विदेश भेजने के नाम पर चंडीगढ़ में रोजाना लोग लाखों की ठगी के शिकार हो रहे हैं और चंडीगढ़ पुलिस द्वारा मामले में ठगी करने वाले इमिग्रेशन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत तो यह है कि साउथ वेस्ट डिवीजन में कुल 149 इमि
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इसके बावजूद भी ये धड़ल्ले से चल रही हैं। इसका खुलासा आरटीआई के जरिए हुआ है। वहीं, इसे लेकर चंडीगढ़ की एसएसपी को लिखित में शिकायत देकर मामले में सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा है।
डीसी बोले जांच के बाद कार्रवाई
वहीं इस मामले को लेकर चंडीगढ़ के डीसी निशांत यादव ने कहा कि यह मामला उनके ध्यान में नहीं है, मगर इसे लेकर वे चंडीगढ़ की एसएसपी से बात करेंगे और चेक करवाया जाएगा। अगर कुछ गलत पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चंडीगढ़ डीसी निशांत यादव।
आखिर किसकी मेहरबानी
चंडीगढ़ कोर्ट के वकील उज्जवल भसीन ने कहा कि वैरिफिकेशन अंडर प्रोसेस के बीच में अगर इन इमिग्रेशन वालों ने किसी के साथ ठगी कर ली और वे फरार हो जाते हैं तो उसका जिम्मेदार किसे ठहराया जाएगा? पुलिस तो बाद में खानापूर्ति के नाम पर एफआईआर दर्ज कर लेती है, लेकिन यह जिम्मेदारी बनती है पुलिस की कि वह समय पर वैरिफिकेशन कर चंडीगढ़ प्रशासन को सौंपे।
आखिर किसकी मेहरबानी से ये बिना परमिशन इमिग्रेशन कंपनियां चला रहे हैं और बाहर बड़े-बड़े बोर्ड भी लगा रखे हैं।
एसएसपी तक पहुंची शिकायत कार्रवाई का इंतजार
इस मामले में अब चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर के पास इमिग्रेशन वालो के खिलाफ शिकायत पहुंच चुकी है। ये शिकायत दी है। चंडीगढ़ जिला बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष एडवोकेट उज्जवल भसीन ने। शिकायत में कहा ऐसे इमिग्रेशन दफ्तर चल रहे हैं जो किसी भी वैध रजिस्ट्रेशन या अनुमति के बिना लोगों से पैसे लेकर वर्क वीजा और रोजगार से जुड़े दस्तावेज तैयार करने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस ने अब तक सख्त कार्रवाई नहीं की है और कुछ मामलों में आरोपियों को पुलिस की मौन सहमति या राजनीतिक संरक्षण भी मिल रहा है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और प्रवासन अधिनियम, 1983 के तहत FIR दर्ज करने की मांग की है।
आगे कहा इन सभी फर्मों की तत्काल जांच कर बिना लाइसेंस वाले दफ्तरों को सील किया जाए और इस पूरे रैकेट की पारदर्शी जांच के लिए क्राइम ब्रांच या SIT का गठन किया जाए।
जबाव देने से कतरा रहे अधिकारी
इस मामले को लेकर जब डीएसपी साउथ वेस्ट अनुराग दारू से मिलने उनके सेक्टर 39 दफ्तर में गए तो उन्होंने मिलने से पहले अपने स्टाफ के जरिए सवाल पूछने के लिए बोला। स्टाफ कर्मी को बताया गया कि साउथ वेस्ट में कुल 149 इमिग्रेशन कंपनी है जिनमें से 43 वेरिफाइड है और 106 वैरिफिकेशन अंडर प्रोसेस है।
क्या जो 106 वैरिफिकेशन अंडर प्रोसेस है वो खुल सकते है या नहीं। जिसके बाद डीएसपी दारू का जबाव आया कि अभी मिलने का समय नहीं है।