नई दिल्ली2 मिनट पहले
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तालिबानी विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी 6 दिन के भारत दौरे पर हैं। उन्होंने आज दिल्ली स्थित अफगान एंबेसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने रविवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें महिला पत्रकारों को भी बुलाया गया। इससे पहले शुक्रवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को नहीं बुलाया गया था।
इस पर विवाद भी खड़ा हो गया था। मुत्तकी ने पिछली बार महिला पत्रकारों को न बुलाने पर सफाई भी दी। उन्होंने बताया कि
यह सिर्फ तकनीकी कारणों से हुआ था। पिछली बार पत्रकारों की छोटी लिस्ट तैयार की गई थी, क्योंकि समय कम था। इसके अलावा कोई दूसरा इरादा नहीं था।


मुत्तकी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल महिला पत्रकार। (सोर्स-X)
मुत्तकी की प्रेस कॉन्फ्रेंस की अहम बातें…
1. महिलाओं की शिक्षा पर-
मुत्तकी ने कहा कि उनके देश में कुल 1 करोड़ विद्यार्थी स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ रहे हैं, जिनमें 28 लाख महिलाएं और लड़कियां शामिल हैं।
धार्मिक मदरसों में भी यह शिक्षा स्नातक स्तर तक उपलब्ध है। कुछ क्षेत्रों में सीमाएं हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे शिक्षा के खिलाफ हैं।
महिलाओं की शिक्षा को धार्मिक रूप से हराम घोषित नहीं किया गया है, बल्कि इसे अभी दूसरी व्यवस्था तक स्थगित किया गया है।
2. भारतीय दूतावास को फिर से खोलने पर
उन्होंने भारत के विदेश मंत्री से मुलाकात की और अर्थव्यवस्था, व्यापार और अन्य मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के दौरान, भारत के विदेश मंत्री ने घोषणा की कि भारत काबुल में अपने मिशन को एम्बेसी में अपग्रेड करेगा और काबुल के राजनयिक जल्द ही नई दिल्ली आएंगे।
3. भारत के साथ व्यापार, उड़ान और निवेश पर
बैठक के दौरान भारत के विदेश मंत्री ने काबुल और दिल्ली के बीच उड़ानों की संख्या बढ़ाने की घोषणा की। इसके अलावा, दोनों पक्षों ने व्यापार और अर्थव्यवस्था पर समझौता किया।
अफगानिस्तान ने भारत को विशेष रूप से खनिज, कृषि और खेल क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। बैठक में चाबहार बंदरगाह पर भी चर्चा हुई। अफगानिस्तान ने वाघा बॉर्डर को खोलने का अनुरोध किया, जो भारत और अफगानिस्तान के बीच सबसे तेज और आसान व्यापार रास्ता है।
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