AI Misuse | Supreme Court AI-Generated Fake Cases | ‘AI से जनरेट फर्जी फैसले कोर्ट में रखे जा रहे’: सुप्रीम कोर्ट के जज बोले-युवा वकील इससे सावधान रहें, सीनियर वकील उन्हें समझाएं

Actionpunjab
3 Min Read


नई दिल्ली5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
जस्टिस बिंदल सोमवार को ऑल इंडिया सीनियर लॉयर्स एसोसिएशन के कार्यक्रम में बोल रहे थे। - Dainik Bhaskar

जस्टिस बिंदल सोमवार को ऑल इंडिया सीनियर लॉयर्स एसोसिएशन के कार्यक्रम में बोल रहे थे।

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस राजेश बिंदल ने कहा है कि भारत और अमेरिका में कुछ युवा वकील AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) टूल्स से कोर्ट के फर्जी फैसले खोज कर अदालत में पेश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कई बार युवा वकील AI पर सिर्फ दो-तीन शब्द डालकर सर्च करते हैं और जो भी फैसला सामने आता है, उसे कोर्ट में दिखा देते हैं। कई बार वो फैसला गलत होता है, अल्पमत (मतभेद वाले जज का) होता है या फिर AI ने खुद से कोई नया फर्जी जजमेंट बना दिया होता है।

जस्टिस बिंदल सोमवार को ऑल इंडिया सीनियर लॉयर्स एसोसिएशन के कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किए गए चार नए जजों जस्टिस जॉयमाल्य बागची, निलय वी अंजारिया, विजय बिश्नोई और अतुल एस चंदुरकर का सम्मान किया गया। मंच पर राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील पी विल्सन, वरिष्ठ अधिवक्ता अदीश अग्रवाल और पितांबरी आचार्य भी थे।

जस्टिस बिंदल बोले-जजमेंट के पीछे युवा वकीलों की रिसर्च होती है जस्टिस राजेश बिंदल कहा कि जज भले ही फैसले देते हैं, लेकिन उसके पीछे असली मेहनत युवा वकीलों की रिसर्च और सीनियर वकीलों की दलीलों की होती है। इस मौके पर बोलते हुए सांसद और वरिष्ठ वकील पी विल्सन ने बताया कि उन्होंने संसद में एक प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया है जिसमें जजों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने का प्रस्ताव है।

केरल हाईकोर्ट का आदेश दिया था- चैट GPT से ऑर्डर मत लिखें इससे पहले 20 जुलाई को केरल हाईकोर्ट ने अदालतों को निर्देश दिया कि ऑर्डर जारी करते समय चैट GPT जैसे क्लाउड बेस्ड AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का इस्तेमाल न करें। उसमें गलतियां हो सकती हैं। यह आदेश अदालतों के स्टॉफ के लिए जारी किया गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर AI का यूज करना है तो इसके लिए ट्रेनिंग लें। यह पहली बार है जब AI को लेकर किसी हाईकोर्ट ने देश में ऐसा निर्देश जारी किया है।

————–

ये खबर भी पढ़ें..

CJI चंद्रचूड़ का AI वकील से सवाल-जवाब:पूछा- क्या भारत में मौत की सजा संवैधानिक है, वकील बोला- हां, लेकिन सिर्फ जघन्य अपराधों में

पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ 10 नवंबर को रिटायर हुए थे। इससे पहले को CJI चंद्रचूड़ ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाए गए एक वकील से सवाल किया। इसका जवाब AI वकील ने उसी एक्सप्रेशन से दिया जैसा कोर्ट में असली वकील देते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *