मुंबई2 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

साल 2006 में मुंबई लोकल ट्रेन में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के 12 आरोपियों को बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को बरी कर दिया है। हालांकि इनमें से एक आरोपी की 2021 में कोविड के दौरान मौत हो गई थी। कोर्ट ने कहा कि प्रॉसिक्यूशन यानी सरकारी वकील आरोपियों के खिलाफ केस साबित करने में नाकाम रहे हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि यह मानना मुश्किल है कि आरोपियों ने अपराध किया है, इसलिए उन्हें बरी किया जाता है।
हाईकोर्ट का यह फैसला घटना के 19 साल बाद आया है। 11 जुलाई 2006 को मुंबई के वेस्टर्न सबर्बन ट्रेनों में 11 मिनट में सात ब्लास्ट हुए थे। बमों को प्रेशर कुकर में रखा गया था। इसमें 189 पैसेंजर की मौत हो गई थी और 824 लोग घायल हो गए थे।
पार्ट 1: ब्लास्ट के बाद मंजर

ट्रेन में ब्लास्ट के बाद उसके डिब्बों के टुकड़े दूर तक बिखर गए थे।

सभी धमाके फर्स्ट क्लास कोचों में हुए थे। हादसे शाम के समय हुए जब लोग ऑफिस से घर लौट रहे थे।

धमका इतना तेज था कि ट्रेन के एक कोच की छत भी उड़ गई।
पार्ट 2: घायल पैसेंजर का रेस्क्यू

स्थानीय लोगों ने सबसे पहले घायलों का रेस्क्यू किया। ट्रेन के टुकड़ों के बीच से घायलों को निकाला गया।

ट्रेन में सवार पैसेंजर ब्लास्ट के बाद घायल हुए। एक शख्स के सिर पर चोट लगी।

राहत-बचाव की टीम ने घायलों को तुरंत इलाज के लिए भेजा।

आसपास के लोग भी पैसेंजर्स को बचाने घटनास्थल पर पहुंचे।

ये ब्लास्ट खार, बांद्रा, जोगेश्वरी, माहिम, बोरीवली, माटुंगा और मीरा-भायंदर रेलवे स्टेशनों के पास हुए थे।
पार्ट 3: हादसे की जांच-पड़ताल

लोकल ट्रेनों में लगाए गए बम आरडीएक्स, अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल ऑयल और कीलों से बने थे।

पुलिस ने चार्जशीट में 30 लोगों को आरोपी बनाया था। इनमें से 13 पाकिस्तानी नागरिक थे।

हादसे की जांच के लिए फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची थी।
मुंबई लोकल के रूट मैप से समझिए धमाके कब और कहां हुए…

——————
ये खबर भी पढ़ें…
2006 मुंबई ट्रेन सीरियल ब्लास्ट केस- सभी 12 आरोपी बरी: हाईकोर्ट बोला- सरकारी वकील दोष साबित करने में नाकाम

मुंबई में 2006 के सीरियल ट्रेन ब्लास्ट मामले में हाईकोर्ट ने सोमवार को सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सबूत, गवाहों के बयान और आरोपियों से जो बरामद किया गया, वे उन्हें दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। बम बनाने के लिए जो विस्फोटक इस्तेमाल हुए, उनकी रखरखाव ठीक नहीं था। सबूतों की सीलिंग भी खराब थी। पढ़ें पूरी खबर…