Swachhta Survey-2024 results released | स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 के नतीजे जारी: भोपाल देश में दूसरे नंबर पर; अहमदाबाद ने पहला स्थान हासिल किया

Actionpunjab
3 Min Read


नई दिल्ली19 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 17 जुलाई को नई दिल्ली में टॉप शहरों को अवॉर्ड देंगी। आधिकारिक घोषणा वहीं होगी। - Dainik Bhaskar

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 17 जुलाई को नई दिल्ली में टॉप शहरों को अवॉर्ड देंगी। आधिकारिक घोषणा वहीं होगी।

केंद्र सरकार ने स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 के नतीजे जारी कर दिए हैं। इसमें भोपाल ने देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया है। भोपाल पिछले साल 5वें स्थान पर था। वहीं, अहमदाबाद ने सभी शहरों को पीछे छोड़ते हुए पहला और लखनऊ ने 44वें पायदान से छलांग लगाकर तीसरा स्थान पाया है।

भोपाल नगर निगम को राष्ट्रपति भवन में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण मिल चुका है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 17 जुलाई को नई दिल्ली में टॉप शहरों को अवॉर्ड देंगी। आधिकारिक घोषणा वहीं होगी।

इधर, दूसरा स्थान आने पर भोपाल नगर निगम भले ही अपनी पीठ थपथपा रहा हो, लेकिन सच यह है कि इस बार हमारा मुकाबला सबसे साफ शहरों से था भी नहीं।

इंदौर, सूरत, जैसे 12 शहरों ‘सुपर स्वच्छता लीग’ में दरअसल, हर साल अलग-अलग कैटेगरी (50 हजार से अधिक आबादी, 10 लाख से अधिक आबादी आदि) में टॉप करने वाले कुछ शहर लगातार टॉप-3 में बने हुए थे। इससे अन्य शहरों के लिए मुकाबले की जगह सीमित रह जाती थी।

इसलिए इस बार केंद्र सरकार ने इंदौर, सूरत, नवी मुंबई जैसे 12 शहरों को अलग कैटेगरी ‘सुपर स्वच्छता लीग’ में डाल दिया था। एक दिन पहले ही सूची में 3 और शहर शामिल कर इसे 15 शहर कर दिया गया।

अब इनका मूल्यांकन और अवॉर्ड मुख्य प्रतियोगिता से अलग होगा, ताकि अन्य शहरों को भी रैंकिंग सुधारने का अवसर मिल सके। इसके बावजूद भोपाल न तो स्वच्छता लीग में जगह बना सका, न पहले स्थान पर आ सका।

मप्र के 5 शहरों को भी अवॉर्ड मिलेगा भोपाल, देवास व शाहगंज प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड की दौड़ में हैं। जबलपुर को मिनिस्ट्रीयल कैटेगरी में और ग्वालियर को स्टेट लेवल अवॉर्ड के लिए आमंत्रण मिला है।

इंदौर, बुदनी और उज्जैन सुपर लीग में मप्र से इंदौर, उज्जैन व बुदनी सुपरलीग में है। उज्जैन सीएम मोहन यादव का गृह जिला है, जबकि बुदनी पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान का क्षेत्र रहा है।

——————

ये खबर भी पढ़ें…

इंदौर के सफाई में आगे रहने की कहानी: 2016 तक कचरा सड़क पर फेंकते, अब उसी से बनती है CNG

इंदौर शहर को इतना साफ बनाना बड़ी चुनौती थी। सबसे पहली चुनौती थी, इधर-उधर कचरा फेंकने की आदत। ये एक तरह से लोगों की आदत या स्वभाव में था। कई सफाई कर्मचारी घर बैठे पगार लेते थे। इन तमाम मुश्किलों को पॉइंटआउट कर डोर टू डोर कचरा कलेक्शन और झाड़ू लगवाने का खाका तैयार किया गया। जिसे अमल में लाया गया। पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *