Punjab Vidhan Sabha Special Session Speaker Kultar Singh Sandhawa-CM Bhagwant Mann Live Update; Religious texts sacrilege law draft and CISF deployment dam issue | बेअदबी पर आज सेशन में पेश होगा बिल: CISF की तैनाती पारित होगा प्रस्वाव; विरोधी कानून व्यवस्था के मुद्दे पर घरेंगे – Punjab News

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पंजाब विधानसभा के स्पेशल सेशन का आज दूसरा दिन

पंजाब विधानसभा के स्पेशल सेशन का आज (11 जुलाई) को दूसरा दिन है। आज धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को लेकर महत्वपूर्ण बिल कर ड्रॉफ्ट सरकार द्वारा पेश किया जाएगा। इसके अलावा, डैमों की सुरक्षा से CISF को हटाने संबंधी पांच बिल पेश किए जाएंगे। सेशन पूरी तरह हं

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विपक्षी दल कानून व्यवस्था, लैंड पूलिंग और नशे के मुद्दे पर ही सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। जबकि सीएम भगवंत मान भी साफ कर चुके हैं कि सेशन में विपक्ष वालों को सारा जवाब तारीख वाइस दिया जाएगा। बेअदबी पर कानून सभी पक्षों की सलाह के बाद ही बनाया जाएगा। कानून पास कर कंसल्टेंट कमेटी के पास भेजा जाएगा।

इन बिलों पर लगेगी मोहर

आज विधानसभा सेशन की कार्रवाई ठीक दस बजे शुरू होगी। इसकी शुरुआत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के साथ होगी। विधायक करमबीर सिंह घुमन दसूहा बस स्टैंड की खस्ता हालत का मुद्दा उठाएंगे। इसके बाद पांच विभागों की रिपोर्ट पेश की जाएगी।

इस दौरान रयात बाहरा प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी होशियारपुर, सीजीसी यूनिवर्सिटी मोहाली, पंजाब दुकान और वाणिज्यक प्रतिष्ठान संशोधन विधेयक 2025, पंजाब श्रम कल्याण निधि संशोधन विधेयक 2025, और पशु क्रूरता निवारण पंजाब संशोधन विधेयक 2025 शामिल हैं।

पंजाब भाजपा विधायक अश्वनी शर्मा मीडिया से रूबरू होते हुए।

पंजाब भाजपा विधायक अश्वनी शर्मा मीडिया से रूबरू होते हुए।

साल में दूसरी बार बुलाया गया सेशन

पहले BBMB के मुद्दे पर हुआ था सेशन। पंजाब विधानसभा की तरफ से इस साल दूसरी बार स्पेशल सेशन बुलाया जा रहा है। इससे पहले, अप्रैल महीने में जब पंजाब और हरियाणा के बीच भाखड़ा के पानी के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था, तब सरकार की तरफ से पहले दो मई को ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई गई थी।

इसके बाद पांच मई को स्पेशल सेशन आयोजित किया गया था, जिसमें सभी ने सरकार के पक्ष में सहमति जताई थी। वहीं, अब बेअदबी के मुद्दे पर सेशन बुलाया जा रहा है। हालांकि, इससे पहले जब संसद का बजट सेशन हुआ था, तब भी पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से मांग की थी कि इस संबंध में कठोर कानून बनाया जाए।

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