेजों में पीएचडी में प्रवेश के लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। नेट-जेआरएफ और यूजीसी नेट में पीएचडी के लिए अर्ह छात्र इसमें आवेदन कर सकेंगे। अगले कुछ दिनों में विवि रिक्त सीटों पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
1639 छात्र-छात्राओं ने छोड़े एमएड-एलएलएम के पेपर
चौ.चरण सिंह विवि कैंपस-कॉलेजों में एमएड-एलएलएम पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए चार केंद्रों पर हुई प्रवेश परीक्षा 1639 छात्र-छात्राओं ने छोड़ दी। परीक्षा में करीब एक चौथाई अभ्यर्थी शामिल नहीं हो सके। आज भी दो केंद्रों पर दो पालियों में बीपीएड-एमपीएड कोर्स की प्रवेश परीक्षा होगी। आज की परीक्षा के लिए 2984 छात्र पंजीकृत हैं। विवि के अनुसार एलएलएम प्रवेश परीक्षा में पंजीकृत 4002 विद्यार्थियों में से 3042 ने पेपर दिए और 960 ने परीक्षा छोड़ दी। एमएड प्रवेश परीक्षा में पंजीकृत 2386 अभ्यर्थियों में से 1507 उपस्थित और 679 अनुपस्थित रहे। दोनों पालियों में लगभग 25 फीसदी छात्रों ने उक्त परीक्षा नहीं दी। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने भी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते हुए व्यवस्था को देखा। केंद्रों पर व्यवस्था संतोषजनक मिली। रजिस्ट्रार प्रो.भूपेंद्र सिंह, प्रो.बीरपाल सिंह, प्रो.अतवीर सिंह, प्रो.शैलेन्द्र शर्मा, प्रो.प्रदीप चौधरी, प्रो.दुष्यंत चौहान भी केंद्र पर रहे।
इन कोर्स में प्रवेश का आज अंतिम दिन
विवि कैंपस एवं कॉलेजों में बीए-बीएड, बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आज अंतिम तिथि रहेगी। छात्र ऑफर लेटर डाउनलोड करते हुए कॉलेजों में संपर्क कर सकते हैं। निर्धारित फीस जमा करते हुए सीट लॉक करने की भी आज आखिरी तिथि रहेगी।
शाम तक आएगी दूसरी मेरिट लिस्ट
चौधरी चरण सिंह विवि कैंपस एवं संबद्ध कॉलेजों में यूजी-पीजी कोर्स में दूसरी मेरिट आज शाम तक समर्थ डैशबोर्ड पर जारी हो जाएगी। छात्र अपनी लॉगइन आईडी से मेरिट में नाम देख सकेंगे। विभाग एवं कॉलेजों में मेरिट में नाम आने पर छात्रों को लिंक और ऑफर लेटर मिलेगा। यदि ऑफर लेटर नहीं मिलता है तो छात्रों को अगली मेरिट के लिए इंतजार करना होगा।
विवि के अनुसार पहली मेरिट में कैंपस एवं कॉलेजों में 41 हजार 667 प्रवेश हो चुके हैं। इस मेरिट में अधिकांश प्रवेश प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में हुए हैं। ऐसे में आज जारी होने वाली दूसरी मेरिट में एडेड-राजकीय कॉलेजों में कटऑफ में गिरावट की उम्मीद है। यूजी-पीजी पाठ्यक्रमों में करीब दो लाख सीटें हैं। ऐसे में आज की मेरिट करीब एक लाख 60 हजार सीटों पर जारी होगी। दूसरी मेरिट से कॉलेजों में 22 से 25 अगस्त तक प्रवेश किए जा सकेंगे।