गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को जयपुर दौरे पर रहेंगे। देश में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों के एक साल पूरा होने पर JECC में 6 दिन आयोजित होने वाली प्रदर्शनी का अमित शाह उद्घाटन करेंगे। 8 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स के लोकार्पण के साथ ही 150 यूनिट फ्री बिजली
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दरअसल, देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली तीन नवीन आपराधिक संहिताओं को 1 जुलाई-2024 को लागू किया गया था। नए आपराधिक कानून लागू होने के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में दंड के स्थान पर न्याय की अवधारणा को प्रदर्शित करते हुए जयपुर एग्जिबिशन एवं कन्वेंशन सेंटर (JECC) सीतापुरा में 13 से 18 अक्टूबर 2025 तक एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण प्रदर्शनी का उद्घाटन 13 अक्टूबर-2025 को केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे। इस अवसर पर राजस्थान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति, राजस्थान उच्च न्यायालय संजीव प्रकाश शर्मा सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।

जयपुर एग्जिबिशन एवं कन्वेंशन सेंटर (JECC) सीतापुरा में 13 से 18 अक्टूबर 2025 तक एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है।
इस विशेष दिन यानी 13 अक्टूबर को प्रवेश केवल आमंत्रण पत्र के माध्यम से ही होगा, जबकि 14 से 18 अक्टूबर तक सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आमजन व हितधारक बिना आमंत्रण पत्र के इस प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकेंगे। प्रदर्शनी में सूचनात्मक प्रदर्शितियां, प्रतियोगिताएं, सेल्फी पॉइंट्स और फूड स्टॉल्स भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। यह आयोजन न केवल कानून की समझ को जन-जन तक पहुंचाएगा, बल्कि ‘नए भारत के नए कानून’ की दिशा में एक सशक्त कदम साबित होगा।
प्रोग्राम में कानूनों की नई संरचना की डिजिटल व इंटरएक्टिव प्रस्तुति, ‘समय पर न्याय – सभी के लिए न्याय’ ध्येय पर आधारित और न्याय प्रणाली में पारदर्शिता, तीव्रता व जन सुलभता पर संवाद होगा।

‘समय पर न्याय – सभी के लिए न्याय’ ध्येय पर आधारित और न्याय प्रणाली में पारदर्शिता, तीव्रता व जन सुलभता पर संवाद होगा।
6 दिन ये सत्र होंगे
13 अक्टूबर- टेक्नोलॉजी पर सत्र 14 अक्टूबर- फोरेंसिक विज्ञान पर सत्र 15 अक्टूबर- जेल संबंधी विषयों पर सत्र 16 अक्टूबर- कानून के एक्सपर्ट के साथ सत्र 17 अक्टूबर- स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ सत्र 18 अक्टूबर- समापन समारोह आयोजित होगा

फोरेंसिक साइंस टीमों को साक्ष्य एकत्र करते हुए लाइव दिखाया गया, जिसमें वीडियोग्राफी की अनिवार्यता पर जोर दिया गया।
अपराध से न्याय तक के सिद्धांत का 10 मॉडल में लाइव डेमो प्रदर्शनी को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि कोई भी व्यक्ति विशेषकर स्टूडेंट्स आसानी से समझ सकें। नए कानूनों के तहत प्रत्येक सरकारी विभाग कैसे काम करता है-
चरण-1 शिकायत और जांच का आरंभ मॉडल 1- कंट्रोल रूम (Control Room)- यहां यह दिखाया गया कि डायल-112 जैसे आपातकालीन नंबर पर कॉल कैसे प्राप्त होता है। पुलिस कैसे तुरंत प्रतिक्रिया देती है। यह पुलिस की तत्परता और संचार प्रणाली को दर्शाता है। मॉडल 2 – सीन ऑफ क्राइम (SoC) – इस मॉडल में, एक अपराध स्थल की प्रतिकृति बनाई गई है। यहां फोरेंसिक साइंस टीमों को साक्ष्य एकत्र करते हुए लाइव दिखाया गया, जिसमें वीडियोग्राफी की अनिवार्यता पर जोर दिया गया। मॉडल 3 – पुलिस स्टेशन – यह जोन ई-एफआईआर और जीरो एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया को दर्शाता है जिससे आम नागरिकों को यह समझने में मदद मिली कि शिकायत दर्ज करना अब कितना सरल और पारदर्शी हो गया है।

पुलिस कैसे तुरंत प्रतिक्रिया देती है। यह पुलिस की तत्परता और संचार प्रणाली को दर्शाता है।
चरण-2 वैज्ञानिक और कानूनी सत्यापन मॉडल 4 – हॉस्पिटल – इस मॉडल ने चिकित्सा साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया। यहां पीड़ितों की मेडिकल जांच और कानूनी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया दिखाई गई। जिसे नए कानूनों के तहत समयबद्ध और डिजिटल रूप से करना अनिवार्य है। मॉडल-5 एफएसएल – यह प्रदर्शनी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जहां वैज्ञानिक साक्ष्यों के विश्लेषण की प्रक्रिया को समझाया गया। यहां दर्शाया गया कि कैसे अनिवार्य एफएसएल जांच वैज्ञानिक प्रमाण पर आधारित दोषसिद्धि दर को बढ़ाने में मदद करती है। मॉडल-6 पब्लिक प्रॉसीक्यूशन ऑफिस – एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद यहां यह दिखाया गया कि अभियोजन विभाग कैसे सबूतों और चार्जशीट की समीक्षा करता है। उन्हें कोर्ट में पेश करने के लिए तैयार करता है।

यहां जेल प्रबंधन के डिजिटलीकरण और कैदियों के पुनर्वास के कार्यक्रमों को दिखाया जाएगा।
चरण-3 न्याय और सुधार मॉडल-7 डिस्ट्रिक्ट कोर्ट – इस मॉडल में एक कोर्ट की कार्यवाही का डेमो दिया गया है। यहां पर समयबद्ध ट्रायल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की प्रस्तुति को दर्शाया गया, जो त्वरित न्याय सुनिश्चित करने का मुख्य आधार है। मॉडल-8 प्रिजन – इस ज़ोन ने जेल सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया। यहां जेल प्रबंधन के डिजिटलीकरण और कैदियों के पुनर्वास के कार्यक्रमों को दिखाया जाएगा। जो दंड के बजाय सुधार पर जोर देते हैं। मॉडल-9 हाईकोर्ट – यह जोन उच्च न्यायिक अपील और समीक्षा की प्रक्रिया को दर्शाता है, जो मामले के अंतिम चरण की ओर ले जाता है। मॉडल-10 नए आपराधिक कानूनों का संक्षिप्त विवरण – अंतिम जोन में तीनों नए कानूनों के प्रमुख प्रावधानों जैसे कि ई-एफआईआर, सामुदायिक सेवा और भगोड़े अपराधियों के ट्रायल को सरल भाषा में समझाती हुई जानकारी दी गई है। इसमें पुराने और नए कानून के बारे में भी पूरी व्याख्या की गई है।