कानपुर में बारिश का दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए कम दबाव क्षेत्र के असर से 31 अगस्त से तीन सितंबर तक अच्छी बारिश के आसार हैं, जिसके चलते यलो अलर्ट जारी किया गया है।
Kal ka mausam: बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए कम दबाव क्षेत्र के कारण अभी यूपी में बारिश का दौर जारी रहेगा। शनिवार और रविवार को छिटपुट के आसार है। लेकिन फिर आगे तीन सितंबर तक बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार को भी चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (सीएसए) में 57.9 और एयरफोर्स वेदर स्टेशन में 72.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
आधी रात के बाद से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ जो शुक्रवार को सुबह 11 बजे तक जारी रहा। इसके बाद धूप भी खिली। इससे पहले भरपूर बारिश हुई। बर्रा जैसे क्षेत्रों में भी 70 मिमी से अधिक बारिश हुई। कैंट के क्षेत्र में भी भारी बारिश हुई जहां सुबह 08:30 बजे तक 72.2 मिमी बारिश हो चुकी थी। गरज चमक के साथ हुई बारिश का ट्रेंड रात और सुबह ही बना रहा। अधिक बारिश ने परेशानियां भी बढ़ाईं। दोपहर के बाद उमस भी बढ़ गई। हालांकि, दिन के तापमान में कमी आई। अधिकतम तापमान 3.6 डिग्री कम हो गया। अधिकतम तापमान 32.4 से घटकर 29 डिग्री सेल्सियस हो गया। रात के तापमान में मामूली वृद्धि हुई और न्यूनतम पारा 25.8 डिग्री रिकॉर्ड हुआ।
उत्तर पूर्वी हवाएं 15-20 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती रहीं। अधिकतम नमी का प्रतिशत 95 और न्यूनतम 91 रहा। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 29 और 30 को केवल छिटपुट बारिश होगी। 31 अगस्त से 03 सितंबर तक अच्छी बारिश की संभावना है। इसके लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के नए क्षेत्र के कारण उड़ीसा, झारखंड और वाया पूर्वी मध्य प्रदेश यूपी के विशेषकर पूर्वी हिस्से में अच्छी बारिश की संभावना है। सीएसए के मौसम कृषि तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा का कहना है कि फिलहाल बादल छाए रहेंगे। छिटपुट बारिश होती रहेगी। अगले 48 घंटों में कम लेकिन इसके बाद फिर अधिक बारिश की संभावना है।
बारिश रुकी, लेकिन नदियां उफान पर
मध्य प्रदेश में बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी से विरमा नदी उफान पर है। इससे हमीरपुर के सरीला तहसील की ग्राम पंचायत कुपरा का कनेरा डेरा टापू बन गया है। बिलगांव गांव की मॉडल गोशाला में भी पानी घुस गया है। ग्रामीणों के मुताबिक 2013 के बाद इस बार नदी में इतना पानी आया है। करीब 45 परिवारों का चार दिन से संपर्क से कटा हैं। कुपरा व हसऊपर-रूरीपारा के रास्ते डूबने से आवागमन बंद है। नाव नहीं मिलने पर ग्रामीण ट्रैक्टर के ट्यूब के सहारे खाद्य सामग्री और सब्जियां ला रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव में आटा खत्म हो गया है और चार दिन से बिजली भी नहीं है। उधर, मौदहा तहसील में चंद्रावल नदी कहर बरपा रही है। क्षेत्रीय नाले भी उफनाए हुए हैं।