सुशील सिंह | मऊ3 मिनट पहले
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विश्व स्तनपान दिवस के अवसर पर रोटरी क्लब मऊ द्वारा गाजीपुर तिराहा स्थित साईं हॉस्पिटल में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं एवं शिशुओं के स्वास्थ्य के प्रति समाज को जागरूक करना था।
कार्यक्रम की संयोजक वरिष्ठ चिकित्सक रोटेरियन डॉ. प्रतिमा सिंह रहीं। बाल रोग विशेषज्ञ एवं रोटरी क्लब के अध्यक्ष रोटेरियन डॉ. ए.के. सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “स्तनपान केवल शिशु का पहला आहार नहीं, बल्कि उसके जीवन की पहली सुरक्षा है।” उन्होंने बताया कि इससे नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और माँ-बच्चे के बीच आत्मीय संबंध प्रगाढ़ होता है। पहले 6 महीने तक केवल माँ का दूध ही बच्चे के लिए पूर्ण आहार है।

वरिष्ठ रोटेरियन डॉ. एच.एन. सिंह ने कहा, “स्तनपान न केवल शिशु के संपूर्ण पोषण का माध्यम है, बल्कि यह माँ और बच्चे के बीच आत्मीयता का अद्भुत संबंध भी स्थापित करता है।” रोटेरियन डॉ. असगर अली सिद्दीकी ने संक्षिप्त रूप से कहा, “स्तनपान एक प्राकृतिक वरदान है, जो शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास की नींव रखता है।”

पूर्व अध्यक्ष रोटेरियन प्रदीप सिंह ने कार्यक्रम में कहा, “स्तनपान के प्रति जागरूकता ही स्वस्थ माँ और स्वस्थ शिशु की दिशा में पहला कदम है।” रोटेरियन शैलेंद्र मिश्रा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “स्तनपान से जुड़ी सही जानकारी समाज के हर वर्ग तक पहुँचना अत्यंत आवश्यक है।” उन्होंने बताया कि इससे माताएँ बिना झिझक और भ्रम के अपने शिशुओं को पोषण दे सकेंगी।

रोटेरियन डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने इस अवसर पर कहा, “स्तनपान शिशु के जीवन की सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण वैक्सीन है, जिसे हर माँ को अपनाना चाहिए।” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता रही।
रोटरी क्लब मऊ के सचिव डॉ. एस. खालिद ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं एवं रोटेरियन साथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प दोहराया।