गोपाल गिरि | लखीमपुर-खीरीकुछ ही क्षण पहले
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हिन्दी दिवस पर कपिलश का दशम वार्षिकोत्सव छोटी काशी कवियत्री महाकुम्भ के रूप में मनाया गया। इस आयोजन में चार विश्व रिकॉर्ड बने। सबसे लंबा कवयित्री सम्मेलन 52 घंटे 50 मिनट 34 सेकेंड तक चला, जिसे द बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, दुबई ने मान्यता दी।
गोला गोकर्णनाथ के वरिष्ठ साहित्यकार ने 100 मिनट में 75 दोहे लिखकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। साहित्यिक विशेषज्ञ शिप्रा खरे और अनूप त्रिपाठी ने दोहों की तकनीकी जांच की।
पहले 5 तस्वीरें देखिए…





बाराबंकी की डॉ कुसुम चौधरी ने 100 मिनट में 51 बालगीत लिखकर एक और रिकॉर्ड बनाया। जय किशन जय और सुधीर अवस्थी ने बाल गीतों की तकनीकी जांच की। इसी अवसर पर दुनिया की सबसे लंबी गजल का विश्व रिकॉर्ड बना चुके गोला गोकर्णनाथ के संत कुमार बाजपेई को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न सम्मान भी प्रदान किए गए। मनीषा जोशी को कपिलश छोटी काशी की कलम सम्मान, बृजेश तिवारी को कपिलश तूलिका सम्मान, डॉ राजेंद्र सिंह पुंढीर को पर्यावरण मित्र सम्मान, राम मोहन गुप्ता को कपिलश लोक कला सम्मान, स्मिता तिवारी को कपिलश छोटी काशी सेवा सम्मान और नानक चंद वर्मा को निर्मल स्मृति सम्मान दिया गया। वरिष्ठ साहित्यकार रेखा बोरा को 5100 रुपये का नकद पुरस्कार भी प्रदान किया गया।