हिसार के सेक्टर 14 में दशहरा उत्सव के दौरान पथ संचलन निकालते संघ के स्वयंसेवक।
हरियाणा के हिसार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने गुरुवार को विजयादशमी के पावन पर्व और अपने शताब्दी स्थापना वर्ष (100वां स्थापना दिवस) के शुभारंभ को एक साथ मनाया। इस अवसर पर जिला स्तर पर आयोजित पथ संचलन में सैकड़ों स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
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इस दौरान महिलाओं और बुजुर्गों ने जय श्री राम और भारत माता की जयकारे लगाते हुए स्वयंसेवकों पर पुष्प वर्षा की। इससे पूर्व शस्त्र पूजन कर मां भारती और श्री राम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की गई। शताब्दी वर्ष के प्रथम कार्यक्रम के तहत गुरुवार को हिसार शहर के चार उपनगरों व सात मंडलों में कार्यक्रम हुए।
इस आयोजन के माध्यम से संघ ने अपने शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की प्रभावी शुरुआत की, जिसका उद्देश्य समाज में समरसता, सेवा और राष्ट्रीय भावना को और सुदृढ़ करना है। मुख्य आयोजन नामदेव उपनगर के पंजाबी भवन में किया गया जिसमें समाजसेवी व चिकित्सक डॉ सुरेंद्र गुप्ता मुख्य अतिथि व भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री पवन मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित रहे। विभाग संघचालक पवन जिंदल व नगर संघ चालक राहुल भी मंच पर रहे।

पंजाबी भवन में आयोजित दशहरा महोत्सव में उपस्थित मुख्य वक्ता पवन जिंदल व अन्य।
राष्ट्रहित के कार्यों में भागीदारी निभाएं : पवन जिंदल मुख्य वक्ता पवन जिंदल ने अपने उद्बोधन में संघ के 100 वर्षों के सेवा और समर्पण के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह शताब्दी वर्ष केवल संघ का नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज का उत्सव है, और सभी को राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने चरित्र निर्माण पर बल देते हुए कहा कि चरित्रवान समाज ही विश्व को सही राह दिखा सकता है। उन्होंने कहा कि मां भारती की संतान होने के नाते हम सबके कुछ दायित्व भी हैं जिनका निर्वाह हम सभी को पूरी ईमानदारी से करना चाहिए। उन्होंने सभी से पंच परिवर्तन को समझने और आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान भी किया।

पटेल नगर में दशहरा उत्सव में मंच पर उपस्थित प्रांत कार्यवाह प्रताप मलिक व अन्य।
सब को साथ लेकर राष्ट्र को आगे बढ़ाया : प्रताप पटेल नगर के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजसेवी और चिकित्सक डॉ. नवीन सोनी थे। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह प्रताप मलिक रहे। इस अवसर पर जिला संघ चालक भूपेंद्र भी उपस्थित रहे। प्रताप मलिक ने कहा कि यह सबके लिए गौरव का विषय है कि हमें संघ के सौ वर्ष देखने का अवसर मिला है।
इन सौ वर्षों में संघ ने बड़े उतार चढ़ाव देखे हैं। कठिनाइयां आईं, राह रोकने का प्रयास किया गया पर संघ के स्वयंसेवक निर्बाध, निर्भीक आत्मविश्वास और जोश के साथ समाज के लोगों के साथ कदम से कदम मिलाते समाज और राष्ट्र को आगे की ओर बढ़ाते रहे।
उन्होंने कहा कि संघ ने कभी अपने आप को आगे बढ़ाने या अग्रणी रहने का कार्य नहीं किया। संघ ने सदैव समाज, संत समाज को आगे रखा। समाज के साथ संघ आगे बढ़ता रहा। उन्होंने कहा कि सौ वर्ष की इस यात्रा में पीठ थपथपाना हमारा उद्देश्य नहीं है।

पंजाबी धर्मशाला में दशहरा उत्सव के दौरान शस्त्र पूजन करते पवन जिंदल व अन्य स्वयंसेवक।
आरएसएस के उत्सव की मुख्य झलकियां
- भव्य पथ संचलन: पूर्ण गणवेश में सैकड़ों स्वयंसेवकों का यह अनुशासित और घोष (बैंड) के साथ किया गया। नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर संचलन का स्वागत किया।
- शस्त्र पूजन: विजयादशमी के पारंपरिक महत्व के अनुसार, मुख्य कार्यक्रम स्थल पर शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया।
- शताब्दी वर्ष का संकल्प: संघ के शताब्दी वर्ष में प्रवेश के अवसर पर, स्वयंसेवकों ने सामूहिक रूप से राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सद्भाव और देश को विश्व गुरु बनाने के लिए समर्पित रहने का संकल्प लिया।
इन जगहों पर भी हुए कार्यक्रम जिले में अन्य कार्यक्रम भास्कर उपनगर, लाला लाजपत राय उपनगर, कालीरावन, मात्रश्याम, बालसमंद, चौधरीवास, झूंपा, सातरोड, बुधवार मंडलों में भी भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गएl यह भव्य आयोजन संगठन के लक्ष्यों के प्रति स्वयंसेवकों के गहरे समर्पण और समाज के साथ उसके मज़बूत जुड़ाव को दर्शाता है।