पाली में कॉलेज छात्राओं के लिए आई 113 स्कूटियां तीन साल से कमरे में बंद पड़ी हैं। स्कूटियों की बैटरियां खराब हो गई, इंश्योरेंस भी खत्म हो गया है। लेकिन आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा से वितरण के आदेश नहीं हुए। ये स्कूटियां काली बाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी य
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स्कूटियों का वितरण नहीं होने से नाराज छात्राएं बांगड़ कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष असरग खत्री के नेतृत्व में बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंची। उन्होंने स्कूटियों का वितरण कराने को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा है। छात्राओं ने ज्ञापन में बताया कि साल 2022-23 में कॉलेज छात्राओं के लिए आई स्कूटियां पड़े-पड़े खराब हो रही हैं। लेकिन उनका वितरण नहीं किया जा रहा। जिससे कॉलेज छात्राओं और उनके परिजनों में आक्रोश है।

पाली में बुधवार को कॉलेज स्टूडेंट्स कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने पहुंचे।
कॉलेज छात्रा हर्षिता बोली- पड़ी-पड़ी खराब हो रही
बांगड़ कॉलेज की छात्रा हर्षिता त्रिवेदी ने कहा कि ये स्कूटी साल 2022-23 में वितरण के लिए आई थी। मेरा भी स्कूटी वितरण में सलेक्शन हुआ था, लेकिन अभी तक नहीं मिली। स्कूटियों की बैटरी खराब हो रही है। इंश्योरेंस खत्म हो गया है, लेकिन हमें स्कूटी नहीं क्यों नहीं दी जा रही है, इसका पता नहीं है।
कॉलेज प्रबंधन जवाब नहीं देता
कॉलेज छात्रा इकरा गौरी ने कहा कि काली बाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना में मैंने भी आवेदन किया था। जिसमें मेरा सिलेक्शन हुआ था, लेकिन साल 2022-23 में आई स्कूटियों का वितरण नहीं किया जा रहा है। कॉलेज प्रबंधन से पूछते हैं तो सिर्फ आश्वासन मिलता है।

बांगड़ कॉलेज के कमरे में बंद पड़ी स्कूटियां धूल फांक रही हैं।
कांग्रेस राज में आई स्कूटियां कबाड़ हो रही छात्र नेता असरग खत्री का कहना है कि साल 2022-23 में कांग्रेस राज में स्कूटियां छात्राओं में विरतण के लिए आई थी, लेकिन अभी तक वितरण नहीं किया गया। जबकि बीजेपी सरकार में आई साल 2023-24 की सभी स्कूटियों का वितरण छात्राओं को कर दिया गया है।
2024 में आई 241 स्कूटियों का वितरण किया जा चुका बांगड़ कॉलेज के प्रिंसिपल एमएस राजपुरोहित ने बताया कि 2022-23 में 160 स्कूटियां वितरण के लिए आई थी, 47 का वितरण किया जा चुका। आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा से आदेश आते ही 113 स्कूटियों का भी वितरण कर दिया जाएगा। 2024 में कॉलेज छात्राओं के लिए 241 स्कूटियां आई थी, उन सभी का विरतण किया जा चुका है।

कॉलेज के जिस कमरे में स्कूटियां रखी हैं, उसके गेट पर ताला लगा है।