Samajwadi song played before distributing laddus in Azamgarh | आजमगढ़ में लड्डू बांटने से पहले समाजवादी गाना बजा: स्वतंत्रता दिवस पर बच्चों ने डांस किया, अध्यापक ताली बजाते रहे; BSA ने सस्पेंड किया – Azamgarh News

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आजमगढ़ के इसी स्कूल में बजा था गाना।

आजमगढ़ में स्वतंत्रता दिवस पर एक प्राइमरी स्कूल में समाजवादी पार्टी का प्रमोशनल सांग बजाया गया। स्कूल के बच्चे उसपर जमकर नाचे। इस दौरान एक टीचर ताली बजाता रहा। घटना 15 अगस्त की है। वीडियो 19 अगस्त को सामने आया है।

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मामला सामने आने के बाद BSA राजीव पाठक ने आरोपी सहायक शिक्षक सुनील कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सोशल मीडिया पर घटना के 2 अलग-अलग वीडियो वायरल हो रहे हैं। ‘हालत सुधरी न उत्तर प्रदेश के, जब ला वोटवा ने देबा अखिलेश के…’ इस गाने पर 20-25 बच्चे जमकर नाच रहे हैं।

मामला आजमगढ़ जिले के कोयलसा ब्लॉक के मरगूबपुर प्राथमिक विद्यालय का है। इस प्राथमिक विद्यालय में चार शिक्षक और एक शिक्षामित्र बच्चों को पढ़ाते हैं, जबकि 87 बच्चों का यहां पर नामांकन है। बुधवार को 46 बच्चे स्कूल में आए हुए थे। ऐसे में दैनिक भास्कर ने जब इस प्राइमरी विद्यालय की पड़ताल की तो कई बातें सामने निकल कर आईं।

आइए जानते हैं यहां पढ़ने वाले शिक्षकों ने क्या कुछ कहा….

प्रभारी प्रधानाचार्य बोले- बेहद शर्मनाक

दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार भार्गव ने बताया कि 15 अगस्त को सारे कार्यक्रम किए गए। ध्वजारोहण हुआ और बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिभाग किया। लगभग दो ढाई घंटे तक यह कार्यक्रम चला।

ऐसे में अंतिम समय में ऐसा लगा कि लड्डू कम हैं। जिसे लाने के लिए मैं इस बाजार चला गया। इस बीच इस आपत्तिजनक गाने को बजाया गया। वहीं, इस गाने के सवाल पर प्रभारी प्रधानाचार्य का कहना है कि यह बेहद शर्मनाक है और इससे मैं बहुत आहत हुआ हूं। निश्चित रूप से शिक्षा के मंदिर में इस तरह के गाने नहीं बजने चाहिए।

शिक्षा के मंदिर में इस तरह के गाने बजना दुखद है

प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका श्वेता सिंह ने कहा- 15 अगस्त के दिन जब प्रोग्राम हुआ तो सबसे पहले सरस्वती वंदना हुई। बड़ी संख्या में बच्चियों ने अपनी सहभागिता की। इसी दौरान बच्चियों को तैयार किया जा रहा था और इस दौरान यह गाना बजा। शिक्षा के मंदिर में इस तरह के गाने निश्चित रूप से दुखद हैं।

स्कूल में इस तरह की राजनीति नहीं करनी चाहिए

शिक्षामित्र नीतू सिंह ने कहा- मैं इसी ग्रामसभा की रहने वाली हूं। लड्डू बांटने वाले जब हम लोग थे। उसी समय यह गाना बजा। मुझे लगा यह राजनीतिक गाना है। ऐसे में सहायक अध्यापक देवदास कुमार से इस मामले की शिकायत की गई। पर सहायक अध्यापक इसके लिए हमें ही दोषी ठहराने लगे। हालांकि बाद में गाना बंद कराया गया। नीतू सिंह का कहना है कि स्कूल में इस तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। राजनीति करना है तो विद्यालय से बाहर जाइए।

अब पूरे मामले को जानते हैं

मरगूबपुर प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेंद्र भार्गव हैं। सुनील यादव सहायक अध्यापक हैं। इस प्राथमिक विद्यालय में चार शिक्षक और एक शिक्षामित्र बच्चों को पढ़ाते हैं। 15 अगस्त को विद्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्कूल में ध्वजारोहण के बाद बच्चों ने डांस किया।

इस बीच डीजे पर सपा के प्रमोशन का एक गाना बजने लगा। जिसमें अखिलेश यादव का गुणगान था। बच्चे इस गीत के बोल पर थिरकने लगे। वहां मौजूद एक शिक्षक तालियां बजाने लगा। किसी ने भी इस गीत को बंद करने की न कोशिश की, न ही एतराज जताया। वहां मौजूद अभिभावक चुपचाप गीत सुनते और बच्चों को थिरकते हुए देखते रहे। अब वीडियो सामने आने पर विवाद शुरू हो गया है।

2022 में रिलीज हुआ था गाना

वायरल वीडियो में सपा के जिस गीत पर बच्चे थिरक रहे हैं, वह 4 साल पहले का है। उसे 2022 के विधानसभा चुनाव के पहले रिलीज किया गया था। इसे भोजपुरी कलाकार समर सिंह ने गाया है। उनके यूट्यूब चैनल पर इसे अब तक 32 लाख लोग देख चुके हैं। सपा के कार्यक्रमों में इस गीत को अक्सर बजाया जाता है।

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