Haryana Sirsa Fake marriage gang story | Punjab Bathinda Mastermind Resham Singh | Rajasthan Police Investigating | हरियाणा में पकड़े फर्जी शादी कराने वाले मास्टरमाइंड की कहानी: 10वीं पास, धागा फैक्ट्री वर्कर से बना लुटेरा-नशा तस्कर; राजस्थान में विवाह कराए – Sirsa News

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रेशम सिंह ने राजस्थान के बीकानेर में दो लड़कों की एकसाथ शादी कराई थी। इसी मामले में केस भी दर्ज हुआ था। इनसेट में आरोपी रेशम सिंह।

हरियाणा के सिरसा में फर्जी शादी करवाने के आरोप में पकड़े गए मास्टरमाइंड रेशम सिंह से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। 59 साल के रेशम सिंह पर अभी तक 18 केस दर्ज होने का पता चला है। फर्जी शादी कराने के अलावा वह लूट, चोरी और नशा तस्करी में भी शामिल रहा है।

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अपराध की दुनिया में कदम रखने से पहले रेशम सिंह पंजाब की धागा फैक्ट्री में काम करता था। सुबह फैक्ट्री जाता और शाम को घर लौट आता था। उसकी यही दिनचर्या थी। उसने 2-3 साल तक यही लाइफ जी। महीने में जो भी कमाता, उससे घर का गुजारा ही मुश्किल से चल रहा था।

इस जिंदगी से वह तंग आ चुका था। साल 2000 में उसका नाम पशु और वाहन चोरी में आ गया। मुकदमा दर्ज हुआ तो पुलिस घर के दरवाजे पर पहुंच गई। बस यहीं से शुरू हुआ रेशम सिंह के अपराधी बनने का सफर। रेशम सिंह के चोरी से लूट, नशा तस्करी और फिर फर्जी शादी गिरोह का मास्टर माइंड बनने की कहानी, पढ़ें पूरी रिपोर्ट…

हरियाणा के डबवाली में राजस्थान पुलिस ने दुल्हन और उसके फर्जी रिश्तेदार को पकड़ा।

हरियाणा के डबवाली में राजस्थान पुलिस ने दुल्हन और उसके फर्जी रिश्तेदार को पकड़ा।

पंजाब के सबसे बड़े गांव का रहने वाला, पिता किसान पुलिस से मिले रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी रेशम सिंह पंजाब के बठिंडा के मेहराज गांव का रहने वाला है। इस गांव को पंजाब राज्य का सबसे बड़ा गांव कहा जाता है। उसके पिता भादर सिंह किसान थे। इसी से परिवार को गुजारा चलता था। गांव में करीब चार से पांच एकड़ जमीन थी, जिसे उसके पिता ने बेच दिया था। यह बात साल 2000 से पहले की है। उस वक्त रेशम सिंह करीब 24 साल का था। वह 10वीं पास था। जमीन बिकने के बाद रेशम सिंह ने पंजाब के बठिंडा की धागा मिल में काम करना शुरू कर दिया।

2-3 साल फैक्ट्री में काम किया, मन भरने लगा पुलिस के मुताबिक, रेशम सिंह ने बठिंडा की धागा मिल के बाद एक अन्य धागा मिल में काम किया। महीने भर में जो सैलरी मिलती, उससे परिवार का गुजारा चलता। रेशम की अपनी जिंदगी फैक्ट्री में भी फंस गई थी। 2-3 साल तक ही उसने फैक्ट्री में काम किया। इसी दौरान उसका नाम पशु और वाहन चोरी में आ गया। साल 2000 में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया। पुलिस केस में फंसा तो फिर उसने अपराध को ही अपना पेशा बना लिया।

चोरी के 10 और 3 मुकदमे NDPS के दर्ज हुए पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रेशम सिंह ने शुरुआत में पंजाब में पशु और वाहन चोरी की। फिर उसने हरियाणा और राजस्थान में भी अपराध करना शुरू कर दिया। इसके साथ ही उसने नशा तस्करी भी शुरू कर दी। पंजाब और हरियाणा में उसका काम फल फूलने लगाने। मगर, 2000 में दर्ज हुए मुकदमे की वजह से वह पुलिस की नजर में आ गया। इसके बाद उसके खिलाफ पंजाब के बठिंडा, अबोहर सदर थाना और हरियाणा के ऐलनाबाद, डबवाली थाना में पशु एवं वाहन चोरी के मुकदमे दर्ज हुए। इसके अलावा जालंधर के थाना डिवीजन नंबर एक में 1 और बठिंडा सिटी में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टांसेस एक्ट (NDPS) के दो मामले दर्ज हैं।

घोषित अपराधी बना तो परेशान करने लगी पुलिस आरोपी रेशम ने अब लूट और धोखाधड़ी भी करनी शुरू कर दी थी। उसके खिलाफ राजस्थान के हनुमानगढ़ जंक्शन थाना में पिकअप गाड़ी लूट का मामला दर्ज है। इसके अलावा इसी जंक्शन में 2004 में धोखाधड़ी का मामला दर्ज था। इस मामले में सजा भी सुनाई गई थी। इसके बाद वह घोषित अपराधी बन गया। पुलिस परेशान करनी लगी तो शादी कराने का फर्जीवाड़ा शुरू किया। इसके पीछे कारण था कि इसमें नाम, पते सब फर्जी होते थे। पकड़े जाने का डर कम था, क्योंकि लोग यदि शिकायत करते तो पते फर्जी ही निकलते थे।

2016 में फर्जी शादी कराने का पहला केस दर्ज हुआ था रेशम सिंह की शादी भी हो चुकी थी। बताया जाता है कि शादी करने के फर्जीवाड़े में शुरुआत में उसने लड़की तलाशने का काम अपनी पत्नी को सौंपा था। मगर, बाद में बेटा होने के बाद उसने पंजाब की ही महिला बीरपाल को यह जिम्मेदारी सौंप दी। दोनों मिलकर टारगेट ढूंढते और फिर फर्जी रिश्तेदार खड़े कर शादी करा देते। शादी के चंद दिन बाद ही दुल्हन बनी लड़कियां परिवार के गहने आदि समेट कर फरार हो जाती। शुरुआत में इस गोरखधंधे के लिए उसने पंजाब और राजस्थान को ही ज्यादा टारगेट किया। उसके खिलाफ फर्जी शादी कराने का पहला केस भी राजस्थान के बीकानेर सिटी में 2016 में दर्ज हुआ था। इसके बाद बीकानेर के कालोयत थाने में 2024 और मई 2025 को हरियाणा में मामला दर्ज हुआ।

तीन राज्यों में फैलाया जाल, 13 शादियां कराईं पुलिस के मुताबिक, आरोपी रेशम सिंह ने फर्जी शादियां करवाने का जाल हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में बिछाया हुआ था। हरियाणा के भिवानी जिले में तीन, सोनीपत के गोहाना में तीन, एक अंबाला, एक हिसार की सिवानी तहसील में शादियां करवाई है। पंजाब के पटियाला में एक और राजस्थान के बीकानेर में तीन शादियां करवाई हैं। रेशम पर फर्जी शादी कराने के केवल तीन ही मामले दर्ज हैं। हाल ही में सामने आए चौथे डबवाली के मामले में जांच चल रही है। अन्य मामलों में समझौते की बात सामने आई है या कोई शिकायत ही नहीं की गई।

हरियाणा के सिरसा में शादी कर रहे दूल्हे को बीकानेर पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था। इसके बाद उसे डबवाली पुलिस को सौंप दिया था।

हरियाणा के सिरसा में शादी कर रहे दूल्हे को बीकानेर पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था। इसके बाद उसे डबवाली पुलिस को सौंप दिया था।

पुलिस से बचने के लिए ये ट्रिक अपनाता था…

सोशल मीडिया से पूरी तरह रखता था दूरी पुलिस के अनुसार, रेशम सिंह काफी शातिर है। वह यह भी जानता था कि कोई भी फोटो सोशल मीडिया पर डाल दिया जाए तो फंसने के चांस बढ़ जाते हैं। ऐसे में उसने कभी कोई सोशल मीडिया अकाउंट नहीं बनाया। हालांकि उसके पास महंगे फोन मिले, लेकिन कोई सोशल मीडिया अकाउंट नहीं मिला। जिन लोगों की शादी वह कराता था, उसमें भी फोटो नहीं खिंचवाता था। शादी वाले स्थल के लिए धार्मिक स्थानों को भी वह इसीलिए चुनता था, क्योंकि वहां फोटो आदी कम ही खींचे जाते हैं। खुद को बताता था कार डीलर, दिखाता था ठाटबाट पुलिस के अनुसार, खुद को रेशम सिंह कार डीलर बताता था और ठाटबाट से रहता था। बड़ी गाड़ी रख रखी थी, ताकि लोगों को उस पर पूरा भरोसा रहे। इन दिनों आरोपी रेशम सिंह आईडी एवं पता बदलकर सिरसा जिले के डबवाली के वार्ड-6 के सुंदर नगर में रह रहा था। कभी आधार कार्ड तो कभी सिम अन्य दस्तावेज फोटोकॉपी करवाकर फर्जी आईडी बनवा रखी थी। इस काम में वह माहिर हो चुका था। लग्जरी लाइफ स्टाइल दिखाने के लिए कार भी रखी हुई थी। एक शादी कराने के बाद वह कमरा बदल देता था, वहां भी जो कागजात देता था, वे सभी फर्जी होते थे।

जहां शादी होती, वहीं से लोगों को हायर करता पुलिस के मुताबिक, जहां जिस एरिया में शादी होती थी, वहीं उसी एरिया से लोगों को दुल्हन बनी लड़की के माता-पिता और रिश्तेदार बनाने के लिए हायर करता था। लड़कियां देखने के बाद शादी के डील फाइनल होती थी। हर किसी को माता-पिता के किरदार के लिए चार से पांच हजार रुपए मिलते थे और दुल्हन को 20 से 30 हजार रुपए मिलते थे। वह लोगों से पैसों की डील भी ज्यादातर कैश में ही करता था, ताकि ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में मोबाइल नंबर न पकड़ा जा सके। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी का परिवार गांव में ही रहता है, लेकिन पत्नी और बच्चों से कोई संपर्क नहीं।

ऐसे पुलिस के हत्थे चढ़ा रेशम सिंह राजस्थान के कोलायत थाना प्रभारी लखवीर सिंह ने बताया कि 27 मार्च, 2024 को नकली शादी का फर्जीवाड़ा तब सामने आया, जब सुंदर गिरि नामक युवक ने शिकायत दर्ज कराई। उसने कहा कि दर्शन सिंह उर्फ रेशम सिंह ने उससे पैसे लेकर उसकी और उसके भाई की शादियां करवाई। उसने धार्मिक रीति-रिवाजों के बाद शादी का पंजीकरण करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। कोर्ट में जब दस्तावेज जमा किए तो पता चला दोनों लड़कियों के कागज फर्जी हैं। दोनों लड़कियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो रेशम सिंह का नाम सामने आया। पता चला कि रेशम सिंह ही मुख्य साजिशकर्ता था। इसके 14 महीने बाद पता चला कि डबवाली में रेशम सिंह एक दिव्यांग दूल्हे की शादी करा रहा है। राजस्थान पुलिस ने उसे यहां आकर दबोच लिया। —————–

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हरियाणा के सिरसा में फर्जी शादी करवाने के आरोप में पकड़े गए मास्टरमाइंड रेशम सिंह का जाल राजस्थान और पंजाब तक फैला है। पुलिस ने खुलासा किया है कि आरोपी 10 हजार में दुल्हन लाता, लड़के वालों से लाखों रुपए लेता और शादी करवा देता। माता-पिता भी फर्जी खड़े कर देता था। (पूरी खबर पढ़ें)

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हरियाणा के सिरसा में चल रहे शादी समारोह में रविवार को अचानक राजस्थान पुलिस पहुंच गई। टीम ने शादी करा रहे बिचौलिये को पकड़ लिया। फिर दुल्हन और उसके साथ आए रिश्तेदारों की जांच की गई तो सभी फर्जी निकले। यहां तक कि जिन लोगों को माता-पिता बनाकर लाया गया था, वे दुल्हन का नाम तक नहीं जानते थे। (पूरी खबर पढें)

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