आग लगने से बस का गेट लॉक हो गया था, ऐसे में लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। लोग कांच तोड़कर कूदे और जान बचा लेने की गुहार लगाते रहे। हादसे के दौरान करीब 50 मिनट तक कोई फायर ब्रिगेड नहीं आई। आर्मी ने JCB लगाकर बस का गेट तोड़ा और लोगों का रेस्क्य
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जैसलमेर बस आग हादसे में सबसे पहले मौके पर पहुंचे थईयात गांव निवासी शराब ठेकेदार कस्तूर सिंह ने घटना की पूरी कहानी बताई है।
कस्तूर सिंह का दावा है कि उनके सामने बस से 16 लोग निकाले गए जबकि अंदर लाशें थीं। झुलसे यात्रियों में 8 साल के मासूम से लेकर 79 साल तक के बुजुर्ग हैं।

2 पॉइंट में समझिए हादसा
1. राजस्थान के जैसलमेर में जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर मंगलवार दोपहर 3:30 बजे चलती एसी स्लीपर बस में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप ले लिया। बचने के लिए लोग आग का गोला बनी चलती बस से कूद गए। बस में 57 लोग सवार थे।
2. हादसे में झुलसे यात्रियों को लोगों ने एंबुलेंस से जैसलमेर के जवाहिर हॉस्पिटल पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद सभी को जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल और मथुरादास माथुर हॉस्पिटल रेफर किया गया। हादसे में 20 लोगों की मौत हो चुकी है।

तस्वीर हादसे के बाद की है, जब एक स्थानीय ठेकेदार के टैंकर को लेकर कस्तूर सिंह अपने साथियों के साथ जलती बस की ओर दौड़े थे।
दैनिक भास्कर में पढ़िए मौके पर पहुंचने वाले चश्मदीदों ने क्या बताया
पानी का टैंकर लेकर बस की ओर दौड़े
शराब ठेकेदार कस्तूर सिंह ने बताया- यहां पास ही में मेरा शराब का ठेका है। जैसे ही बस में आग लगी, मैं अपने साथियों को लेकर बस की तरफ दौड़ा। बस में इतनी तेज आग लगी थी कि हम पास भी नहीं जा पा रहे थे। हम कुछ नहीं कर पा रहे थे।
इतने में एक लोकल ठेकेदार के पानी का टैंकर दिखाई दिया। वह आर्मी एरिया से आ रहा था। उसे आर्मी कैंट एरिया का ताला तोड़कर बाहर निकाला और बस की तरफ लेकर साथ-साथ दौड़े। इसके बाद भी बचाव नहीं कर पाए।

आर्मी ने JCB से गेट तोड़ा
शराब ठेकेदार कस्तूर सिंह ने बताया- इसके बाद मिलिट्री को किसी ने सूचना दी तो यहां मिलिट्री JCB लेकर आई। आर्मी ने JCB से बस का ताला तोड़ा इसके बाद स्थानीय टैंकर से आग बुझाने के प्रयास किए।
कस्तूर सिंह ने बताया- फायर ब्रिगेड को भी कॉल किया था लेकिन, 45 मिनट तक कोई फायर ब्रिगेड यहां नहीं आई। यहां से जैसलमेर करीब 9 किमी दूर है।
कस्तूर सिंह का दावा है कि बस से 16 लोगों को ही बाहर निकाला गया। इसमें करीब 40 लोग और थे जो अंदर ही जल गए हैं।

तस्वीर में नजर आ रहा है कि बस में लगी आग इतनी भीषण थी कि यहां लोगों को पुलिस ने दूर ही रोक दिया था।
बोले- बस में 12 से 15 लोग जिंदा जले
अल्लाह बक्श के परिवार के लोग इस हादसे में झुलसे हैं। अल्लाबक्श कहते हैं- कितने लोग थे क्या हुआ कुछ नहीं मालूम। हमें कुछ बताया नहीं गया। ये सुनने में आया है कि बस में 12 से 15 लोग जिंदा जल गए हैं। बस को मिलिट्री कैंप में ले गए हैं हमें कुछ नहीं बताया गया है।

ये तस्वीर है उन लोगों की जिन्हें रेस्क्यू कर बस से बाहर निकाला गया था। लोग बस से निकलते ही बदहवास होकर जमीन पर ही लेट गए। बचा लेने की गुहार लगाते रहे।
बोले- 5 दिन पहले ही लगाई थी मॉडिफाई बस
जानकारी के अनुसार, KK ट्रेवल्स की इस बस को इस रूट पर 5 दिन पहले ही लगाया गया था। इसे मॉडिफाई कर एसी बस में कन्वर्ट किया गया था। एसी में शॉर्ट सर्किट होने से आग लगने का अंदेशा जताया जा रहा है।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, बस पूरी भरी हुई थी ऐसे में, लोग बस की गैलरी में भी बैठे थे। जैसे ही शॉर्ट सर्किट हुआ, पीछे लगे एसी की यूनिट में आग लग गई।

हादसे के बाद बस को मिलिट्री बेस में ले जाया गया है।
दरवाजा लॉक हुआ
बस में अंदर फाइबर की बॉडी और परदे लगे थे, ऐसे में आग जल्दी-जल्दी बढ़ती रही। बस की खिड़कियां पूरे कांच की थी। जैसे ही बस की वायरिंग ने आग पकड़ी इसका दरवाजा लॉक हो गया। अचानक से फैली आग से लोगों को समझने का मौका नहीं मिला। ड्राइवर और कंडेक्टर सबसे पहले दरवाजा तोड़कर बाहर निकले। यहां मौजूद लोगों ने आरोप लगाया है कि बस में फायर सेफ्टी उपकरण नहीं थे।

हादसे में 2 मासूम भी झुलसे हैं जिन्हें जोधपुर रेफर किया गया है।

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