वाराणसी के चौबेपुर छितौना गांव में आज क्षत्रिय महासभा ने प्रदर्शन का एलान किया है। महासभा ने पुलिस प्रशासन की तरफ से मांगे गए 48 घंटे की मोहलत को मानने से इनकार कर दिया था। उधर, छितौना गांव के प्रवेश मार्ग पर ग्रामीणों ने कई पोस्टर, बैनर लगाए हैं जिस
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सर्किट हाउस में करणी सेना की तरफ से दिया गया पत्रक
अरविंद के खिलाफ प्रदर्शन का था एलान
करणी सेना और क्षत्रिय महासभा ने सुभासपा के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव अरविंद राजभर के खिलाफ प्रदर्शन का एलान किया था। अरविंद पर सवर्णों को गाली देने ल, ग्रामीणों को संजय सिंह के परिवार के खिलाफ उकसाने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराने की मांग पुलिस प्रशासन से की है।

क्षत्रिय महासभा ने पुलिस प्रशासन की टाइमलाइन मानने से किया इनकार
पुलिस प्रशासन की अपील मानने से इनकार
करणी सेना और क्षत्रिय महासभा ने 15 जुलाई को चौबेपुर में प्रदर्शन का एलान किया था। जिला प्रशासन ने टकराव को रोकने के लिए करणी सेना और क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों को सर्किट हाउस बुलाया था मिलने के लिए। करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह रघुवंशी और क्षत्रिय महासभा युवा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, चिरईगांव ब्लाक प्रमुख अभिषेक सिंह चंचल के साथ डीएम सत्येंद्र कुमार और डीआईजी शिवहरि मीणा ने वार्ता की। अधिकारियों ने बताया कि छितौना कांड को लेकर एसआईटी गठित कर दी गई है। मारपीट में घायल एक शख्स की हालत गंभीर है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए अधिकारियों ने 48 घंटे की मोहलत मांगी जिसे करणी सेना ने मान लिया लेकिन क्षत्रिय सभा प्रदर्शन करने की जिद पर अड़ी रही और उसने बैठक का बहिष्कार कर दिया।
भड़काऊ पोस्ट पर नजर
छितौना कांड को लेकर सोशल मीडिया पर भी खूब भड़काऊ पोस्ट किए जा रहे। मारपीट की घटना जातिगत राजनीति में बदल गई। पुलिस प्रशासन छितौना से जुड़े पोस्ट पर नजर रख रहा है। पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि यदि किसी ने इस मुद्दे से जुड़े मामले में समाज को भड़काने वाले पोस्ट सोशल मीडिया पर किए हैं तो उसे तत्काल हटा लें वरना कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने भड़काऊ पोस्ट के मामले में राजेश सिंह राजपूत और शिवशंकर राजभर के खिलाफ चौबेपुर थाने में केस दर्ज कर रखा है। गौरतलब है कि योगी सरकार में मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को करणी सेना बलिया के नाम से सोशल मीडिया पर गोली मारने की धमकी से संबंधित पोस्ट किया है। इस मामले में लखनऊ के हजरतगंज थाने में केस भी दर्ज कराया गया है।

छितौना गांव में अरविंद राजभर ग्रामीणों से बात करते
अरविंद राजभर की एंट्री से बढ़ा तनाव
छितौना में 16 जून से राजभर और ठाकुरों के बीच भड़की आग अभी तक सुलग रही है। 05 जुलाई को मामला तब बढ़ गया जब खेत में गाय घुसने को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई।
राजभर समाज से कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर खड़े हो गए तो दूसरी तरफ क्षत्रिय महासभा, करणी सेना से लेकर भाजपा संगठन से जुड़े तमाम सवर्ण नेता भी मैदान में उतर गए। मंत्री के दबाव में राजभर पक्ष का मुकदमा लिखा गया। क्षत्रिय महासभा और करणी सेना के दो दिन तक प्रदर्शन के बाद ठाकुरों की तरफ से भी केस दर्ज हुआ। मामला और तब बिगड़ गया जब छितौना कांड को लेकर सुभासपा के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव अरविंद राजभर ने 11 जुलाई को लखनऊ में डीजीपी से मुलाकात की और उच्च स्तरीय जांच की मांग के बाद अगले दिन 12 जुलाई को वाराणसी पहुंचे। छितौना गांव में मारपीट में घायल राजभर पक्ष से जुड़े पीड़ित परिवार को एक लाख रुपए का चेक दिया। आरोप है कि चेक देने के बाद अरविंद राजभर ग्रामीणों और अपने काफिले के साथ गांव ने शक्ति प्रदर्शन किया, करणी माता के साथ ही सवर्ण समाज को मां बहन की गाली दी। मारपीट ने जख्मी संजय सिंह के खेत में खड़ी फसल को क्षति पहुंचाने की कोशिश हुई। करणी सेना और क्षत्रिय महासभा इसी को लेकर आक्रोशित है।