प्रयागराज में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एक छात्र से रैगिंग की गई। बीए प्रथम वर्ष के छात्र को तीन सीनियर आधी रात जबरन छत पर खीं ले गए। गालीगलौज, मारपीट की और मुर्गा बनाकर बेइज्जत किया। पीड़ित छात्र की तहरीर पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लि
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बीआर अंबेडकर छात्रावास में हुई घटना
घटना सलोरी में बीआर अंबेडकर छात्रावास की है, जो समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित होता है। पीड़ित छात्र मूल रूप से कौशांबी जिले का रहने वाला है और हाल ही में छात्रावास में रहना शुरू किया था। उसका कहना है कि हॉस्टल में कुछ सीनियर छात्र अवैध तरीके से रह रहे हैं और नए छात्रों को आए दिन परेशान करते हैं।

रैगिंग मामले में कर्नलगंज थाने में दर्ज हुई है एफआईआर।
एक हफ्ते पहले ही आया था
पीड़ित छात्र ने बताया कि छात्रावास में आए उसे एक सप्ताह ही हुआ है और तभी से तीन सीनियर अमन सोनकर, जितेंद्र और राघवेंद्र लगातार उसकी रैगिंग कर रहे थे। ये छात्र बिना वैध अनुमति के हॉस्टल में रह रहते हैं और नए छात्रों को धमकाते थे। आरोप है कि ये लोग उससे गालीगलौज तो करते ही थे, उसे डराते-धमकाते भी थे।
आधी रात कमरे से उठा ले गए
छात्र ने बताया कि 10 अक्टूबर की रात करीब 11:30 बजे जब वह अपने कमरे में सो रहा था। तभी तीनों जबरन उसके कमरे में घुस आए। उन्होंने दरवाजा खुलवाया और उसे धमकाते हुए छत पर ले गए। वहां उसे गालियां दीं, विरोध करने पर बुरी तरह पीटा और आधे घंटे तक मुर्गा बनाकर प्रताड़ित करते रहे। पीड़ित छात्र ने बताया कि काफी मिन्नतें करने के बाद आरोपी उसे गालियां देते हुए नीचे भेजकर भाग निकले।
प्रॉक्टोरियल बोर्ड को दी शिकायत
घटना के बाद डरे-सहमे छात्र ने अगले दिन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रॉक्टोरियल बोर्ड से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने तत्काल कर्नलगंज पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने छात्र की लिखित तहरीर के आधार पर तीनों सीनियर छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एफआईआर दर्ज, आरोपियों की तलाश में पुलिस
कर्नलगंज पुलिस ने बताया कि छात्र की तहरीर के आधार पर अमन सोनकर, जितेंद्र और राघवेंद्र के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। एक अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी को भेजी जाएगी रिपोर्ट
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब इस मामले की रिपोर्ट जल्द ही जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। जिला प्रशासन तय करेगा कि इस मामले में कैसे जांच करनी है। गौरतलब है कि अंबेडकर छात्रावास समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित होता है। यहां इलाहाबाद विश्वविद्यालय और एफिलिएटिड कॉलेज के आरक्षित वर्ग के छात्र रहते हैं जिन्हें कमरे का आवंटन हुआ हो। बड़ा सवाल यह भी है कि सरकारी नियंत्रण के अधीन स्थित छात्रावास में अवैध तरीके से कोई कैसे रह सकता है।
रैगिंग पर पहले ही लग चुकी है रोक
गौरतलब है कि विश्वविद्यालय परिसर में रैगिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी)) के नियमों के अनुसार, किसी भी शैक्षणिक संस्थान में रैगिंग करने या उसमें शामिल होने वाले छात्रों के खिलाफ न सिर्फ निलंबन बल्कि निष्कासन तक की कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में घटना इलाहाबाद विश्वविद्यालय कैंपस की नहीं है। हालांकि जिला प्रशासन के नियंत्रण अधीन चल रहे छात्रावास में इस तरह की घटना का होना कहीं ना कहीं यह दर्शाता है कि यूजीसी के नियमों के सख्ती से पालन में कहीं ना कहीं चूक हो रही है।
छात्रों में रोष, सख्त कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद छात्रावास के अन्य छात्रों में दहशत के साथ गुस्सा है। कई छात्रों ने कहा कि अवैध रूप से रह रहे सीनियरों की वजह से नए छात्रों का रहना मुश्किल हो गया है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।