तिरुवनंतपुरम12 मिनट पहले
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मुख्य आरोपी उन्निकृष्णन पोट्टी
केरल के पठानमथिट्टा की रणनी कोर्ट ने शुक्रवार को सबरीमाला गोल्ड चोरी केस के मुख्य आरोपी उन्निकृष्णन पोट्टी को 30 अक्तूबर तक SIT की रिमांड पर भेज दिया है। SIT ने गुरुवार शुक्रवार की रात 2:30 बजे उसे हिरासत में लिया था।
शुक्रवार सुबह 14 घंटे से ज्यादा पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ले जाते समय आरोपी ने कहा कि उसे किसी ने फंसाया है और दोषी कानून के सामने आएंगे। कोर्ट के बाहर भीड़ में किसी ने पोट्टी पर जूता फेंक दिया। जूता फेंकने वाले को पुलिस ने पकड़ा लिया।
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में पाया कि द्वारपालक मूर्तियों के सोने के प्लेट्स का वजन पोट्टी को सौंपते समय 42.8 किलो था, लेकिन चेन्नई की कंपनी स्मार्ट क्रिएशंस को पहुंचने पर 38.2 किलो रह गया।
इसके बाद हाईकोर्ट ने ट्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड (TDB) की विजिलेंस विंग से शुरुआती जांच कराई। जांच में पोट्टी की भूमिका संदिग्ध पाई गई जिसके बाद कोर्ट ने SIT गठन करने का फैसला लिया था।

इन्हीं मूर्तियों के नीचे के बोर्ड से चोरी हुआ था सोना।
12 अक्टूबर: रिपोर्ट में दावा- पोट्टी की कोई इनकम नहीं
त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड (TDB) की विजिलेंस टीम ने सबरीमाला मंदिर की द्वारपालक मूर्तियों से सोने का वजन कम पाए जाने के मामले में अंतिम रिपोर्ट 12 अक्टूबर को कोर्ट को सौंपी थी। सौंपी गई रिपोर्ट से सामने आया कि सोना चढ़ाने का काम स्पॉन्सर करने वाले उन्निकृष्णन पोट्टी का कोई परमानेंट इनकम सोर्स नहीं है।
शुरुआती जांच में पोट्टी के 2017 से 2025 तक के आयकर रिटर्न को भी जांचा गया। इससे पता चलता है कि सोना चढ़ाने का काम दूसरे व्यापारियों ने स्पॉन्सर किया था जिसे पोट्टी ने अपने नाम से बताया। इसी रिपोर्ट के आधार पर SIT जांच कर रही है।

कई बार लाखों रुपए जमा हुए और मंदिर को दान दिए
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025-26 में पोट्टी के बैंक खाते में कमाक्षी एंटरप्राइजेज से 10.85 लाख रुपए जमा हुए। जो अन्य सामाजिक या सामुदायिक सेवा कैटेगरी में दर्ज हैं। जांच में सामने आया कि गर्भग्रह के दरवाजे की मरम्मत और सोना चढ़ाने का काम जो पोट्टी ने स्पॉन्सर किया था, असल में बल्लारी के व्यापारी गोवर्धनन ने उसके पैसे दिए थे।
इसी तरह, गर्भग्रह के दरवाजे के फ्रेम पर सोना चढ़ाने का काम भी बेंगलुरु के व्यापारी अजीत कुमार ने स्पॉन्सर किया था। पोट्टी ने मंदिर को कई दान भी दिए थे। जनवरी 2025 में उन्होंने मंदिर के 18 सीढ़ियों के दोनों ओर विभिन्न पूजा और सजावट का काम स्पॉन्सर किया था।
उन्होंने अन्नदान मंडप की लिफ्ट के लिए 10 लाख रुपये और अन्नदान (मुफ्त भोजन सेवा) के लिए 6 लाख रुपये दिए। इससे पहले 2017 में उन्होंने मंदिर को 8.2 लाख रुपये के साथ 17 टन चावल और 30 टन सब्जियां दान की थीं।
11 अक्टूबर: TDB ने लिया अधिकारियों पर एक्शन लेने का फैसला
सबरीमाला मंदिर में सोना चोरी केस में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) की विजिलेंस विंग ने 9 अधिकारियों के खिलाफ ऐक्शन लेने का फैसला किया।
TDB अध्यक्ष पीएस प्रसांत ने शनिवार को कहा- डिप्टी देवास्वोम कमिश्नर बी मुरारी बाबू के खिलाफ पहले ही कार्रवाई शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जिन पर एक्शन लिया जाएगा, उनमें TDB सेक्रेटरी जयश्री, एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सुदीश, प्रशासनिक अधिकारी श्रीकुमार और पूर्व तिरुवभरनम कमिश्नर केएस बैजू शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…
6 अक्टूबर: कोर्ट ने SIT गठित करने के निर्देश दिए थे
केरल हाईकोर्ट ने 6 अक्टूबर को कहा कि अब तक की जांच से लग रहा है कि सबरीमाला मंदिर के गेट पर रखी दो प्रतिमाओं (द्वारपालक) से सोने की हेराफेरी हुई है। कोर्ट ने मामले में क्रिमिनल केस दर्ज करने और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को जांच शुरू करने का निर्देश दिए थे।
जस्टिस राजा विजयराघवन वी और जस्टिस के वी जयकुमार की बेंच ने SIT को छह हफ्ते के भीतर जांच रिपोर्ट दाखिल करने और हर दो हफ्ते में एक बार जांच की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि जांच से जुड़ी कोई भी जानकारी लीक नहीं होनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…

उन्नीकृष्णन ने एक लड़की की शादी के लिए बचे हुआ सोना मांगा था
हाईकोर्ट ने 6 अक्टूबर को पिछली सुनवाई में द्वारपालक की मूर्तियों से सोने की चोरी मामले की जांच के लिए SIT गठित की थी। कोर्ट ने उन्नीकृष्णन पोट्टी के उस ईमेल का भी जिक्र किया, जो उसने 9 दिसंबर, 2019 को TDB के अध्यक्ष को भेजा था।
उन्नीकृष्णन ने ईमेल में लिखा था- सबरीमाला गर्भगृह के मुख्य द्वार और द्वारपालकों की मूर्तियों पर परत चढ़ाने के बाद मेरे पास कुछ सोना बचा है। मैं TDB के साथ मिलकर इसका इस्तेमाल एक लड़की की शादी के लिए करना चाहता हूं, जिसे मदद की जरूरत है। कृपया इस संबंध में अपनी राय दें।