Explanation sought from four policemen including Maharajpur Inspector | फोन पर वारंट तामीला कराने पर कोर्ट सख्त: झूठी आख्या लगा गुमराह करने वाले थानेदार समेत चार पुलिस वालों को नोटिस – Kanpur News

Actionpunjab
2 Min Read



मुकदमे में जारी वारंट का तामीला न कराते हुए दरोगा और सिपाही फोन पर जानकारी देने पर कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है। कोर्ट ने महाराजपुर थाना प्रभारी से पूछा कि क्या इस तरह वारंट तामीला कराने का कोई प्रावधान है? कोर्ट ने माना कि झूठी आख्या लगाकर गुम

.

मुकदमे में विवेचक और हेड कांस्टेबल के होने थे बयान महाराजपुर में वाहन की नंबर प्लेट बदल कर 74 किलो गांजा बरामदगी के मुकदमे का ट्रायल एडीजे–21 विनय सिंह की कोर्ट में चल रहा है। मुकदमे में अभियोजन की तरफ से विवेचक रहे वर्तमान रूप से सुल्तानपुर क्राइम ब्रांच प्रभारी प्रदीप कुमार और हेड कॉन्स्टेबल मलोक चंद्र के बयान दर्ज होने थे। कोर्ट ने इनके खिलाफ जमानतीय वारंट भी जारी किया था।

दरोगा ने गवाहों को फोन पर दी जानकारी आज सुनवाई के दौरान वारंट तामीली की आख्या पैरोकार अनिल कुमार की तरफ से पेश की गई। जिसमें बताया गया कि महाराजपुर के दरोगा सुरेश प्रताप सिंह ने प्रदीप कुमार को फोन कर गवाही व वारंट के बारे में बताया तो उन्होंने दूसरी तारीख देने की याचना की। वहीं मलोक चंद्र के बारे में दरोगा राम प्यारे निर्मल की आख्या थी, कि उनके वॉट्सऐप पर जानकारी दी गई, तो बताया कि वह वीआईपी ड्यूटी पर है। जिस पर उन्होंने अगली तारीख की मांग की।

29 अगस्त को स्पष्टीकरण देने के आदेश

कोर्ट ने अभियोजन से पूछा इस तरह वारंट तामीला का कोई प्रावधान है ? अदालत ने माना कि थाने में बैठकर झूठी आख्या लगाकर गुमराह किया गया। महाराजपुर थानाध्यक्ष, दारोगा रामप्यारे निर्मल, सुरेश प्रताप सिंह व पैरोकार अनिल कुमार व्यक्तिगत रूप से 29 अगस्त को कोर्ट में पेश कर अपना स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं। वहीं दोनों गवाहों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया गया है। गवाहों के बयान के लिए कोर्ट ने 6 सितंबर की तारीख तय की।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *