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करनाल में एनडीपीएस एक्ट से जुड़े एक पुराने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा का आदेश जारी किया है। अदालत ने आरोपी द्वारा पहले जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करते हुए आर्थिक दंड लगाया है। साथ ही साफ किया है कि यदि तय जुर्माना जमा नहीं किया गया तो आरोपी को दो महीने की साधारण कैद भुगतनी होगी। आदेश के बाद जेल प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मामला सेक्टर 32-33 थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जिसमें वर्ष 2020 में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। क्या था पूरा मामला
करनाल की सेक्टर 32-33 थाना क्षेत्र में एंटी नारकोटिक सेल करनाल की टीम ने 30 दिसंबर 2020 को एक मुकद्मा दर्ज किया था। जिसमें पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर काछवा पुल से अंबेडकर चौक, थ्री चौक होते हुए जब टीम कॉन्वेंट स्कूल के पास स्मैक तस्करी के एक मामले में शादीपुर गांव के नाजिक को काबू किया था। टीम ने मौके पर डीएसपी की मौजूदगी में तलाशी लेकर आरोपी के कब्जे से 30 ग्राम स्मैक बरामद की थी। पुलिस ने नशीला पदार्थ और बिना नंबर की मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी थी। अदालत ने लगाया 15 हजार का जुर्माना
सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि आरोपी पहले ही कुछ समय जेल में रह चुका है, जिसे अदालत ने सजा में शामिल माना। अदालत ने दोष सिद्ध होने पर आरोपी पर 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि यदि आरोपी यह राशि जमा कर देता है तो उसे तुरंत रिहा किया जाएगा, बशर्ते वह किसी अन्य मामले में वांटेड न हो। जुर्माना नहीं भरा तो दो महीने की कैद
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को दो महीने की साधारण कैद काटनी होगी। इसके लिए जिला जेल प्रशासन को वारंट जारी कर दिया गया है। 12 फरवरी को जारी हुआ आदेश
फास्ट ट्रैक कोर्ट की ओर से यह आदेश 12 फरवरी को जारी किया गया, जिसके तहत जेल अधीक्षक को आरोपी को हिरासत में लेने या जुर्माना जमा होने पर रिहा करने के निर्देश दिए गए हैं।
करनाल कोर्ट ने सुनाई NDPS मामले में सजा:दोषी को लगाया जुर्माना, नहीं भरा तो जाना होगा जेल
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