25 मिनट पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर नाराजगी जताई। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार नहीं देना मतलब अमेरिका का अपमान करना है।
ट्रम्प का कहना है कि उन्हें खुद के लिए यह पुरस्कार नहीं चाहिए, बल्कि यह अमेरिका को मिलना चाहिए।
ट्रम्प ने नोबेल शांति समिति पर आरोप लगाते हुए कहा कि नोबेल समिति यह पुरस्कार अक्सर उन लोगों को देती है जिन्होंने असल में कुछ खास नहीं किया।
उन्होंने दावा किया कि वो अब तक आठ युद्ध रुकवा चुके हैं, जिनमें सबसे ताजा इजराइल और हमास के बीच का युद्ध शामिल है।
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कांगो के पूर्व राष्ट्रपति कबीला को देशद्रोह के आरोप में मौत की सजा

कांगो (DRC यानी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो) के पूर्व राष्ट्रपति जोसेफ कबीला को मौत की सजा सुनाई गई है। कांगो की एक सैन्य अदालत ने उन पर M23 नाम के विद्रोही समूह का समर्थन करने का आरोप लगाया है।
इस समूह ने देश के पूर्वी हिस्सों में हिंसा फैलाई और रवांडा की मदद से संसाधन से भरपूर इस इलाके पर कब्जा कर लिया है। राजधानी किंशासा में चल रहे मुकदमे में कबीला अदालत में पेश नहीं हुए और इसे अपने खिलाफ आरोपों से इनकार किया। उनकी गैर-मौजूदगी में ही सजा का ऐलान किया गया।
कांगो सैन्य अभियोजक जनरल लुसिएन रेने लिकुलिया ने कबीला के लिए मौत की सजा की मांग की थी और उन्होंने कबीला पर राष्ट्रपति त्सेसीकेदी के खिलाफ तख्तापलट की कोशिश का आरोप लगाया था।
कबीला ने 18 साल तक देश का नेतृत्व किया और 2019 में सत्ता राष्ट्रपति फेलिक्स त्सेसीकेदी को सौंप दी थी। बाद में उनके बीच मतभेद हुए और 2023 में उन्होंने अपने मन से देश छोड़ दिया। फिलहाल यह जानकारी नहीं है कि वे कहा रह रहे हैं।
विदेश मंत्री जयशंकर ने चीन के स्थापना दिवस पर दी बधाई, भारत-चीन संबंध सुधारने पर जोर

विदेश मंत्री जयशंकर ने बुधवार को चीन के स्थापना दिवस के मौके पर चीनी जनता और विदेश मंत्री वांग यी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा कि वह भारत और चीन के बीच संबंधों को बेहतर बनाने के लिए काम करने को उत्सुक हैं।
चीन में 1 अक्टूबर को स्थापना दिवस मनाया जाता है। साल 1949 में इसी दिन माओ जेदोंग ने बीजिंग के तियानमेन स्क्वायर में पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की आधिकारिक घोषणा की थी। साल 1945 में दूसरे विश्व युद्ध के खत्म होने के बाद चीन में गृहयुद्ध शुरू हो गया था।
माओत्से तुंग की कम्युनिस्ट पार्टी और च्यांग काई शेक की राष्ट्रवादी कुओमिनतांग (KMT) के बीच करीब 4 साल तक जंग चली। सितंबर 1949 में KMT की हार हुई और इसके नेता चांग काई शेक को चीन छोड़कर ताइवान भागना पड़ा। —————————————
30 सितंबर के वर्ल्ड अपडेट्स यहां पढ़ें…