औरैया2 मिनट पहले
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औरैया के पुण्यश्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में आज एक गरिमामय ‘श्वेत कोट समारोह’ का आयोजन किया गया। इस समारोह में नवप्रवेशी एमबीबीएस बैच 2025 के छात्रों को औपचारिक रूप से चिकित्सा पेशे में शामिल किया गया। यह महाविद्यालय का दूसरा शैक्षणिक सत्र है।
समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्यों ने छात्रों को श्वेत कोट पहनाया। यह श्वेत कोट चिकित्सा क्षेत्र में सेवा, समर्पण और नैतिक मूल्यों का प्रतीक माना जाता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य प्रोफेसर डॉ. मुकेश वीर सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि श्वेत कोट केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि यह सेवा, करुणा और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने भावी चिकित्सकों से रोगों का उपचार करने के साथ-साथ समाज की सेवा का भी संकल्प लेने का आह्वान किया।
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उपप्रधानाचार्य डॉ. मनोज कुमार मेघवानी ने छात्रों को अच्छे या बुरे समय में धैर्य न छोड़ने की सलाह दी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. पवन कुमार शर्मा ने व्यावहारिक ज्ञान के महत्व पर जोर दिया, जबकि डीन एकेडेमिक्स डॉ. मेधा दास ने अनुशासन और वरिष्ठजनों के प्रति सहज व्यवहार बनाए रखने की सलाह दी।
दंत विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. जूही यादव ने नियमों का पालन करने और प्रतिदिन कुछ नया सीखने के लिए प्रोत्साहित किया।कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. संजीव दवे ने छात्रों को चरक शपथ दिलाई। इस शपथ के माध्यम से छात्रों ने मानवता की सेवा करने और अपने पेशे में ईमानदारी व निष्ठा बनाए रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी संकाय सदस्यों ने छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के इस नए सफर की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं और बधाई दीं। इस अवसर पर डॉ. अमन कुमार, डॉ. आदित्य पांडे, डॉ. राहुल वर्मा, डॉ. घनश्याम मिश्रा, डॉ. संतोष कन्ना, डॉ. राहुल कुमार शुक्ला, डॉ. पुष्पेंद्र पुष्कर, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. पूनम तिवारी, डॉ. कुमकुम रानी, डॉ. अलंकृता आचार्य, डॉ. प्रियंका साहू सहित अन्य संकाय सदस्य, जूनियर रेजिडेंट्स और फ़ॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स उपस्थित रहे।