Free water service at railway station for 45 years | 45 साल से रेलवे स्टेशन पर निशुल्क जलसेवा: चौमहला स्टेशन पर समिति के स्वयंसेवक रोज सैकड़ों यात्रियों की बुझाते हैं प्यास – jhalawar News

Actionpunjab
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निशुल्क जल सेवा समिति के स्वयं सेवक यहां से गुजरने वाली ट्रेनों के यात्रियों को शीतल जल पिलाते हैं।

झालावाड़ के चौमहला रेलवे स्टेशन पर एक अनूठी सेवा 45 वर्षों से जारी है। निशुल्क जल सेवा समिति के स्वयं सेवक यहां से गुजरने वाली ट्रेनों के यात्रियों को शीतल जल पिलाते हैं।

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कोटा-नागदा खंड पर स्थित इस स्टेशन पर भीषण गर्मी में भी समिति के सदस्य अपनी सेवा से नहीं चूकते। देहरादून, अवध एक्सप्रेस, बिलासपुर-भगत की कोठी और इंदौर-जोधपुर यात्री गाड़ियों के यात्रियों को वे ठंडा पानी पिलाते हैं। समिति के सदस्य न केवल प्लेटफॉर्म पर ट्रॉली लगाकर पानी पिलाते हैं, बल्कि ट्रेन के हर डिब्बे में जाकर यात्रियों की बोतलें भी भरते हैं। स्टेशन पर स्थित प्याऊ से भी प्रतिदिन कई यात्री अपनी प्यास बुझाते हैं।

समिति में जगदीश अग्रवाल (अध्यक्ष), ओमप्रकाश निगम, रविराज सिंह झाला, चंदर सिंह, दुली चंद प्रजापति, इस्माइल खां समेत करीब डेढ़ दर्जन सदस्य हैं। ये सभी एक प्लेटफॉर्म से दूसरे तक पानी की ट्रॉलियां ले जाने का काम करते हैं। समिति के सदस्य कभी अपने पैसों से तो कभी जनसहयोग से मटके, ट्रॉली जैसी जरूरी सामग्री खरीदते हैं।

पुत्र ने संभाली जिम्मेदारी पिछले कई वर्षों से कस्बे के प्रतिष्ठित व्यापारी समाजसेवी हरिकृष्ण अग्रवाल फ्री जल सेवा समिति की व्यवस्था संभालते थे। उनका निधन होने पर उनके पुत्र जगदीश अग्रवाल ने व्यवस्था संभाली और स्टेशन के दोनों प्लेटफार्म पर पिता की स्मृति में प्याऊ संचालित कर ट्रेनों पर यात्रियों को ठंडा पानी पिलाकर मानव सेवा का कार्य कर रहे हैं और अपने पिता के कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं।

ऐसे हुई शुरुआत चौमहला कस्बे के कुछ युवाओं ने करीब 45 वर्ष पूर्व स्व. शिवनारायण मीणा के साथ चौमहला स्टेशन पर यात्रियों को निशुल्क शीतल जल पिलाने की नींव रखी थी। तब यह लोग कस्बे में स्थित सरकारी कुएं से ड्रम भरकर थैले में जल भरकर ले जाते थे। धीरे-धीरे इस जन सेवा कार्य में लोग जुड़ते रहे। इन लोगों ने उस समय जनसहयोग से बॉस बल्ली और टाट बांधकर अस्थाई प्याऊ बनाकर ठंडे पानी के मटके भरकर लोगों की प्यास बुझाने का व्यापक स्तर पर कार्य शुरू किया था। वर्तमान में समिति को रेलवे की ओर से अस्थाई प्याऊ उपलब्ध करवा रही है। जिसमें दर्जनों मटकों में पानी रखकर ठंडा किया जाता है।

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