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फतेहाबाद के भूना शहर में रिटायर्ड सूबेदार के साथ हन्नी ट्रैप मामले में 5 लाख से अधिक रुपए ठगने के आरोप में पुलिस ने आखिरकार केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें भीम आर्मी से जुड़े भी कई सदस
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गौरतलब है कि भूना निवासी रिटायर्ड सूबेदार धीर सिंह ने हन्नी ट्रैप में फंसाकर 5 लाख से ज्यादा ठगने का आरोप लगाते हुए भूना पुलिस को शिकायत दी थी। मगर पहले दिन केस दर्ज नहीं किया गया। आखिरकार पूर्व सैनिकों ने पंचायत बुलाने का ऐलान किया तो पुलिस एक्टिव हुई और एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि, इस मामले में दूसरे पक्ष की ओर से भी एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करने के लिए शिकायत दी गई है।
आज गुरुद्वारा सिंह सभा में बुलाई पंचायत
इस मामले के संबंध में आज गुरुवार को पूर्व सैनिकों व सामाजिक लोगों की पंचायत गुरुद्वारा सिंह सभा में बुलाई गई है। पंचायत में इस तरह लोगों को ठगने वालों के खिलाफ पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी ताकि भविष्य में दोबारा किसी के साथ ऐसा न हो।
रिटायर्ड सूबेदार के आरोपों को सिलसिलेवार पढ़िए….
मकान किराए पर लेने के लिए किया संपर्क
रिटायर्ड सूबेदार ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी कुलदीप बौद्ध व उसके साथी टेकाराम ने मकान किराए पर लेने के लिए संपर्क किया। उससे कहा कि वे गरीब परिवार से हैं तथा भूना में रहना चाहते हैं। मानवीयता के आधार पर उन्होंने मकान किराए पर दे दिया। कुछ दिन बाद महावीर, उसकी पत्नी, दो बेटे और एक लड़की मकान में रहने लगे। घर की सफाई न होने और अनुशासनहीनता के कारण मकान खाली करने को कहा गया।
बदनामी का डर दिखाकर 11 लाख रुपए मांगे
इसके बाद, 14 जून को कुलदीप बौद्ध अपने साथियों भीम आर्मी के जिला महासचिव रमन बैंस, टेकाराम, हरपाल बौद्ध और अन्य के साथ उसके घर पहुंचे। इन लोगों ने आरोप लगाया कि सूबेदार ने महावीर की पत्नी के साथ छेड़छाड़ की है और अब उसे जेल जाना पड़ेगा। लोकलाज और बदनामी का डर दिखाकर इन लोगों ने 11 लाख रुपए की मांग की।
15 जुलाई को दिए 5.35 लाख रुपए रिटायर्ड सूबेदार ने बताया कि मानसिक दबाव और सामाजिक प्रतिष्ठा के चलते उन्होंने आत्महत्या तक का विचार किया। मगर परिजनों ने समझा कर ऐसा कदम उठाने से रोक लिया। इसके बाद उन्होंने आरोपियों से समझौता कर 5.35 लाख रुपए दे दिए। यह रकम 15 जुलाई को टेकाराम के कहने पर उसके घर पर जाकर कुलदीप बौद्ध, रमन बैंस और अन्य को सौंपी गई। आरोप है कि वहां भी पीड़ित को अपमानित किया गया और बाकी रकम जल्द देने का दबाव बनाया गया।
ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी
रिटायर्ड सूबेदार के पास आरोपियों से हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी हैं। उसने ये रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंपी है। रिटायर्ड सूबेदार का दावा है कि इन लोगों की कॉल रिकॉर्ड खंगाली जाए तो ऐसे और भी मामले उजागर हो सकते हैं।