मोगा जिले के कस्बा कोट इसेखां की तत्कालीन एस.एच.ओ. इंस्पेक्टर अर्शदीप कौर ग्रेवाल ने आखिरकार करीब नौ महीने फरार रहने के बाद मोगा की मनोयोग कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। एन.डी.पी.एस. एक्ट और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज गंभीर रिश्वतखोरी मा
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इंस्पेक्टर अर्शदीप कौर ग्रेवाल
अक्टूबर 2024 में पुलिस टीम ने कोट इसेखां में एक ड्रग तस्कर अमरजीत सिंह और उसके दो सहयोगियों को 2 किलोग्राम अफीम के साथ पकड़ा था। एफ.आई.आर. के अनुसार अर्शदीप कौर और उनके साथ दो हेड कांस्टेबल (मुंशी) ने कानूनी कार्रवाई करने के बजाय तीनों आरोपियों को 5 लाख रुपए की रिश्वत लेकर रिहा कर दिया।
सही पाए गए आरोप
डी.एस.पी. स्तर की आंतरिक विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद इंस्पेक्टर अर्शदीप कौर, दो हेड कांस्टेबल गुरप्रीत सिंह और राजपाल सिंह को निलंबित कर दिया गया था और उन पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही अर्शदीप कौर फरार थीं। उनकी अग्रिम जमानत याचिका भी अदालत ने खारिज कर दी थी।
सोशल मीडिया पर लगाए थे गंभीर आरोप
फरार होने के बाद अर्शदीप कौर ग्रेवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से मोगा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न और एक कांग्रेस नेता के हत्या मामले में आरोपियों को क्लीन चिट देने का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए थे। जिसकी पुलिस ने जांच शुरू की थी।
कोर्ट में नाटकीय सरेंडर
लगभग नौ महीने तक पुलिस और कोर्ट की पहुंच से दूर रहने के बाद, इंस्पेक्टर अर्शदीप कौर ग्रेवाल ने चुपचाप मनोयोग कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अब देखना यह होगा कि कोर्ट उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजती है या पुलिस रिमांड की मांग करती है।