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03:54 AM19 अक्टूबर 2025
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पटना में सबसे ज्यादा बागी उम्मीदवार
पटना की दीघा, पटना साहिब, कुम्हरार, मनेर, पालीगंज, दानापुर, बिक्रम और बाढ़ सीटों पर एनडीए और महागठबंधन को अंदरूनी विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
दीघा में भाजपा के संजीव चौरसिया के सामने जदयू के नाराज नेता रीतेश रंजन सिंह जन सुराज से मैदान में हैं, जबकि भाकपा माले की दिव्या गौतम तीसरा मोर्चा बना रही हैं।
पटना साहिब में नंदकिशोर यादव की जगह रत्नेश कुशवाहा को टिकट देने से मेयर पुत्र शिशिर कुमार बागी हो गए हैं। यहां भाजपा की गणित गड़बड़ा सकता है।
कुम्हरार में कांग्रेस ने भाजपा से आए डॉ. इंद्रदीप चंद्रवंशी को टिकट दिया है। मनेर में भाजपा के पुराने नेता गोपाल सिंह जन सुराज से ताल ठोक चुके हैं, जिससे एनडीए के लिए समीकरण कठिन हुआ है।
पालीगंज में सीट बंटवारे से नाराज पूर्व विधायक रामजन्म शर्मा निर्दलीय बनकर मैदान में हैं, वहीं महागठबंधन में भी राजद-माले के बीच तकरार है।
दानापुर में भाजपा के रामकृपाल यादव के खिलाफ पहले से ही अंदरूनी खींचतान है, मंडल अध्यक्ष के पाला बदलने से हालात और जटिल हुए हैं।
बिक्रम में एक ही नेता की कई दलों में आवाजाही ने सियासी माहौल दिलचस्प बना दिया है। यहां मंटु शर्मा जनसुराज से, जबकि भाजपा के सिद्धार्थ सौरभ और कांग्रेस के अनिल शर्मा आमने-सामने हैं।
बाढ़ में राजद जिलाध्यक्ष नमिता नीरज सिंह के इस्तीफे ने महागठबंधन की एकता पर सवाल खड़े किए हैं। वाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत नरकटियागंज, बगहा, लौरिया, नौतन, चनपटिया और बेतिया जैसी सीटों पर एनडीए से बागियों की लंबी फेहरिस्त है।
नरकटियागंज में भाजपा विधायक रश्मि वर्मा निर्दलीय मैदान में हैं, जबकि नौकरशाह से नेता बने एपी पाठक भी पर्चा भर चुके हैं। बगहा में भाजपा के पूर्व पदाधिकारी भूपनारायण यादव और दिनेश अग्रवाल ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है।