7 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

पाकिस्तान के सिंध में मतली फलकारा चौक के पास गोली लगने के बाद सैफुल्लाह काफी देर तक तड़पता रहा। लोग उसे देखते रहे। यहीं तड़प-तड़पकर उसकी मौत हो गई।
लश्कर-ए-तैयबा और जमात का आतंकवादी रजुल्लाह निजामनी उर्फ अबू सैफुल्लाह मारा गया है। सैफुल्लाह को पाकिस्तान के सिंध में मतली फलकारा चौक के पास अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। हालांकि उसे गोली कब मारी गई, इसकी जानकारी अभी नहीं है।
सैफुल्लाह नेपाल में लश्कर के मॉड्यूल पर काम कर रहा था। वह नेपाल में विनोद कुमार के नाम से काम करता था। उसने नेपाली महिला नगमा बानू से शादी की थी।
सैफुल्लाह भारत में आतंकियों की घुसपैठ और आर्थिक मदद जुटाने जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम दे रहा था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सैफुल्लाह लश्कर के ऑपरेशनल कमांडर आजम चीमा उर्फ बाबाजी का सहयोगी था।
सैफुल्लाह 2006 में नागपुर के RSS मुख्यालय पर हुए हमले में शामिल था। इसके अलावा 2008 में उत्तर प्रदेश के रामपुर में CRPF कैंप पर हुए आतंकी हमले और 2005 में IISC बेंगलुरु पर हमले की साजिश का मास्टरमाइंड था।

सैफुल्लाह नेपाल में लश्कर के मॉड्यूल पर काम कर रहा था।
RSS हेडक्वॉर्टर पर आतंकी हमले की साजिश रची थी
- 2006 में नागपुर में RSS मुख्यालय पर आतंकियों ने एक बड़े हमले की साजिश रची थी।
- इस हमले को सुरक्षा बलों ने समय रहते नाकाम कर दिया था।
- 2006 में 1 जून की सुबह लगभग 4:00 से 5:00 बजे के बीच तीन हमलावर एक सफेद कार में सवार होकर आए।
- कार में भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक थे। हमलावरों के पास AK-47 राइफल्स और ग्रेनेड भी थे।
- उन्होंने RSS मुख्यालय में जबरन घुसने की कोशिश की, लेकिन उस समय वहां पहले से तैनात सीआरपीएफ जवानों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की।
- मुठभेड़ में तीनों हमलावर मारे गए।
- किसी भी सुरक्षा कर्मी या RSS स्वयंसेवक को कोई नुकसान नहीं हुआ।
रामपुर में CRPF कैंप पर हमले में 7 जवान शहीद हुए थे
- उत्तरप्रदेश के रामपुर में 31 दिसंबर 2007 की रात को आतंकियों ने सीआरपीएफ कैंप पर हमला किया था।
- इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी शामिल थे।
- रात करीब 2:30 बजे आतंकियों ने दिल्ली-लखनऊ रोड पर CRPF ग्रुप सेंटर के गेट नंबर एक से अंदर घुसकर हमला किया।
- AK-47 राइफलों और हैंड ग्रेनेड्स का इस्तेमाल करते हुए जवानों को निशाना बनाया।
- हमले में सात सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए और एक रिक्शा चालक की भी मौत हो गई।
- हमले के बाद उत्तर प्रदेश एसटीएफ और पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
- मामले में 12 साल बाद 2019 में अदालत ने छह आरोपियों को सजा सुनाई थी।
लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी अबू कताल मार्च में मारा गया था
इससे पहले लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का मोस्ट वांटेड आतंकी अबू कताल 15 मार्च की रात पाकिस्तान में मारा गया था। पंजाब राज्य में अनजान हमलावरों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
अबू कताल 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का करीबी था। कताल LeT का अहम सदस्य था और जम्मू-कश्मीर में कई हमलों की साजिश रचने के लिए जाना जाता था।
पिछले साल 9 जून को जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में शिवखोड़ी मंदिर से लौट रहे तीर्थयात्रियों की बस पर हमले में भी कताल का हाथ था। इसमें 10 लोगों की जान गई थी।

आतंकी हाफिज सईद के साथ अबू कताल (लाल घेरे में)।
कुलभूषण को अगवा कराने वाले मुफ्ती को भी अज्ञात हमलावरों ने गोली मारी थी
मुफ्ती शाह मीर को पाकिस्तान के बलूचिस्तान में 14 मार्च को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी। मुफ्ती मीर ने ईरान से कुलभूषण जाधव को अगवा करने में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की मदद की थी।
नमाज के बाद मुफ्ती मीर मस्जिद से बाहर निकल रहा था। तभी बाइक सवार हमलावरों ने घात लगाकर उस पर हमला कर दिया और कई गोली मारी। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक गोली लगने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
ह्यूमन ट्रैफिकिंग (मानव तस्करी) और हथियारों की तस्करी में शामिल मुफ्ती मीर इस्लामिक कट्टरपंथी पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम का मेंबर था।

शाह मीर इस्लामिक कट्टरपंथी पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम का मेंबर था।
————————
ये खबर भी पढ़ें…
गाजा पर इजराइली हमले में 3 दिन में 250 मौत:हमास के 150 ठिकानों पर हमला; गाजा खाली कराने का ऑपरेशन जारी

इजराइली सेना ने हमास को हराने और अपने बंधकों की रिहाई के लिए गाजा में एक बड़ा मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया है। इस ऑपरेशन के तहत इजराइल ने बीते 3 दिन में गाजा पर कई बड़े हमले किए, जिसमें 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…