पंजाब से पाकिस्तान गई सरबजीत कौर ने कहा- अगर सच्चा प्यार होता है, तो दिल में यह एहसास जरूर रहता है कि हम एक-दूसरे से मिलेंगे।
पंजाब से पाकिस्तान गई सरबजीत कौर की रिहाई के बाद पहली बार उसकी बातचीत का वीडियो सामने आया है, जिसमें उसकी खुशी साफ झलक रही है। उसने पाकिस्तान की मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी भावनाएं साझा कीं। इस दौरान उसके साथ उसका पति नासिर हुसैन भी नजर आया।
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सरबजीत ने कहा कि अगर सच्चा प्यार होता है, तो दिल में यह एहसास जरूर रहता है कि हम एक-दूसरे से मिलेंगे। उसने बताया कि उनका प्यार आज का नहीं, बल्कि पिछले 8 साल से है।
उसने भावुक होकर कहा कि अगर उसके मुंह में दांत भी न रहते, तब भी वह पाकिस्तान जरूर आती। सरबजीत ने कहा कि अब वह अपनी बाकी जिंदगी पाकिस्तान में खुश रहकर बिताएगी।

सरबजीत कौर का पति नासिर हुसैन जानकारी देते हुए।
सरबजीत कौर की 3 बड़ी बातें
- पाकिस्तान में बहुत बढ़िया हूं: सरबजीत कौर ने कहा कि मैं नूर हुसैन (सरबजीत कौर) अपने पति नासिर हुसैन के साथ हूं। मैं पाकिस्तान में बहुत बढ़िया हूं। मेरे वकील हसन, जो शेखूपुरा के हैं, उन्होंने मेरा केस हर जगह से जीतकर आज मुझे बाहर लेकर आए हैं। सरबजीत नें कहा कि मैं अपने वकील की गाड़ी में बैठी हूं और वे मुझे घर तक छोड़कर आएंगे। मैं उनका बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करना चाहती हूं।
- सिर्फ अपने अल्लाह पर यकीन था: सरबजीत ने कहा कि उन्हें किसी इंसान पर भरोसा नहीं था, बल्कि उन्हें सिर्फ अपने अल्लाह पर यकीन था। जिस का उनहोंने कलमा पढ़ा, उसी की बदौलत आज वह आजाद होकर बाहर हैं और आज पूरे पाकिस्तान से बात कर रही हूं।
- बाकी की जिंदगी पाकिस्तान में ही बिताएंगे: सरबजीत ने सभी लोगों का दिल से शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उसका साथ दिया। आगे सरबजीत ने कहा कि अब वह मेहनत करके अपनी जिंदगी गुजारेंगी और बाकी की जिंदगी पाकिस्तान में ही बिताऊंगी।
वकीन ने सरकार से की घर दिलाने की मांग
वहीं वकील ने कहा कि अब सरबजीत कौर सब कुछ भारत से छोड़-छाड़ कर आई हैं। मैं पाकिस्तान की सरकार से गुजारिश करता हूं कि सरबजीत कौर को रहने के लिए घर दिया जाए और उसके पति को अच्छा काम दिया जाए।

सरबजीत कौर बोली-अपनी बाकी जिंदगी पाकिस्तान में खुश रहकर बिताऊंगी।
सिलसिलेवार ढंग से पढ़ें पूरा मामला…
1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ गई थी पाकिस्तान: कपूरथला के गांव अमानीपुर की रहने वाली सरबजीत कौर 4 नवंबर 2025 को श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ अमृतसर से अटारी बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान गई थी। यह सिख जत्था 10 दिन तक पाकिस्तान में रहा।
दर्शन करने के बाद जत्था 13 नवंबर को भारत लौटा: उन्होंने सिख गुरुओं से जुड़े विभिन्न स्थलों के दर्शन किए और 13 नवंबर को भारत वापस लौट आए। पूरे सिख जत्थे के एक साथ भारत लौटने से पहले अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज और 3 महिलाओं समेत कुल 9 श्रद्धालु पहले लौट आए थे।
सिख श्रद्धालुओं के साथ वापस नहीं लौटी: हालांकि जब श्रद्धालुओं का पूरा जत्था वापस लौटा तो 1923 की जगह 1922 लोग ही वापस पहुंचे। जब इसकी जांच हुई तो पता चला कि सरबजीत कौर वापस नहीं आई है। उसका नाम न तो पाकिस्तान के एग्जिट रिकॉर्ड में था और न ही भारत के एंट्री रिकॉर्ड में मिला। पहले माना गया कि वह लापता है। इसके बाद पाकिस्तान में भी लोकल पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी उसकी तलाश शुरू कर दी।
निकाहनामा और वीडियो वायरल होने से पता चला: इसके बाद अचानक उर्दू में लिखा सरबजीत का निकाहनामा वायरल हो गया। जिसमें लिखा था कि सरबजीत ने पाकिस्तान में इस्लाम धर्म अपना लिया है। उसने शेखुपुरा नूर हुसैन नाम के मुस्लिम व्यक्ति से निकाह कर लिया है।
सरबजीत पर कपूरथला में कई केस चल रहे: सरबजीत के गांव के लोगों का कहना था कि महिला के दो बेटे हैं। इनके खिलाफ भी सुल्तानपुर लोधी में 10 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। गांव अमानीपुर के अंदर सरबजीत की आलीशान कोठी है। उसका लोगों से ज्यादा मिलना जुलना नहीं था।
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भारत से पाकिस्तान गई पंजाबी महिला सरबजीत कौर की नई तस्वीर सामने आई है, जिसमें वह अपने वकील के साथ कार में बैठी नजर आ रही है। जानकारी के अनुसार, सरबजीत कौर किसी कानूनी प्रक्रिया के सिलसिले में अपने वकील के साथ जा रही थी।
सरबजीत कौर को 11 फरवरी को शेल्टर होम से रिहा कर दिया गया। इसके बाद वह अपने पति के घर वापस चली गई। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसे राजनीतिक कारणों से कैद में नहीं रखा जा सकता। अधिकारियों के अनुसार, उसका रिहाई का फैसला कानूनी और मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया। (पढ़ें पूरी खबर)