श्रीगंगानगर जिले में हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। AQI 220 के आस-पास पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक स्तर है। दीपावली के दौरान पटाखों के धुएं और खेतों में पराली जलाने की वजह से प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। इसे देख
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श्रीगंगानगर में AQI लेवल 220 से पार पहुंच चुका है।
जिले में पराली जलाने पर सख्ती
जिला कलेक्टर डॉ. मंजू ने प्रदूषण पर काबू पाने के लिए पराली सुरक्षा बल (Parali Suraksha Bal) का गठन किया है। यह विशेष दल किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए जागरूकता फैलाएगा। इसमें पुलिस और कृषि विभाग के अधिकारी शामिल हैं, जो गांव-गांव जाकर निगरानी करेंगे और किसानों को वैकल्पिक उपायों के बारे में बताएंगे।
बचाव के लिए करें ये उपाय
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घर से बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें, खासकर बच्चे और बुजुर्ग। साथ ही, सुबह-शाम की सैर से बचने और खिड़कियां बंद रखने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों ने भी सांस संबंधी मरीजों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। जिला प्रशासन ने पराली जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।