सरयू नदी में सुरक्षित स्नान के लिए जल पुलिस और एसडीआरएफ लगातार अपील कर रही हैं।
अयोध्या में सूखे जैसे हालात हैं किसानों को बारिश की पानी का इंतजार है। इस जिले में नागरिकों से लेकर यहां रोज आने वाले भक्त कड़ी धूप से लोग बेहाल हैं। दूसरी तरफ पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार भारी बारिश की वजह से अयोध्या में सरयू का जलस्तर लगातार
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पहाड़ों पर बारिश से सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।
जलस्तर वार्निंग लेवल(चेतावनी बिंदु) से लगभग 24 सेंटीमीटर ऊपर
वर्तमान समय में सरयू का जलस्तर वार्निंग लेवल (चेतावनी विंदु) से लगभग 24 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है. और अनुमान लगाया जा रहा है कि अब सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ता जाएगा. ऐसी स्थिति में अयोध्या में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु सरयू में स्नान करते हैं।
जल पुलिस और SDRF की टीम भी अलर्ट मोड पर
श्रद्धालुओं को किसी प्रकार कोई समस्या ना उत्पन्न हो इसको लेकर जल पुलिस और SDRF की टीम भी अलर्ट मोड पर है। सरयू के घाटों पर SDRF और जल पुलिस के जवान गश्त कर रहे हैं तो श्रद्धालुओं से अपील भी कर रहे हैं कि वह गहरे पानी में स्नान न करने के लिए कतई न जाएं। इतना ही नहीं सरयू नदी में चलने वाले सभी नौकायन को भी यह गाइड लाइन जारी किया गया है कि वे नदी में नाव ले जाने से बचे। क्योंकि लगातार पहाड़ी क्षेत्रों पर भारी बारिश की वजह से जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है जिसको लेकर अयोध्या जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है।
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार भारी बारिश की वजह से सरयू में उफान केंद्रीय जल आयोग के जूनियर इंजीनियर आकाश प्रताप सिंह ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार भारी बारिश की वजह से अयोध्या में सरयू का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। पिछले दो दिन से तीव्र गति के साथ जलस्तर बढ़ रहा है वर्तमान समय में सरयू का जलस्तर 91.970 सेमी है और वार्निंग लेवल 91.730 है। वार्निंग लेवल से 24 सेंटीमीटर सरयू का जलस्तर बढ़ा हुआ है। अनुमान यह लगाया जा रहा है कि अब उस सरयू का जलस्तर बढ़ता जाएगा तो दूसरी तरफ एसडीआरएफ के प्रभारी अनुराग सिंह ने बताया कि भारी बारिश होने के कारण लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए हम लोग अलर्ट मोड पर हैं। जल पुलिस स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम अलर्ट मोड पर है।
कोई भी टूरिस्ट बिना लाइफ जैकेट बोट में नहीं दिखना चाहिए
उन्होंने बताया कि हम लोग लगातार गश्त भी कर रहे हैं और श्रद्धालुओं से गहरे पानी में न जाने की अपील भी कर रहे हैं। तो दूसरी तरफ नौकायन को भी हिदायत दी गई है कि सरयू नदी में जाने से बचें अगर जाना ही है तो अपने नाव पर केवल सात आठ लोगों को ही बैठाएं।उन्होंने कहा कि प्राइवेट बोट पर अधिकतम 10 लोगों के बैठने की क्षमता है। पर केवल 8 श्रद्धालुओं को ही एक साथ बैठने की अनुमति है।इस दौरान कोई भी टूरिस्ट बिना लाइफ जैकेट बोट में नहीं दिखना चाहिए।