Women in Afghanistan are getting their faces beautified with injections. | अफगानिस्तान में इंजेक्शन से चेहरा सुंदर बनवा रहीं महिलाएं: ट्रेंड हुआ- बोटोक्स अंडर बुर्का; तालिबान ने 2023 में ब्यूटी पार्लर बैन किया था

Actionpunjab
6 Min Read


ढाका2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

अफगानिस्तान में तालिबान के कट्टर शासन के बावजूद महिलाओं के बीच कॉस्मेटिक सर्जरी का कल्चर तेजी से पॉपुलर हुआ है।

यहां, करीब 20 क्लिनिक बोटॉक्स (झुर्रियों को कम करने के लिए इंजेक्शन), फेसलिफ्ट (ढीली त्वचा को टाइट करने के लिए) और हेयर ट्रांसप्लांट जैसी सेवाएं दे रहे हैं। इन क्लिनिक में पुरुष और महिलाएं दोनों आते हैं।

पुरुष ज्यादातर गंजेपन का इलाज करवाते हैं, जबकि महिलाएं, जो आमतौर पर बुर्का में होती हैं, फेसलिफ्ट और अन्य सर्जरी करवा रही हैं। राजधानी की काबुल में प्रतिबंध के बावजूद, करीब 20 कॉस्मेटिक सर्जरी क्लिनिक चल रहे हैं।

अफगानिस्तान में महिलाओं के बीच बोटोक्स के बढ़ते चलन को लेकर सोशल मीडिया पर ‘बोटोक्स अंडर बुर्का’ ट्रेंड कर रहा है।

काबुल में लेजर ट्रीटमेंट के बाद क्लिनिक से बाहर निकलतीं महिलाएं।

काबुल में लेजर ट्रीटमेंट के बाद क्लिनिक से बाहर निकलतीं महिलाएं।

2023 में तालिबान ने ब्यूटी पार्लर पर बैन लगा दिया था

जुलाई 2023 में तालिबान ने पूरे देश में ब्यूटी पार्लर और हेयर सैलून पर प्रतिबंध लगा दिया था। इन सैलूनों को एक महीने के भीतर बंद करने का आदेश दिया गया। उस समय काबुल में करीब 12,000-13,000 ब्यूटी पार्लर थे, जो अफगान महिलाओं के लिए न सिर्फ आय का स्रोत थे, बल्कि सामाजिक मेलजोल का जरिया भी था।

संयुक्त राष्ट्र और अफगान महिला समूहों के अनुसार, ये सैलून महिलाओं के लिए आजादी और आत्मनिर्भरता का प्रतीक थे। लेकिन तालिबान ने इन्हें अनैतिक बताकर बंद कर दिया।

मेडिकल ट्रीटमेंट के तौर पर की जाती सर्जरी

सैलून बंद होने के बावजूद, कॉस्मेटिक सर्जरी क्लिनिक न सिर्फ चल रहे हैं, बल्कि फल-फूल रहे हैं। इसे मेडिकल सर्जरी के तौर पर किया जाता है, इसलिए तालिबान इसमें दखल नहीं दे पा रहा है।

क्लिनिक के कर्मचारियों का कहना है कि सरकार उनके काम में दखल नहीं देती, लेकिन पुलिस यह सुनिश्चित करती है कि पुरुष और महिला मरीजों के लिए अलग-अलग नर्स हों। कुछ लोगों का दावा है कि तालिबान के सदस्य भी इन क्लीनिकों के ग्राहक हैं।

इन सर्जरी को मेडिकल ट्रीटमेंट के तौर पर किया जाता है, इसलिए तालिबान इसे नहीं रोक पाता है।

इन सर्जरी को मेडिकल ट्रीटमेंट के तौर पर किया जाता है, इसलिए तालिबान इसे नहीं रोक पाता है।

तुर्किए के डॉक्टर काबुल आकर ट्रेनिंग दे रहे

इन क्लीनिकों की सफलता के पीछे विदेशी सहयोग का बड़ा हाथ है। तुर्किए जैसे देशों से डॉक्टर काबुल आकर अफगान डॉक्टरों को ट्रेनिंग दे रहे हैं, जबकि कई अफगान डॉक्टर इस्तांबुल में इंटर्नशिप कर रहे हैं।

क्लीनिकों में इस्तेमाल होने वाले डिवाइस एशिया और यूरोप से आयात किए जाते हैं। नेगिन एशिया क्लिनिक के उप-निदेशक साजिद जादरान ने बताया कि उनके पास एडवांस चीनी उपकरण हैं, जो विदेशों में इस्तेमाल होने वाली तकनीक के बराबर हैं।

महिलाएं बुर्का पहन कर यहां आती हैं। उनका कहना है कि, ये सर्जरी उन्हें आत्मविश्वास देता है।

महिलाएं बुर्का पहन कर यहां आती हैं। उनका कहना है कि, ये सर्जरी उन्हें आत्मविश्वास देता है।

पुरूष शादी से पहले हेयर ट्रांसप्लांट करवाते

इन क्लीनिकों में आने वाले ग्राहक ज्यादातर अमीर और प्रभावशाली लोग हैं। पुरुष अक्सर अपने गंजेपन का इलाज करवाने आते हैं, जबकि महिलाएं फेसलिफ्ट और बोटॉक्स जैसी सर्जरी करवाती हैं।

तालिबान ने पुरुषों को लंबी दाढ़ी रखने का आदेश दिया है, जिसके चलते हेयर और दाढ़ी ट्रांसप्लांट की मांग बढ़ गई है। यूरोएशिया क्लिनिक के सह-निदेशक बिलाल खान ने बताया कि वह जल्द ही दूसरा क्लिनिक खोलने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा, ‘यहां गंजापन या कम दाढ़ी को कमजोरी का प्रतीक माना जाता है। कुछ लोग शादी से पहले कर्ज लेकर हेयर ट्रांसप्लांट करवाते हैं।’

पुरुष भी इन क्लिनिक में अपने गंजेपन का इलाज करवाने आते हैं।

पुरुष भी इन क्लिनिक में अपने गंजेपन का इलाज करवाने आते हैं।

अफगानी महिलाएं बोली- यहां महिला होना तनावपूर्ण

ज्यादातर महिलाएं बुर्का या पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़ों में आती हैं। 25 वर्षीय सिलसिला हमीदी ने अपनी दूसरी फेसलिफ्ट सर्जरी करवाई। उन्होंने कहा, ‘अफगानिस्तान में महिला होना बहुत तनावपूर्ण है। मेरा चेहरा ढीला पड़ गया था। भले ही लोग हमें न देखें, लेकिन खुद को सुंदर देखकर आत्मविश्वास मिलता है।’

तालिबान ने महिलाओं पर कई पाबंदियां लगाई हैं, जैसे पिता-पति के बिना लंबी यात्रा करना, जोर से बोलना, यूनिवर्सिटी, पार्क या जिम जाना। फिर भी कॉस्मेटिक सर्जरी का चलन बढ़ रहा है।

खाने के बजाय सुंदरता पर खर्च कर रहे लोग

इन सर्जरी की कीमत आम अफगानों के लिए बहुत ज्यादा है। बोटॉक्स की कीमत 3,500 से 7,000 रुपए और हेयर इंप्लांट की कीमत 21,000 से 41,000 रुपए है। विश्व बैंक के अनुसार, अफगानिस्तान में आधे लोग गरीबी में जी रहे हैं और 10 मिलियन लोग भूख से जूझ रहे हैं।

फिर भी, कुछ लोग खाने के बजाय अपनी सुंदरता पर खर्च करना पसंद करते हैं। लंदन में रहने वाले अफगान रेस्तरांं मालिक मोहम्मद शोएब यारजादा ने काबुल में हेयर ट्रांसप्लांट करवाया, क्योंकि ब्रिटेन में यह बहुत महंगा था। उन्होंने कहा, ‘क्लिनिक में ऐसा लगा जैसे मैं यूरोप में हूं।’

राजधानी काबुल में हेयर-केयर सेंटर तेजी से बढ़े हैं।

राजधानी काबुल में हेयर-केयर सेंटर तेजी से बढ़े हैं।

सोशल मीडिया से बढ़ा ट्रेंड

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने भी इन सर्जरी को बढ़ावा दिया है, जिससे कई लोग बिना जरूरत के भी सर्जरी करवा रहे हैं। नेगिन एशिया क्लिनिक के सह-निदेशक, रूसी मूल के डॉक्टर लकी खान ने बताया कि हर दिन दर्जनों नए मरीज आते हैं।

कई लोग इंस्टाग्राम पर ट्रेंड देखकर बिना चिकित्सीय जरूरत के सर्जरी करवाते हैं। क्लिनिक अपने सोशल मीडिया पेजों पर चिकनी त्वचा, भरे हुए होंठ और घने बालों के वादे करते हैं।

खबरें और भी हैं…
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *