तिरुवनंतपुरम12 मिनट पहले
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केरल के प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर, गुरुवायूर मंदिर के खजाने में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। राज्य की ऑडिट डिपार्टमेंट ने 2019-20 और 2020-21 की अपनी रिपोर्ट में बताया है कि मंदिर में सोने-चांदी और अन्य कीमती सामानों के मैनेजमेंट में गंभीर अनियमितताएं हुईं हैं और सही प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर के अंदर दैनिक अनुष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले सोने और चांदी के बर्तनों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी हुई। इसका हिसाब रखने वाले डबल-लॉक रजिस्टर की जांच से पता चला कि इस्तेमाल के बाद मंदिर प्रबंधक, गुरुवायूर देवस्वोम को जो सामान लौटाए गए, अक्सर उनका वजन कम होता था।
कई बार तो सोने के सामान की जगह चांदी के सामान लौटा दिए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, एक सोने के मुकुट की जगह चांदी का मुकुट वापस दिया गया। एक चांदी के बर्तन का वजन दस महीनों में 1.19KG कम हो गया। एक चांदी के दिए का वजन कई सौ ग्राम घट गया।
2.65KG चांदी के बर्तन की जगह सिर्फ 750 ग्राम वजन का बर्तन रख दिया गया। सबसे बड़ी चूक गुरुवायूर देवस्वोम के पुन्नथुर कोट्टा सेंचुरी में हाथी के दांतों के रख-रखाव में हुई। ऑडिट में बताया गया कि पुन्नथुर कोट्टा से जमा किए गए 530KG से ज्यादा वजन के हाथी दांत गायब हैं।
देवस्वोम चैयरमेन बोले- मौजूदा बोर्ड के कार्यकाल से पहले का मामला गुरुवायूर देवस्वोम के अध्यक्ष वी के विजयन ने ऑडिट रिपोर्ट में मिली गड़बड़ियों पर कहा कि यह मामला मौजूदा बोर्ड के कार्यकाल से पहले का है। उन्होंने कहा- यह मामला वर्तमान बोर्ड के कार्यभार संभालने से पहले का है। यह पहले ही अदालत में जा चुका है, जहां देवस्वोम ने अपना जवाब दाखिल किया है।
गुरुवायूर देवस्वोम के अध्यक्ष ने हाथी के दांत गायब होने के दावे पर कहा- 2022 से अब तक, देवस्वोम से जुड़े छह हाथियों की मौत हो चुकी है। उन सभी मामलों में, वन विभाग की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम किए गए थे। हाथी दांत हमें कभी नहीं सौंपा गया। हमें केवल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलती है। ऑडिट रिपोर्ट में किए गए दावे पहले के हैं।