प्रसिद्ध नाटककार विजय तेंदुलकर के सामाजिक नाटक ‘जाति ही पूछो साधु की’ का सफल मंचन किया।
जयपुर में आईआईएस (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) की आईआईएसयू थियेट्रिकल सोसाइटी ने वार्षिक नाट्य प्रस्तुति के तहत गुरुवार को प्रसिद्ध नाटककार विजय तेंदुलकर के सामाजिक नाटक ‘जाति ही पूछो साधु की’ का सफल मंचन किया। इस नाटक ने समाज में व्याप्त जातिवाद, भेदभाव
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विद्यार्थियों ने अपनी सशक्त संवाद अदायगी, अभिव्यक्ति और मंच संचालन से समाज में गहरी जड़ें जमा चुकी जातिगत मानसिकता को बारीकी से उजागर किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के चांसलर श्री अमित गुप्ता, वाइस चांसलर प्रो. टी. एन. माथुर और रजिस्ट्रार एवं प्रो वाइस चांसलर डॉ. राखी गुप्ता भी उपस्थित रहे।उद्घाटन सत्र के बाद, मुख्य अतिथि का औपचारिक परिचय कराया गया। इसके उपरांत, विश्वविद्यालय के चांसलर श्री अमित गुप्ता ने अपने संबोधन में छात्रों को रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के लिए प्रोत्साहित किया। थियेट्रिकल सोसाइटी के विद्यार्थियों ने अपनी सशक्त संवाद अदायगी, अभिव्यक्ति और मंच संचालन से समाज में गहरी जड़ें जमा चुकी जातिगत मानसिकता को बारीकी से उजागर किया।

नाटक के निर्देशन, संगीत संयोजन और प्रकाश व्यवस्था ने इसकी प्रभावशीलता को बढ़ाया।
नाटक के निर्देशन, संगीत संयोजन और प्रकाश व्यवस्था ने इसकी प्रभावशीलता को बढ़ाया। दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की। मुख्य अतिथि गौरव कुमार ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए कहा कि नाटक केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने का एक सशक्त साधन है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसी प्रस्तुतियां युवा पीढ़ी में संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करती हैं।
कुमार ने आगे कहा, “मैंने कई नाटक देखे हैं, लेकिन इस स्तर का प्रभावशाली मंचन बहुत कम देखने को मिलता है। यह प्रस्तुति हर दृष्टि से उत्कृष्ट रही। “यह नाट्य प्रस्तुति विश्वविद्यालय में आयोजित 6-सप्ताह लंबी नाट्य कार्यशाला का परिणाम थी। इस कार्यशाला में विद्यार्थियों ने अभिनय, अभिव्यक्ति, संवाद-प्रशिक्षण और मंच तकनीक से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया था।