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नई दिल्ली10 मिनट पहले
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विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बुधवार को पाक में आतंकियों के जनाजे की तस्वीर दिखाई।
विदेश मंत्रालय ने गुरुवार शाम 5.30 बजे लगातार दूसरे दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें बुधवार की तरह विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह मौजूद रहीं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नल सोफिया कुरैशी, विदेश सचिव विक्रम मिसरी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने भारत के सैन्य ऑपरेशन की जानकारी दी।
कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा पाकिस्तान ने 7 अप्रैल की रात भारत में कई ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले का प्रयास किया। अवंतिपोरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, नाल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज पर अटैक को भारत ने नाकाम कर दिया।
इन जगहों पर बरामद मलबा पाकिस्तानी हमले की पुष्टि करते हैं। इसके बाद गुरुवार सुबह भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के कई ठिकानों पर एयर सिस्टम को निशाना बनाया। इंडियन अटैक में लाहौर में एयर डिफेंस सिस्टम को नाकाम कर दिया गया।
पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर अकारण गोलीबारी तेज कर दी है। कुपवाड़ा, बारामूला, मेंढर और पुंछ में भारी गोलाबारी की जा रही है। इसमें 16 लोगों की जान गई, इनमें 3 महिलाएं और 5 बच्चे शामिल थे। भारत ने इसका जवाब दिया। हम तनाव बढ़ाना नहीं चाहते हैं।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा
कर्नल सोफिया कुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने आपसे कल भी यही बात की थी। यही कहना चाहूंगा कि भारत तनाव बढ़ाने का काम नहीं कर रहा है। हमारा मकसद सिर्फ 22 अप्रैल के हमले का जवाब देना था।
22 अप्रैल का हमला ही वास्तविक तनाव बढ़ाने वाली घटना थी। इसके बाद ही यह सिलसिला शुरू हुआ। उसका जवाब भारतीय फौज ने कल अपने एक्शन से दिया है। हमारा मकसद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था, मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर हमारा टारगेट नहीं थे।
द रेजिस्टेंस फ्रंट ने घटना की जिम्मेदारी ली थी। यह ग्रुप लश्कर का हिस्सा है। भारतीय अधिकारियों ने पहले ही UN को इसकी जानकारी दी थी। हम दोबारा मीटिंग करेंगे और UN को अपडेट देंगे। दिलचस्प बात यह है कि जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा समिति की कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान ने TRF का नाम लेने का विरोध किया, जब TRF को पता चला कि यह बहुत बड़ी घटना है, तब उसने अपना नाम वापस ले लिया।

पाकिस्तान टेररिज्म का ग्लोबल एपिसेंटर, दुनियाभर की सरकारों के पास इसके सबूत
पाकिस्तान 22 अप्रैल के आतंकी हमले में किसी भी तरह के इन्वॉल्वमेंट से पल्ला झाड़ना चाह रहा है। पाकिस्तान के मंत्री कह रहे हैं कि उनके देश में कोई आतंकी नहीं है। आज पूरी दुनिया में पाकिस्तान को ग्लोबल टेररिज्म का एपिसेंटर माना जाता है। दुनियाभर की एजेंसियों और सरकारों के पास इस बात के सबूत हैं।
दुनियाभर के आतंकी हमलों में कई पाकिस्तानी आतंकवादियों का हाथ है। वह भारत में आतंकवाद फैलाने के लिए जिम्मेदार है। आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को उनके यहां शहीद कहा गया।
साजिद मीर के मारने की खबर थी, बाद में उसे जिंदा बता दिया गया ताकि उन पर कोई बात न आए। पिछले दिनों पाकिस्तान के रक्षा मंत्री और पूर्व विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के आतंकवादी संगठनों से संबंध की बात मानी है।
मुंबई-पठानकोट के सबूत दिए, पाकिस्तान ने आतंकियों को बचाने में इस्तेमाल किए

दूसरा विषय है कि पाकिस्तान दावा करता है कि निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय कमेटी पहलगाम हमले की जांच करे। आप पाकिस्तान का इतिहास और ट्रैक रिकॉर्ड जानते हैं। मुंबई हमला हो, पठानकोट हमला हो, ऐसे कई उदाहरण हैं।
मुंबई हमले में भारत और पाकिस्तान की जॉइंट टीम बनाई गई थी। इंडिया ने कहा था कि हम सहयोग करेंगे, हमने पाकिस्तान को फोरेंसिक रिपोर्ट दी थी और कहा था कि पाकिस्तान साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में खड़ा करे। सबूत भी दिया था, पाकिस्तान में केस रजिस्टर हुए, लेकिन इन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया गया।
पठानकोट में जॉइंट इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई थी। पाकिस्तानी टीम को हमने हमले वाली जगह जाने की इजाजत दी थी। उनसे DNA और दूसरी रिपोर्ट शेयर की थीं। आतंकवादियों के पते भी बताए थे, जैश के लीडर्स के बारे में जानकारी दी थी, लेकिन जांच में कुछ नहीं हुआ।
ऐसे जॉइंट इन्वेस्टिगेशन में हमें अब भरोसा नहीं है। पाकिस्तान ने उन सबूतों का इस्तेमाल आतंकवादियों को बचाने और घटना को छिपाने में ही किया है, जांच में रुकावट डाली।
आतंकियों को पाकिस्तानी झंडे में लपेटा, उनके जनाजे में फौज मौजूद थी
ऑपरेशन सिंदूर में केवल आतंकी इमारतें ही टारगेट थीं। पाकिस्तान दावा कर रहा है कि भारत के ऑपरेशन में सिर्फ सिविलियन मारे गए। वहां आतंकवादियों के अंतिम संस्कार की तस्वीरें देखिए। अगर सिविलयन मारा गया है तो अफसरों की फौज आतंकी हाफिज अब्दुल राउफ के साथ क्यों आई।
आतंकवादियों के शव को पाकिस्तानी झंडे में लपेटा गया था। उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार पूरी सच्चाई बयां करता है। पाकिस्तान का दावा पूरी तरह से झूठा है। हमने जिन्हें टारगेट बनाया उनमें कुछ ऐसी इमारतें थीं, जहां कट्टरता की ट्रेनिंग दी जाती थी और इन्हें धार्मिक इमारतों की आड़ में छिपाया जाता था।

पाकिस्तान ने गुरुद्वारे पर हमला किया, फायरिंग में 16 नागरिक मारे गए
सीजफायर वॉयलेशन के दौरान पाकिस्तान ने सिख गुरुद्वारे पर हमला किया। पाकिस्तानी फायरिंग में 16 नागरिक मारे गए और 59 लोग घायल हैं। पाकिस्तानी आर्मी चीफ ने 16 अप्रैल को स्पीच दी थी, जो पूरी तरह धार्मिंक रंग में रंगी हुई थी। भारत में सभी धर्मों के लोग बराबरी से रहते हैं। पूरी दुनिया ने पहलगाम हमले की निंदा की है। भारत ने सिर्फ जवाब दिया, पहलगाम हमला वो चीज थी, जिसने तनाव बढ़ाया। पाकिस्तान सिर्फ प्रोपेगैंडा फैला रहा है।
पाकिस्तान PoK में एक डैम को निशाना बनाए जाने का दावा कर रहा है। हमने सिर्फ आतंकी इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया है। यह दावा सिर्फ भारतीयों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाए जाने का आधार बनाए जाने के लिए किया जा रहा है। अगर ऐसा किया गया तो भारत माकूल जवाब देगा।
भारत ने 6 दशक तक सिंधु जल समझौते को माना, पाकिस्तान ने शर्तें तोड़ीं
पिछले 2 साल से भारत सरकार पाकिस्तान से बात कर रही है। उन्हें नोटिस भेजकर सिंधु समझौते में कुछ मॉडिफिकेशन की बात की है। हमने 6 दशक तक इस समझौते का सम्मान किया। तब भी, जब पाकिस्तान ने हमसे जंग की। पाकिस्तान ने इस समझौते की शर्तें तोड़ी हैं। हमें हमारे अधिकारों का इस्तेमाल करने से रोका गया।
भारत की सहनशीलता है जो सिंधु समझौते को 65 साल से निभा रहे हैं। पाकिस्तान ने हमारी अपील पर कोई ध्यान नहीं दिया। यह संधि 50-60 के दशक में हुई थी। टेक्निकल चेंज, डेमोग्राफिक चेंज पर ध्यान देना होगा। आतंकी हमलों के चलते इस समझौते में दिक्कतें आईं। इसके बाद भारत ने इस संधि को रद्द करने का फैसला लिया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल-जवाब
सवाल: पाकिस्तान ने क्या भारतीय फाइटर जेट्स गिराए? क्या पाकिस्तान झूठ बोल रहा है? जवाब: जब सही समय होगा तो आधिकारिक तौर पर आपको सूचना दी जाएगी। पाकिस्तान का जन्म लेते ही झूठ शुरू हो गया था। 1947 में संयुक्त राष्ट्र से कहा था कि कश्मीर पर हमला करने वाले कबायली हैं। हमारी फौजों और हमारी फौजों ने देखा था तब कि वहां पर पाकिस्तान की फौज थी। झूठ की यात्रा 75 साल पहले शुरू हो चुकी है।
सवाल: मिलिट्री एस्केलेशन के बढ़ने के बारे में क्या कहेंगे? जवाब: जहां तक तनाव बढ़ने की बात है तो पहली बात कि पाकिस्तान ने ही तनाव बढ़ाया था, हम सिर्फ जवाब दे रहे हैं। अगर पाकिस्तान कोई हिमाकत करता है तो पाकिस्तान को माकूल जवाब दिया जाएगा। यह पाकिस्तान को तय करना है कि वो क्या करेगा। दुनिया में सिर्फ यही भावना है कि 22 अप्रैल को हुआ आतंकी हमले बेहद क्रूर और जघन्य था, इसके बाद सभी के सेंटिमेंट भारत सरकार को सपोर्ट में हैं।
सवाल: ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए बड़े आतंकी चेहरे कौन हैं? जवाब: ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए बड़े चेहरे कौन हैं, अभी इसकी डिटेल्स आपके साथ शेयर नहीं कर सकता हूं। इस बारे में टीवी, सोशल मीडिया पर खबरें हैं। जब हमारे पास इन्फॉर्मेशन आएगी तो हम आपके साथ शेयर करेंगे।
सवाल: प्रधानमंत्री मोदी ने कतर और सउदी के लीडर्स के बात की थी, इस पर क्या कहेंगे? जवाब: आप ने जिन देशों का नाम लिया जैसे सऊदी और कतर। प्रधानमंत्री ने दुनिया के बड़े नेताओं से बात की है। सभी ने यह माना है कि 22 अप्रैल का आतंकी हमला क्रूर और जघन्य था। हमने जो भी किया वह बहुत सोचा-समझा, नियंत्रित रिएक्शन था। दुनिया हमारे एक्शन को समझ रही है।
पहली बार आर्मी और एयरफोर्स की महिला अफसरों से जंग की ब्रीफिंग
सरकार की तरफ से 2 दिन में यह दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस है। 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी गई थी। इसमें बताया गया था कि मंगलवार रात 1:04 बजे से 1:28 बजे के बीच 24 मिनट में 9 टारगेट तबाह किए गए।
देश के इतिहास में पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्मी की कर्नल सोफिया कुरैशी और एयरफोर्स की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी। विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी मौजूद थे।


अपडेट्स
01:01 PM8 मई 2025
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विदेश मंत्रालय ने कहा, जन्म लेते ही पाकिस्तान का झूठ शुरू हो गया था
पाकिस्तान ने क्या भारतीय फाइटर जेट्स गिराए, इस सवाल पर मिसरी ने कहा- जब सही समय होगा तो आधिकारिक तौर पर आपको सूचना दी जाएगी। पाकिस्तान का जन्म लेते ही झूठ शुरू हो गया था। 1947 में संयुक्त राष्ट्र से कहा था कि कश्मीर पर हमला करने वाले कबायली हैं। हमारी फौजों ने देखा था तब कि वहां पर पाकिस्तान की फौज थी। झूठ की यात्रा 75 साल पहले शुरू हो चुकी है।
12:57 PM8 मई 2025
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मिसरी ने कहा- पाकिस्तान ने ही तनाव बढ़ाया था, हम सिर्फ जवाब दे रहे
मिसरी ने बताया, ‘जहां तक तनाव बढ़ने की बात है तो पहली बात कि पाकिस्तान ने ही तनाव बढ़ाया था, हम सिर्फ जवाब दे रहे हैं। अगर पाकिस्तान कोई हिमाकत करता है तो पाकिस्तान को माकूल जवाब दिया जाएगा। यह पाकिस्तान को तय करना है कि वो क्या करेगा। 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद दुनिया भारत सरकार को सपोर्ट कर रही है।
12:54 PM8 मई 2025
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सवाल: पाकिस्तान में कितने आतंकी मारे गए हैं। क्या कोई चर्चित आतंकी भी ढेर हुए
जवाब: मिसरी ने बताया, मेरे पास इस तरह के सवालों का अभी कोई जवाब नहीं है। कृपया समझें कि अभी ऑपरेशन को सिर्फ 36 घंटे हुए हैं। सही समय आने पर पूरी जानकारी दे दी जाएगी।
12:53 PM8 मई 2025
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सवाल: पाकिस्तान दावा कर रहा है कि भारत के फाइटर जेट्स गिराए हैं। हकीकत क्या है?
जवाब: मिसरी ने बताया कि जब सही समय होगा तो आधिकारिक तौर पर आपको सूचना दी जाएगी। पाकिस्तान का जन्म लेते ही झूठ शुरू हो गया था। 1947 में संयुक्त राष्ट्र से कहा था कि कश्मीर पर हमला करने वाले कबायली हैं। हमारी फौजों और हमारी फौजों ने देखा था तब कि वहां पर पाकिस्तान की फौज थी। झूठ की यात्रा 75 साल पहले शुरू हो चुकी है।
12:49 PM8 मई 2025
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विदेश सचिव ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर के बारे में सवाल न करें
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बारे में सवाल न करें और रक्षा मंत्रालय जरूरी जानकारियां देगा। दोनों देशों के सुरक्षा सलाहकारों की बातचीत के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।
12:46 PM8 मई 2025
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विदेश मंत्रालय ने कहा- भारत सिंधु समझौते को 65 साल से निभा रहा
विदेश सचिव मिसरी ने कहा, ‘पिछले 2 साल से भारत पाकिस्तान सरकार से बात कर रही है, उन्हें नोटिस भेजा है और सिंधु समझौते में कुछ मॉडिफिकेशन की बात की। हमने 6 दशक तक इस समझौते का सम्मान किया, तब भी जब पाकिस्तान ने हमसे जंग की। पाकिस्तान ने इस समझौते की शर्ते तोड़ी हैं। हमें हमारे अधिकारों का इस्तेमाल करने से रोका गया। भारत की सहनशीलता है जो सिंधु समझौते को 65 साल से निभा रहे हैं। पाकिस्तान ने हमारी अपील पर कोई ध्यान नहीं दिया। यह संधि 60s में हुई थी। टेक्निकल चेंज, डेमोग्राफिक चेंज को ध्यान देना होगा। आतंकी हमलों के चलते इस समझौते में दिक्कतें आईं। इसके बाद भारत ने इस संधि को रद्द करने का फैसला लिया।’
12:40 PM8 मई 2025
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विदेश सचिव ने कहा, पाकिस्तान सिर्फ प्रोपेगैडा फैला रहा
विदेश सचिव मिसरी ने बताया, ‘पीओके में एक डैम को निशाना बनाए जाने का पाकिस्तान दावा कर रहा है। हमने सिर्फ आतंकी इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया है। यह दावा सिर्फ भारतीयों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाए जाने का आधार बनाए जाने के लिए किया जा रहा है। अगर ऐसा किया गया तो भारत माकूल जवाब देगा। पाकिस्तान सिर्फ प्रोपेगैडा फैला रहा।’
12:36 PM8 मई 2025
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विदेश सचिव ने कहा- आतंकवादियों को पाकिस्तानी झंडे में लपेटा गया

विदेश सचिव मिसरी ने कहा, ‘वह दावा कर रहे हैं कि हमारे ऑपरेशन में सिर्फ सिविलियन मारे गए। ऑपरेशन सिंदूर में केवल आतंकी इमारतें और टारगेट थे। उनके यहां आतंकवादियों का अंतिम संस्कार किया गया। अगर सिर्फ सिविलयन मारा गया है तो अफसरों की फोटोज आतंकी (लश्कर-ए-तैयबा कमांडर हाफिज रउफ) के साथ क्यों आई, आतंकवादियों को पाकिस्तानी झंडे में लपेटा गया था।
12:34 PM8 मई 2025
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मिसरी ने कहा- पाकिस्तान पर अब भरोसा नहीं
विदेश सचिव मिसरी ने बताया, ‘पठानकोट में ज्वॉइंट इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई थी। पाकिस्तानी टीम को हमने हमले की जगह जाने की इजाजत दी थी। उनसे डीएनए और दूसरी रिपोर्ट शेयर की थी। आतंकवादियों के पते भी हमने बताए थे, जैश के लीडर्स के बारे में हमने जानकारी दी थी। लेकिन जांच में कुछ नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि मुझे लगता है कि हमारा एक्सपीरियंस सकारात्मक नहीं रहा है। हमें अब भरोसा नहीं है ऐसे जॉइंट इन्वेस्टिगेशन में। पाकिस्तान ने उन सबूतों का इस्तेमाल आतंकवादियों को बचाने और घटना को छिपाने में ही किया है। इसके अलावा जांच में रुकावट डाली।
12:32 PM8 मई 2025
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विदेश सचिव ने कहा- पाकिस्तान ग्लोबल टेररिज्म का एपी सेंटर
विदेश सचिव ने कहा- पाकिस्तान किसी भी इन्वॉल्वमेंट से पल्ला झाड़ना चाह रहा है। पाकिस्तान के मंत्री कह रहे हैं कि वहां कोई आतंकी नहीं है। पाकिस्तान को ग्लोबल टेररिज्म का एपी सेंटर माना जाता है। इस बात के सबूत हैं दुनियाभर की एजेंसियों और सरकारों के पास हैं। दुनियाभर के आतंकी हमलों में पाकिस्तानी आतंकवादियों का हाथ है। वह भारत में आतंकवाद फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं। आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को उनके यहां शहीद कहा गया।
साजिद मीर के मरने की खबर थी, बाद में उसके जिंदा बताया गया। पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री और पूर्व विदेश मंत्री ने इस बात को माना है कि पाकिस्तान का आतंकवादी संगठनों से संबंध है।
12:27 PM8 मई 2025
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विदेश मंत्रालय ने कहा- हमारा जवाब सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था
मिसरी ने बताया, जब टीआरएफ को पता चला कि यह बहुत बड़ी घटना है, तब उसने अपना नाम वापस लेने का ऐलान किया। तीसरी बात कहना है कि कुरैशी, व्योमिका सिंह ने आपसे बात साझा की है। भारत तनाव बढ़ाने का काम नहीं कर रहा है। हमारा मकसद सिर्फ 22 अप्रैल के हमले का जवाब देना है। हमारा जवाब सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था। मिलिट्री हमारा टारगेट नहीं थी।
12:24 PM8 मई 2025
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मिसरी ने कहा- यूएन को भी इसकी जानकारी दी
विक्रम मिसरी ने कहा- कुछ चीजें बताना चाहूंगा कि 22 अप्रैल का हमला ही वास्तविक तनाव बढ़ाने वाली घटना थी। इसके बाद ही यह सिलसिला शुरू हुआ। उसका जवाब भारतीय फौज ने कल अपने एक्शन से दिया है। दूसरी बात द रेजिस्टेंस फ्रंट ने जिम्मेदारी ली थी। यह ग्रुप लश्कर का हिस्सा है। पहले ही भारतीय अधिकारियों ने यूएन को भी इसकी जानकारी दी थी। हम दोबारा मीटिंग करेंगे और अपडेट देंगे। दिलचस्प बात यह है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा समिति ने जब कॉन्फ्रेंस की बात चल रही थी, तब पाकिस्तान ने टीआरएफ का नाम लिए जाने का विरोध किया।
12:20 PM8 मई 2025
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पाकिस्तान ने कई ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले का प्रयास किया
पाकिस्तान ने 7 मई की रात भारत में कई ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले का प्रयास किया। इन्हें भारत ने नाकाम कर दिया। इनका मलबा कई स्थानों पर बरामद हुआ। आज सुबह भारतीय सशक्त बलों ने पाकिस्तान के कई ठिकानों पर एयर सिस्टम को निशाना बनाया। लाहौर में एयर डिफेंस सिस्टम को नाकाम कर दिया गया। पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर अकारण गोलीबारी की तीव्रता बढ़ा दी है। कुपवाड़ा, बारामुला, मेंढर और पुंछ में भारी गोलाबारी की जा रही है।
12:18 PM8 मई 2025
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विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू
विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है। कर्नल सोफिया कुरैशी, विदेश सचिव विक्रम मिसरी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने भारत के सैन्य ऑपरेशन की जानकारी दे रही हैं।
12:04 PM8 मई 2025
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विक्रम मिसरी 1989 में IFS अफसर बने

12:02 PM8 मई 2025
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विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा- पहलगाम हमला कायरतापूर्ण था

बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में विक्रम मिसरी ने कहा था कि इसमें परिवार के सामने लोगों की हत्या की गई, उनके सिर में गोली मारी गई। बचे हुए लोगों से कहा गया कि वे इस हमले का संदेश पहुंचाएं। पिछले साल सवा 2 करोड़ से ज्यादा पर्यटक कश्मीर आए थे। हमले का मकसद था कि कश्मीर के विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर पिछड़ा बनाए रखा जाए।
हमले का यह तरीका जम्मू-कश्मीर और देश में सांप्रदायिक दंगे फैलाने की कोशिश था। एक समूह ने खुद को TRF कहते हुए हमले की जिम्मेदारी ली। इसे UN ने प्रतिबंधित किया है और यह लश्कर से जुड़ा है।
पाकिस्तान स्थित समूहों के लिए कवर के तौर पर TRF का इस्तेमाल किया गया। पहलगाम हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। TRF के दावे और लश्कर के सोशल मीडिया पोस्ट इसे साबित करते हैं।
12:01 PM8 मई 2025
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विदेश सचिव ने कहा था- पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के बारे में हमें सूचना मिली, इन्हें रोकना जरूरी था

पहलगाम के हमलावरों की पहचान भी हुई है और भारत में सीमापार से आतंकवाद फैलाने के पाकिस्तान का प्लान उजागर हुआ है। पाकिस्तान आतंकवादियों की शरण स्थली के रूप में पहचान बना चुका है। आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों को जवाबदेह ठहराने की आवश्यकता UN ने भी जताई थी।
पहलगाम में 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और इसकी प्लानिंग करने वालों को न्याय के कठघरे में लाना जरूरी था। वे इनकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहे हैं। भारत सरकार ने पाकिस्तान से संबंधों को लेकर कुछ कदम भी उठाए हैं।
पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों के बारे में हमें सूचना मिली थी कि वे और हमले कर सकते हैं। इन्हें रोकना जरूरी था। हमने इन्हें रोकने के अधिकार का इस्तेमाल किया है। यह कार्रवाई नपी-तुली और जिम्मेदारीपूर्ण है। हमारा एक्शन आतंकवाद के इन्फ्रास्ट्रक्चर को खत्म करने और आतंकियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है।
12:00 PM8 मई 2025
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विदेश सचिव ने कहा था- पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के बारे में हमें सूचना मिली, इन्हें रोकना जरूरी था

पहलगाम के हमलावरों की पहचान भी हुई है और भारत में सीमापार से आतंकवाद फैलाने के पाकिस्तान का प्लान उजागर हुआ है। पाकिस्तान आतंकवादियों की शरण स्थली के रूप में पहचान बना चुका है। आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों को जवाबदेह ठहराने की आवश्यकता UN ने भी जताई थी।
पहलगाम में 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और इसकी प्लानिंग करने वालों को न्याय के कठघरे में लाना जरूरी था। वे इनकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहे हैं। भारत सरकार ने पाकिस्तान से संबंधों को लेकर कुछ कदम भी उठाए हैं।
पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों के बारे में हमें सूचना मिली थी कि वे और हमले कर सकते हैं। इन्हें रोकना जरूरी था। हमने इन्हें रोकने के अधिकार का इस्तेमाल किया है। यह कार्रवाई नपी-तुली और जिम्मेदारीपूर्ण है। हमारा एक्शन आतंकवाद के इन्फ्रास्ट्रक्चर को खत्म करने और आतंकियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है।