छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में 15 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। विदर्भ में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा और झारखंड में बारिश के साथ कुछ इलाकों में तेज हवाएं और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
15 अगस्त को देश के कई हिस्सों में मॉनसून सक्रिय रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में भी बारिश हो सकती है। उत्तर भारत में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में बारिश के दौर बने रह सकते हैं। खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शनिवार को भारी बारिश का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ भूस्खलन और अचानक बाढ़ का जोखिम भी कुछ क्षेत्रों में बना रहेगा।
मध्य प्रदेश में 15 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। विदर्भ में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा और झारखंड में बारिश के साथ कुछ इलाकों में तेज हवाएं और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। गुजरात में भी बारिश का दौर जारी रहने और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। महाराष्ट्र के कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक में व्यापक बारिश, जबकि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। केरल में भी कई जगह बारिश हो सकती है।
यूपी में 15 अगस्त को कैसा मौसम
उत्तर प्रदेश में सक्रिया मॉनसून के चलते अगले कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार 15 से 18 अगस्त के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा गतिविधियां बनी रहेंगी। 16 और 17 अगस्त को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। 17 और 18 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर तथा पश्चिमी हिस्सों में कई जगह गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी आने के कारण गंगा-यमुना समेत प्रमुख नदियों के जलस्तर में आगे और बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
दिल्ली के मौसम का हाल जानिए
दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राजधानी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। शुक्रवार को हुई बारिश के बाद कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी रही और आने वाले दिनों में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश के कारण ऐसी स्थिति दोबारा बन सकती है। मौसम में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने से तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान सड़कों पर यातायात प्रभावित होने और कई जगह जलभराव बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।
छत्तीसगढ़ में सक्रिय रहेगा मॉनसून
छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों तक मॉसून सक्रिय रहने और कई इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के उत्तर और मध्य हिस्सों में कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश की चेतावनी दी है, जबकि एक-दो जगह बहुत भारी वर्षा हो सकती है। बंगाल की खाड़ी से जुड़े क्षेत्र में बने दबाव तंत्र के प्रभाव से बारिश की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। राजधानी रायपुर में भी बादल छाए रहने के साथ कुछ दौर में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अगले दो दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
ओडिशा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
ओडिशा में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने सुंदरगढ़, बरगढ़, संबलपुर और झारसुगुड़ा में शनिवार सुबह तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 14 अन्य जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है। लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना रहेगा। बालासोर, मयूरभंज, जाजपुर, भद्रक और क्योंझर जैसे प्रभावित जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बंगाल की खाड़ी में मौसम खराब रहने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को 15 अगस्त की सुबह तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। बारिश के कारण जलभराव, सड़क संपर्क बाधित होने और नदियों के उफान पर रहने की आशंका है।