मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में मॉनसून ट्रफ, कम दबाव के क्षेत्र से जुड़ी ट्रफ और बंगाल की खाड़ी के पास बना चक्रवाती घेरा यानी तीन सिस्टम सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण बंगाल से लेकर गुजरात तक लगातार नमी पहुंच रही है।
देश से मॉनसून की विदाई का वक्त आ गया है। आमतौर पर 15 सितंबर के बाद से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून लौटना शुरू हो जाता है। इसके संकेत भी मिलने लगे हैं लेकिन दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, कच्छ क्षेत्र और और दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान से सटे इलाके में बने निम्न दाब क्षेत्र के कारण 15 सितंबर को सौराष्ट्र और कच्छ में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन में इसका अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही IMD ने कहा है कि 19 सितंबर 2026 के आसपास पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं।
IMD ने कहा है कि नए मौसमी तंत्र के असर से बीते चौबीस घंटे में राजस्थान में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हुई है और अनुमान जताया है कि ये सिलसिला राज्य में अभी जारी रहेगा। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, कम दबाव का क्षेत्र आज दक्षिण पश्चिम राजस्थान और आसपास के कच्छ क्षेत्र के ऊपर बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में उदयपुर, कोटा, जोधपुर, अजमेर संभाग में हल्की मध्यम बारिश दर्ज की गई है। सर्वाधिक 88 मिलीमीटर बारिश उदयपुर के कोटड़ा में हुई।
तीन मौसमी दशाएं एकसाथ सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में मॉनसून ट्रफ, कम दबाव के क्षेत्र से जुड़ी ट्रफ और बंगाल की खाड़ी के पास बना चक्रवाती घेरा यानी तीन सिस्टम सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण बंगाल से लेकर गुजरात तक लगातार नमी पहुंच रही है और बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। इसके प्रभाव से अगले दो दिनों के दौरान देश के कई हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की तो कुछ पर भारी बारिश होने के आसार हैं। इनके अलावा पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और सिक्किम में भी भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
उत्तर भारत और पहाड़ों पर कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले दो-तीन दिनों तक उत्तर और उत्तर पश्चिम भारत में बारिश और आंधी-तूफान का दौर जारी रहेगा। IMD ने कहा है कि 17 सितंबर को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ़्फफ़राबाद में काफ़ी ज़्यादा से लेकर बडे इलाके में बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। इसके अलावा 15-17 सितंबर के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में काफ़ी ज़्यादा से लेकर बडे इलाके में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफ़ान और बिजली गिरने की संभावना है।
MP-छत्तीसगढ़ में मौसम का क्या मिजाज
मौसम विभाग ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में भी सक्रिय विभिन्न मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से अगले दो दिनों तक कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई है। प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। इस अवधि में सर्वाधिक अधिकतम तापमान माना में 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 20 डिग्री सेल्सियस रहा।
40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं
IMD के मुताबिक पश्चिमी मध्य प्रदेश में 17 से 19 सितंबर और पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 17 सितंबर के दौरान अधिकांश स्थानों पर वर्षा होने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में 19 से 21 सितंबर और ओडिशा में 19 से 21 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 15 से 21 सितंबर तक भारी बारिश और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।