सीएम भगवंत मान का हाल जाने के लिए कई लोग परिवारिक मेंबर मोहाली अस्पताल पहुंच रहे हैं।
पंजाब सीएम भगवंत मान तबीयत खराब होने की वजह से मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती हैं। अब उनकी तबीयत में सुधार हो रहा है। अस्पताल प्रबंधन की तरफ से जारी बयान में इसका जिक्र किया गया है। उम्मीद है कि जल्दी ही उन्हें छुट्टी मिल जाएगी। पार्टी प्रभारी म
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सहानुभूति है तो बाढ़ में फंसे लोगों की मदद करे
दरअसल, कांग्रेस नेता व पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने आरोप लगाया था कि पंजाब सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने दावा किया था कि आपदा पर होने वाली महत्वपूर्ण कैबिनेट समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री भगवंत मान की खराब सेहत के कारण नहीं, बल्कि ‘आंतरिक कलह’ की वजह से रद्द की गई। सोशल मीडिया पर भी कुछ लोगों ने सीएम की सेहत को लेकर पोस्ट शेयर की थीं।
इसके बाद आम आदमी पार्टी नेता बलतेज पन्नू ने बिना किसी का नाम लिए बना लिखा है – “सोशल मीडिया पर लाइक और कमेंट पाने के लिए इतना भी नीचे मत गिरो कि जब आप अकेले बैठकर सोचो, तो खुद से नजरें भी न मिला पाओ। मौका मिला तो बहुत सारे अच्छे चेहरों से नकाब उतार सकता हूँ। वो लिख ही नहीं पाएंगे कि मैंने कितनी मदद की और उनके चेहरे की अनदेखी हकीकत क्या है।
समझदार लोग कहते हैं कि अच्छे कर्म करो और कुएं में डाल दो। कितने लोगों की व्यथा कब तक सुन सकते हो, वो भी तब जब किसी महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति को तबीयत खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आपने गिरने का नया रिकॉर्ड कितना बनाया है, इसकी भी कोई सीमा होती है
अगर पंजाब के प्रति वास्तव में कोई सहानुभूति है तो बाढ़ में फंसे लोगों की मदद करो। लेकिन आप नहीं चलेंगे, क्योंकि आपको सिर्फ टिप्पणियां और शेयर चाहिए, जो सकारात्मक काम करने से नहीं मिलते। ईश्वर आपको इस समय सद्बुद्धि प्रदान करे।”

बलतेज पन्नू द्वारा शेयर की गई पोस्ट।
बाढ़ प्रभावित एरिया के दौरे के बाद बिगड़ी सेहत
दरअसल, पंजाब में आई बाढ़ के बाद सीएम भगवंत मान खुद प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे थे। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। तीन तारीख को वह चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास पर लौटे थे। अगले दिन उन्हें गुरदासपुर जाना था, लेकिन तबीयत खराब होने के चलते कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।
आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने उनकी रिहायश पर जाकर मुलाकात की थी। इसके बाद उनका घर पर ही इलाज चलता रहा। पाँच तारीख को उनकी तबीयत और बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, धड़कन धीमी होने और कमजोरी की शिकायत के बाद उन्हें भर्ती किया गया। डॉक्टरों की टीम ने तत्काल जांच की और निगरानी के लिए भर्ती रखने की सलाह दी।
पिछले साल भी सितंबर माह में तबीयत खराब हुई थी CM भगवंत मान की तबीयत पिछले साल भी बिगड़ी थी। 26 सितंबर 2024 को उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रूटीन चेकअप में पता चला कि उनके फेफड़ों की धमनी में सूजन थी, जिससे दिल पर दबाव बढ़ रहा था और ब्लड प्रेशर अस्थिर हो रहा था।
बाद में सामने आया कि मान को लैप्टोस्पायरोसिस नामक संक्रमण है। यह एक बैक्टीरियल इन्फेक्शन है, जो बरसात और गंदे पानी के संपर्क से फैलता है और शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है। लगातार देखरेख और दवाओं के असर से उनकी तबीयत में सुधार आया। तीन दिन बाद 29 सितंबर 2024 को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अब मुख्यमंत्री भगवंत मान के बारे में जानिए….
- कॉमेडी से राजनीति में आए पिछले साल भी सितंबर माह में तबीयत खराब हुई थी CM भगवंत मान की तबीयत पिछले साल भी बिगड़ी थी। 26 सितंबर 2024 को उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रूटीन चेकअप में पता चला कि उनके फेफड़ों की धमनी में सूजन थी, जिससे दिल पर दबाव बढ़ रहा था और ब्लड प्रेशर अस्थिर हो रहा था। बाद में सामने आया कि मान को लैप्टोस्पायरोसिस नामक संक्रमण है। यह एक बैक्टीरियल इन्फेक्शन है, जो बरसात और गंदे पानी के संपर्क से फैलता है और शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है। लगातार देखरेख और दवाओं के असर से उनकी तबीयत में सुधार आया। तीन दिन बाद 29 सितंबर 2024 को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
- अब मुख्यमंत्री भगवंत मान के बारे में जानिए….
- कॉमेडी से राजनीति में आए: भगवंत मान का जन्म 17 अक्टूबर 1973 को पंजाब के संगरूर जिले के सतोज गांव में हुआ था। उन्होंने संगरूर के SUS कॉलेज से बीकॉम किया। कॉमर्स में ग्रेजुएशन करने के बाद नौकरी या बिजनेस करने की बजाय कॉमेडियन बन गए। उन्होंने कई स्टेज शो और फिल्मों में काम करके नाम कमाया। अपने चुटकुलों से उन्होंने करोड़ों लोगों का दिल जीता।
- पंजाब पीपल्स पार्टी से शुरुआत, पहला चुनाव हारे: भगवंत सिंह मान शुरू से आम आदमी पार्टी में नहीं थे। उन्होंने राजनीति की शुरुआत मनप्रीत सिंह बादल की पंजाब पीपल्स पार्टी से की थी। 2012 में वे लहरागागा विधानसभा सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। इसके बाद मनप्रीत कांग्रेस में शामिल हो गए।
- 2014 में सांसद, 2022 में CM बने: 2014 में भगवंत मान आम आदमी पार्टी में शामिल हुए और संगरूर लोकसभा सीट से सांसद बने। 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ जलालाबाद विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 2019 में वे फिर संगरूर सीट से सांसद बने। 2022 विधानसभा चुनाव में AAP की जीत हुई। उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया।
- CM बनने के बाद दूसरी शादी की: भगवंत मान ने CM बनने के बाद हरियाणा के पिहोवा की रहने वाली डॉ. गुरप्रीत कौर से दूसरी शादी की थी। 2019 में उनकी मुलाकात भगवंत मान से हुई। भगवंत मान तब संगरूर से सांसद थे। इसके बाद वह सीएम मान के विशेष कार्यक्रमों में शामिल होती रहीं। CM पद के शपथ ग्रहण समारोह में भी गुरप्रीत कौर मौजूद थीं
- भगवंत मान का जन्म 17 अक्टूबर 1973 को पंजाब के संगरूर जिले के सतोज गांव में हुआ था। उन्होंने संगरूर के SUS कॉलेज से बीकॉम किया। कॉमर्स में ग्रेजुएशन करने के बाद नौकरी या बिजनेस करने की बजाय कॉमेडियन बन गए। उन्होंने कई स्टेज शो और फिल्मों में काम करके नाम कमाया। अपने चुटकुलों से उन्होंने करोड़ों लोगों का दिल जीता।
- पंजाब पीपल्स पार्टी से शुरुआत, पहला चुनाव हारे: भगवंत सिंह मान शुरू से आम आदमी पार्टी में नहीं थे। उन्होंने राजनीति की शुरुआत मनप्रीत सिंह बादल की पंजाब पीपल्स पार्टी से की थी। 2012 में वे लहरागागा विधानसभा सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। इसके बाद मनप्रीत कांग्रेस में शामिल हो गए।
- 2014 में सांसद, 2022 में CM बने: 2014 में भगवंत मान आम आदमी पार्टी में शामिल हुए और संगरूर लोकसभा सीट से सांसद बने। 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ जलालाबाद विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 2019 में वे फिर संगरूर सीट से सांसद बने। 2022 विधानसभा चुनाव में AAP की जीत हुई। उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया।
- CM बनने के बाद दूसरी शादी की: भगवंत मान ने CM बनने के बाद हरियाणा के पिहोवा की रहने वाली डॉ. गुरप्रीत कौर से दूसरी शादी की थी। 2019 में उनकी मुलाकात भगवंत मान से हुई। भगवंत मान तब संगरूर से सांसद थे। इसके बाद वह सीएम मान के विशेष कार्यक्रमों में शामिल होती रहीं। CM पद के शपथ ग्रहण समारोह में भी गुरप्रीत कौर मौजूद थीं